Apni Sagi Maa ki chudai:– हैलो दोस्तो, मैं आपका दोस्त पिछली कहानी का भाग 2 लेके आया हु.
आंटी कुछ बोल नहीं रही थी मगर वह मेरा मुँह बार बार हटा रही थी मगर मैं लगातार आंटी की चूत चाटे जा रहा था मैंने कहानी और वीडियो में देखा था इससे औरत जल्दी गरम हो जाती है और उसे बहुत मज़ा आता है.
मैंने एक ऊँगली आंटी की चूत में डाल दी और ऊँगली करते हुए उनकी चूत को चाटने लगा. आंटी अभी भी मेरा हाथ रोक रही थी मगर अब मुझे उनकी चूत का गीलापन महसूस होने लगा था

मुझे ये देखकर बहुत खुसी हुई की मैंने आंटी की चूत को गिला कर दिया था मैं बिलकुल आनाड़ी था मगर वीडियो और कहानी से जो सीखा था वह काम आ रहा था कुछ देर चूत चाटने के बाद मे उठ गया और आंटी ने अपनी साड़ी नीचे कर ली आंटी मुझे ही घूर के देख रही थी मगर अब मुझे उनकी आँखों में गुस्सा नहीं दिख रहा था.
मैंने आंटी को घुमा के झुका दिया और उनकी साड़ी फिर से ऊपर करने लगा आंटी को लगा मैं उनकी चुदाई करने जा रहा हु
आंटी -बेटा अभी ये मत कर तेरी मम्मी किसी भी पल आ जाएँगी कही वह हमें देख न ले मगर मैंने अपना मुँह आंटी की गांड में लगा दिया और उनकी चूत और गांड दोनों को चाटने लगा क्या मस्त गोरी और मोटी गांड थी आंटी की मेरा तो मन कर रहा था की अभी अपना लंड आंटी की गांड में डाल दू मगर ये चुदाई का सही टाइम नहीं था.
क्युकी मम्मी कभी भी आ सकती थी और मैं आंटी को तसल्ली से चोदना चाहता था मगर मैंने सोचा जब तक मुझे सही टाइम नहीं मिलता तब तक आंटी को ही खुश कर देता हु और मैं पूरी शिद्दत से आंटी की चूत और गांड को चाटने लगा मेरी जीभ आंटी की गांड के छेद पर घूम रही थी और अपने हाथ से मैं आंटी की चूतको रगड़ रहा था Apni Sagi Maa ki chudai
Apni sagi maa ki chudai ki story
आंटी की चूत पानी पानी हो रही थी और मैं लगातार उनकी चूत और गांड को रगड़ते हुए चाट रहा था और जल्दी ही आंटी का शरीर कांप गया उनका पानी निकल गया था फिर मैं खड़ा हो गया और आंटी को अपनी तरफ घुमा लिया
अब आंटी के चेरे पर संतुष्टि के भाव थे और वह पूरी तरह से अपना गुस्सा भूल गयी थी मैंने फिर से आंटी के होंठों को अपने मुँह में भर लिया और उनके होंठों को चूसने लगा आंटी वैसे ही खड़ी हुई थी और तभी घंटी बजी और आंटी और मैं अलग हो गए
आंटी अपना काम करने लगी और मैं गेट खोलने चला गया मैंने देखा मम्मी आ गयी थी फिर वह अंदर आ गयी और आंटी को काम करता देख वह बाथरूम चली गयी
जैसे ही वह बाथरूम गयी मैं तुरंत आंटी के पास गया और उन्हें पीछे से पकड़ के उनकी चूचिया दबाने लगा
आंटी – ये क्या कर रहा है तू तेरी मम्मी आ गयी है अब तो छोड़ दे मुझे
मैं -अरे आंटी वह बाथरूम गयी है वैसे सच कहु आंटी आपकी चूत और गांड चाट के आज सच में जन्नत वाली फीलिंग आ रही थीआंटी मेरी बात सुनके थोड़ा शर्मा गयी और उन्होंने मुझे अलग कर दिया फिर मैं आपने कमरे में आ गया और आंटी भी चली गयी
फिर अगली सुबह जब आंटी आयी तो मैं उनका ही इंतजार कर रहा थाजैसे ही वह मेरे कमरे में आयी मैंने उन्हें पकड़ लिया और उनके होंठों को चूसने लगा इस बार आंटी ने कुछ भी नहीं कहा और मैंने जल्दी से आंटी की साड़ी ऊपर कर दी और साड़ी ऊपर होते ही मैं फिर से उनकी चूत चाटने लगा कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने उन्हें छोड़ दिया और वह काम करके बहार निकल गयी
मगर उनके निकलते ही मैं भी उनके पीछे गया आंटी रस्ते मैं जा रही थी तभी मैंने उन्हें रोक दियाऔर अपनी पॉकेट से एक ब्रा पेंटी का सेट निकला जो मैं रात को लेके आया था आंटी देखते ही चौक गयी
आंटी – ये क्या लेके आया है तू?मैं -आंटी कल रात में आपके लिए लेके आया था अभी सुबह आपको देना भूल गया इसका पैकेट मैंने फेक दिया नहीं तो मम्मी को शक होता
आंटी – बेटा मुझे ये नहीं चाहिए इसे ले जा मैं – अरे आंटी अब ले भी लो मैं ये सिर्फ आपके लिए लेके आया हु आपके ऊपर बहुत अच्छी लगेगीफिर मैंने ब्रा पेंटी आंटी के पॉलीबैग मैं डाल दी और फिर आंटी चली गयी Apni Sagi Maa ki chudai
अब हर रोज मैं आंटी से मज़े लेने लगा और उनकी चूत और गांड को चाटने लगा और वह भी मुझसे खुलने लगी मगर अभी तक मुझे खुल के मौका नहीं मिला था.
मगर फिर एक दिन मुझे वह मौका मिल गया जिसका मुझे कब से इंतजार था मम्मी और पापा को एक रिश्तेदार के घर जन्मदिन की पार्टी में जाना थामगर मैंने उन्हें जाने से मना कर दिया और फिर मम्मी तैयार होने लगे, पापा बाथरूम में थे इसीलिए मैं मम्मी को ही देख रहा था मम्मी ने गेट बंद नहीं किया था.
बस उसे हल्का सा बंद कर दिया था क्युकी मम्मी को किसी का डर नहीं था वैसे भी घर में पापा और मैं ही तो थे मैंने हलके से झुक कर देखा तो मम्मी ब्रा के ऊपर ब्लाउज पहन रही थी और नीच उन्होंने नीली पेंटी पहनी हुई थी.
मैं मम्मी को देखकर अपना लंड सहलाने लगा मम्मी की बड़ी और मोटी गांड उनकी पेंटी में फसी हुई थी फिर उन्होंने पेटी कोट भी पहन लिया और फिर वह साड़ी पहनने लगी और तभी मैं अंदर कमरे में घुस गया मम्मी ने मेरी तरफ देखा और फिर से वह साड़ी पहनने लगी
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मैं जाके मम्मी के बेड पर बैठ गया और मम्मी को साड़ी बांधते देखने लगा ब्लाउज और ब्रा में फसी मम्मी की चूचिया एक दम टाइट लग रही थी और उनका वह गोरा पेट और गहरी नाभि मेरे सामने थी मेरी नज़र लगातार मम्मी के ऊपर ही थी
तभी मम्मी बोली, मम्मी – क्या देख रहा है बेटा?
मैं – मम्मी ये साड़ी आपके ऊपर बहुत अच्छी लग रही है आप बहुत सुंदर लग रहे हो
मम्मी – हा हा हा अच्छा जी वैसे तू क्यों नहीं चल रहा है? सब लोग तेरे बारे में पूछेंगे
मैं -अरे मम्मी मेरा बिलकुल मन नहीं है वैसे भी रिश्तेदार बहुत सवाल जवाब करते है
मम्मी – चल ठीक है मैं आंटी को बोल दूंगी वह तेरे लिए कुछ बना देंगी
मैं – मम्मी रहने दो मैं कुछ खरीद के खा लूंगा आप उसकी टेंशन न लो चलो मैं आपकी फोटो लेता हु
फिर मैं मम्मी की फोटो लेने लगा और वह नीली साड़ी मैं क़यामत लग रही थी फिर मैं मम्मी के पास गया और सेल्फी लेने लगा सेल्फी लेते हुए मैंने अपना हाथ मम्मी की कमर पर रख दिया और उनकी कमर को पकड़ लिया, क्या मखमली मुलायम कमर है मम्मी की मैंने काफी सारे फोटो ले लिए फिर पापा भी आ गए और वह मुझे देखने लगे.
पापा – अरे बेटा कभी आपने बाप के साथ भी सेल्फी ले लिया कर
मैं – पापा अगर अभी सेल्फी लूंगा तो आप डॉन के नाम से बदनाम हो जाओगे मेरी बात सुनके मम्मी पापा हसने लगे फिर पापा भी तैयार हो गए और फिर मैंने फॅमिली सेल्फी ली और उसके बाद पापा मम्मी चले गए, अब मैं बस आंटी का इंतजार कर रहा था और फिर कुछ देर में आंटी भी आ गयी जैसे ही मैंने दरवाजा खोला आंटी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी अब आंटी मुझसे काफी खुल गयी थी।
आंटी -बेटा मम्मी कहा गए है?
मैं – आंटी मम्मी और पापा एक पार्टी में गए है और अब हम दोनों ही घर में है मेरी बात सुनते ही आंटी ने मुझे देखकर स्माइल किया और वह किचन में जाके बर्तन साफ़ करने लगी मैं भी किचन में गया और उन्हें पीछे से पकड़ लिया आंटी आपने काम करती रही और मेरा हाथ उनकी चूचिया पर चला गया Apni Sagi Maa ki chudai
मैं आंटी की पीठ को चुम रहा था और उनकी चूचियों को दबा रहा थाआंटी – पहले मुझे बर्तन तो साफ कर लेने दे
मैं -आंटी बर्तन बाद में देख लेना ऐसा मौका फिर पता नहीं कब मिलेगा मैंने आंटी को सीधा कर दिया और उनके होंठों को चूसने लगा.
अब आंटी भी मुझसे खुल गयी थी और वह भी अब मेरे होंठों को चूस रही थी मेरे हाथ आंटी की चूचियों को मसल रहे थे और फिर मैं नीचे बैठ गया और मैंने आंटी की साड़ी का पल्लू हटा दिया और पल्लू नीचे कर दिया.
आंटी का खुला हुआ पेट मेरे सामने था आंटी की गोल और गहरी नाभि को देखकर मैं पगला गया और फिर मैं आंटी की नाभि को चाटने लगा.
आंटी ने भी अपनी आँखे बंद कर ली और मैं उनकी नाभि को चाटने लगा मैंने चूस चूस के आंटी का पूरा पेट गिला कर दिया था फिर मैं खड़ा हो गया और आंटी के होंठों को चूसते हुए उनके ब्लाउज के हुक खोलने लगा मैंने आंटी का ब्लाउज खोल दिया और अंदर आंटी मेरी लायी हुई काली ब्रा पहनी हुई थी.
जो उनके ऊपर बहुत अच्छी लग रही थी मैंने जल्दी से आंटी का ब्लाउज निकाल के साइड में फेक दिया और उन्हें उठा के अपने कमरे में ले आया.
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अंदर आते ही मैंने आंटी की ब्रा को भी निकाल दिया आंटी की बड़ी बड़ी चूचिया देखकर मेरी आँखों में चमक आ गयी और मैं जल्दी से उन्हें पकड़ के चूसने लगा मैं जल्दी जल्दी आंटी की चूचिया चूस रहा था.
जैसे किसी बच्चे को उसका मन पसंद खिलौना मिल गया हो आज ज़िंदगी में पहली बार मैं चुदाई करने वाला था मैंने आंटी की चूचिया चूस चूस के लाल कर दी और फिर मैं उनकी साड़ी निकालने लगा और मैंने जल्दी से आंटी की साड़ी और पेटीकोट निकाल दिया अब आंटी मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी.
फिर मैंने जल्दी से अपने कपडे भी निकल दिया और मेरा 7 इंच का लंड कुछ जयादा ही टाइट हो गया था फिर मैंने आंटी को बेड पर लिटा दिया और उनकी दोनों टाँगे फैला के अपना मुँह उनकी चूत पर लगा दिया.
मेरी जीभ आंटी की चूत पर घूम रही थी और आंटी मेरे बालो में हाथ फेर रही थी मुझे सच में चूत चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था इतने दिनों में कई बार मैं आंटी की चूत और गांड को चाट चूका था.
कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने आंटी को बेड के किनारे पर खींच लिया फिर मैं अपनी टेबल से कंडोम का डब्बा लेके आया जो मैं बाजार से पहले ही ले आया था.
मैंने जल्दी से कंडोम अपने लंड पे चढ़ाया और जल्दी से अपना लंड आंटी की चूत पर लगा दिया आज मैं कुछ जयादा ही हड़बड़ा गया था मैंने जल्दी से अपना लंड आंटी की चूतमें डाल दिया और मेरा पूरा लंड आंटी आराम से अंदर ले गयी आंटी की गरम चूत में मेरा लंड मुझे जन्नत का अहसास दे रहा था .
तभी हर इंसान चूत के लिए पागल रहता है क्युकी ये दुनिया की सबसे हसीं चीज है और आंटी की चूत मिलने से मैं इतना पगला गया था की मैं जल्दी जल्दी धक्के लगाने लगा मुझे मज़ा आ रहा था मगर तभी आंटी बोली.
आंटी – बेटा आराम से कर मगर आज मैं कहा मानेने वाला था मैं वैसे ही तेज तेज धक्के लगाने लगा और बस 10-12 धक्को में ही मेरा पानी निकल गया और मैं आंटी से चिपक गया आंटी वैसे ही लेटी हुई थी मगर मुझे खुद पर बहुत शर्म आ रही थी कहानी और वीडियो में चुदाई को देखना और उसे असली में करना दोनों मैं बहुत फरक होता है.
अगर चुदाई में जल्दबाज़ी करो तो वही होता है जो अभी मेरे साथ हुआ है मैं आंटी के ऊपर से उठ गया और कंडोम निकाल के साइड में रख दिया इस समय मैं आंटी से नज़र भी नहीं मिला प रहा था मैं जैसे ही आंटी के पास से हटने लगा तभी आंटी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे खुद के पास बैठ लिया. Apni Sagi Maa ki chudai
आंटी -बेटा इसमें शर्मिंदा होने की जरुरत नहीं है मैं जानती हु तेरा पहली बार है इसीलिए तू जयादा उत्तेजित हो गया था हलके हलके सब ठीक हो जायेगा आंटी की जगह अगर कोई और होती तो शयद मुझे गाली देके चली जाती मगर आंटी के साथ अब मेरा रिस्ता अच्छा हो गया था और इसीलिए उन्होंने मुझे समझाया.
फिर आंटी बेड से उतर के नीचे बैठ गयी फिर उन्होंने मेरा लंड अपने पेटीकोट से साफ़ किया और उसे आगे पीछे करने लगी मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा और आंटी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया ओह माय गॉड उस समय आंटी से लंड चुसवाने में जो मज़ा आ रहा था उसके आगे दुनिया का हर मज़ा बेकार है आंटी मेरे लंड के सुपडे पर अपनी जीभ फिर रही थी और मैं बेड की चद्दर को जोर से पकडे बैठा था.
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आंटी ने मेरा लंड चूस के खड़ा कर दिया और फिर मैंने आंटी को नीचे से उठाया और फिर मैं उनके होंठों को चूसने लगा आंटी भी मेरा साथ दे रही थी आंटी फिर से आके बेड के किनारे पर लेट गयी और जैसे ही मैं कंडोम पहनने लगा आंटी ने खुद मुझे रोक दिया और फिर मैंने ऐसे ही अपना लंड आंटी की चूत में डाल दिया मेरा पूरा लंड आंटी की चूतके अंदर था.तभी आंटी बोली:
आंटी – अब इसे थोड़ी देर ऐसे ही रहने दो फिर आराम आराम से आगे पीछे करना और जब तुम्हे लगे की तुम्हारा निकलने वाला है तब अपना बहार निकल लेना मैंने वैसे ही किया.
जैसे आंटी मुझे कह रही थी मैं हलके हलके अपना लंड अंदर बहार करने लगा और आंटी और मुझे हम दोनों को मज़ा आने लगा फिर मैं आंटी के ऊपर झुक गया और उनकी चूचिया चूसते हुए चुदाई करने लगा मुझे जैसे ही लगा मेरा निकलने वाला है तभी मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया और मुझे देखकर आंटी भी समझ गयी तभी आंटी आंटी बोली:
आंटी -बेटा अब जोर जोर से सांस लो और छोडो इससे ये जल्दी संभल जाता है और आंटी के कहने से मैं जोर जोर से सांस लेने लगा और मैंने देखा की मेरा पानी फिर से रुक गया था आंटी एक चुदाई गुरु की तरह मुझे चुदाई के पढ़ा पड़ा रही थी और मैं भी हलके हलके सारे पाठ पढ़ रहा था.
मैंने फिर से अपना लंड आंटी की चूत में डाल दिया और फिर से उनकी चुदाई करने लगा जैसे ही मुझे लगता मेरा निकलने वाला है मैं जोर जोर से सांस लेता और चोदता इससे मेरा पानी कण्ट्रोल हो जाता फिर मैं आंटी से बोला:
मैं -आप घोड़ी बन जाओ मैं अब पीछे से करूँगा आंटी तुरंत घोड़ी बन गयी और उनकी गोरी और मोटी गांड मेरे सामने थी मैंने आंटी की गांड में अपना मुँह लगा दिया और उनकी गांड का छेद चाटने लगा आंटी वैसे ही घोड़ी बनी रही और मैं उनकी गांड को चाटता रहा कुछ देर गांड चाटने के बाद मैंने अपना लंड आंटी की चूत में डाल दिया और आंटी की गांड को पकड़ के धक्के लगाने लगा कमरे में थप थप की आवाज गूंज रही थी और अब आंटी भी अहह अह्ह्ह कर रही थी बीच बीच में रुक रूककर मैं अपना पानी निकलने से रोक देता था और फिर चुदाई में लग जाता था. Apni Sagi Maa ki chudai
इस बार की चुदाई मुझे वह मज़ा दे रही थी जिसके लिए मैं कब से तरस रहा था, आंटी के सिखाये तरीके से चुदाई करके मैंने आंटी का ही पानी निकाल दिया था और.
अब मैं फिर से जल्दी जल्दी चुदाई में लग गया मैंने आंटी को सीधा लिटा दिया और फिर से उनके ऊपर आके चुदाई करने लगा मैं आंटी के होंठों को चूस रहा था और वह भी आँखे बंद करके मेरे होंठों को चूस रही थी फिर और कुछ देर धक्के लगा के मैंने अपना पानी आंटी की नाभि में भर दिया.
मैं आंटी की टांगो के बीच बैठा आंटी को ही देख रहा था और वह भी मुझे ही देख रही थी फिर मैंने कपडे से अपना पानी साफ़ कर दिया और आंटी के बगल में जाके लेट गया.
मैं फिर से आंटी की चूचियों को दबाने लगा और आंटी के होंठों को चूसने लगा हम दोनों के नंगे बदन आपस में चिपके हुए थे.
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और में यही सोच रहा था की कास आंटी की मम्मी होती तो कितना मज़ा आता। मैं- आंटी आप बहुत अच्छे हो अगर आपकी जगह कोई और औरत होती तो मुझे छोड़ के चली जाती मगर आपने ऐसा नहीं किया
आंटी -बेटा तू भी बहुत अच्छा है जिन जिन लोगो के साथ मैंने ये किया है वह सब बस मुझे इस्तेमाल करते है और अपना काम निकाल लेते है मगर जिस तरह तू मुझे प्यार करता है मुझे ऐसा लगता ही नहीं है की मैं एक काम वाली हु तेरे पास मेरा राज़ था मगर फिर भी तूने किसी को नहीं बताया.
मैं – आंटी मैं आपको सच में बहुत पसंद करता हु इसीलिए आपको समझता हु
आंटी – सच कहु तो मैंने कभी नहीं सोचा था की मेरा तेरे साथ ये रिश्ता बनेगा शुरू में मुझे भी बुरा लगा था मगर तुम उन बाकी लोगो से तो लाख गुना अच्छे हो जिनके साथ मैंने ये सब किया है कम से कम तुम मुझे एक औरत तो समझते हो फिर आंटी और मैं एक दूसरे के होंठों को चूसने लगी आंटी के होंठों को चूसने के बाद मैं आंटी की चूचिया चूसने लगा और वह मेरे बालो में हाथ फिर रही थी तभी आंटी बोली.
आंटी – बेटा जो करना है जल्दी से कर लो आज टाइम काफी हो गया है मेरा बेटा इंतजार कर रहा होगा आंटी की चूचिया चूसने के बाद मैं आंटी की टांगो के बीच आ गया और इस बार आंटी ने खुद अपनी टाँगे फैला ली मैंने भी देर किये बिना अपना मुँह आंटी की चूत पर लगा दिया और उनकी चूत चाटने लगा आंटी अपने होंठों को मुँह में दबा रही थी और मैं उनकी चूत चाट रहा था तभी आंटी का मोबाइल बजने लगा और आंटी ने तुरंत मेरी तरफ देखा
आंटी – बेटा लगता है मेरे बेटे का फ़ोन आ रहा है.
मैं -आंटी उससे कह दो की मेरे घर कोई नहीं है इसीलिए आप मेरे लिए कुछ खाने के लिए बना रही हो आंटी ने कॉल उठा लिया और वह ऐसे ही लेटे लेटे अपने बेटे से बात करनी लगी और मैं उनकी चूत फिर से चाटने लगा आंटी मुझे ही देख रही थी और मैं उन्हें हसके दिखा रहा था तभी मैंने आंटी से मोबाइल ले लिया.
मैं -आशु – (आंटी का बीटा) मैं आंटी को अभी छोड़ जाऊंगा वह आज सब बहार गए है इसीलिए आंटी मेरे लिए कुछ खाने को बना रही है.
आशु -ठीक है भैया बस मम्मी इतनी देर आयी नहीं इसीलिए चिंता हो रही थी फिर मैंने मोबाइल साइड में रख दिया और आंटी के ऊपर आ गया.
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आंटी – बेटा तू तो बिलकुल पागल है यहाँ मैं अपने बेटे से बात कर रही हु और तू मेरी…आंटी फिर बोलते बोलते रुक गयी वैसे भी हर औरत को थोड़ा टाइम तो चाहिए ही होता है मैं आंटी के सीने पर बैठ गया और अपना लंड उनके मुँह में देने लगा.
आंटी ने भी तुरंत मेरा लंड मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी कुछ देर लंड चूसने के बाद आंटी खुद मेरे ऊपर आ गयी और मेरा लंड पकड़ के उसे अपनी चूत में डालने लगी और मेरा पूरा का पूरा लंड आंटी की चूत में समां गया और फिर वह खुद ऊपर नीचे होने लगी आंटी की चूत सच में जन्नत का मज़ा दे रही थी. Apni Sagi Maa ki chudai
और मैं आंटी से चुदाई का हुनर सिख रहा था इस राउंड में मैंने रुक रुक के आंटी की 20 मिनट चुदाई की और इस बार भी मैंने उनका पानी निकाल दिया.
फिर मेरा भी पानी आंटी ने अपनी चूचियों पर ले लिया और हम दोनों बेड पर लेट कर हाफने लगे मैं फिर से आंटी के होंठों को चूसने लगा और कुछ देर आंटी भी मेरे होंठों चुस्ती रही मगर फिर वह एकदम से खड़ी हो गयी.
आंटी – बेटा अब बहुत देर हो गयी है अब मुझे छोड़ आओ आंटी ने जल्दी से अपना पेटी कोट पहन लिया और फिर वह साड़ी पहनने लगी मैंने आंटी को फिर से पीछे से पकड़ लिए और उनकी गर्दन को चूमने लगा.
आंटी – बेटा अब रहने दे बहुत देर हो गयी है फिर कभी कर लेना अब,
मैं – आंटी ऐसा मौका कहा बार बार मिलता है मेरे घर पर तो हर समय मम्मी रहती है फिर पता नहीं कब ऐसा मौका मिलेगा और मेरे पास और कोई जगह भी तो नहीं है.
जहा हम दोनों जा सके आंटी ने जल्दी से अपनी साड़ी पेहेन ली और फिर वह ब्रा पहनने लगी ब्रा पहनने के बाद वह बहार आ गयी और बहार पड़ा अपना ब्लाउज उठा के पहनने लगी और फिर वह बचे बुए बर्तन जल्दी से धोने लगी मैंने भी कपडे पहन लिए और फिर से जाके आंटी को पकड़ लिया.
मैं – काश आंटी आप पूरी रात मेरे साथ रहती तो मैं पूरी रात आपको सोने नहीं देता
आंटी – मैं जानती हु तू पूरी रात क्या करता? तेरे ये मेरे पीछे अभी भी चूब रहा है मेरा लंड आंटी की गांड पर लग रहा था.
मैं – आंटी ये तो आज बैठ ही नहीं रहा है जब से अपने इसे छुआ है तब से बहुत जल्दी खड़ा हो रहा है
आंटी -बता आज पहली बार इसे वह मिला है जिसके लिए इस दुनिया का हर मर्द पागल रहता है आज ये ऐसे ही रहेगा फिर मैं और आंटी एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे और फिर मैं उन्हें छोड़ने निकल पड़ा, आंटी बिलकुल मुझसे चिपक के बैठी थी.
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मैं – आंटी आप जानती हो जब भी मैं आपको बाइक पर लेके जाता था तो मैं थोड़ा पीछे होक बैठता था ताकि आपकी बड़ी बड़ी चूचिया मेरी पीठ पर चिपक जाये मगर आज तो आप खुद मुझसे चिपक के बैठी हो.
आंटी – ये बात मैं पहले से जानती थी बस तुझे कभी उस नज़र से देखा नहीं था.
मगर अब हमारे बीच कुछ भी छिपाने के लिए नहीं रह गया है फिर मैंने आंटी को उनके घर छोड़ दिया और मैं घर वापस आ गया आज मैं बहुत खुस था चुदाई करके ऐसा लग रहा था जैसे मैंने कोई जंग जीत ली हो फिर देर रात मम्मी भी आ गयी और मुझसे भी पहले मेरे लंड ने उन्हें सलामी दी.
अगली सुबह मैं थोड़ा लेट ही उठा और फिर बहार जाके मैंने देखा मम्मी कुछ बना रही थी और पापा पहले ही निकल चुके थे फिर मैंने जाके मम्मी को पीछे से पकड़ लिया और उनसे बिलकुल चिपक गया मेरा हाथ मम्मी की कमर था और मेरा लंड उनकी गांड से बिलकुल चिपक गया था .मम्मी की गांड से लगते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा मगर मम्मी वैसे ही खड़ी हुई थी
मम्मी -उठ गया मेरा बच्चा।
मैं – हा मम्मी आप क्या बना रहे हो?
मम्मी – तेरे लिए आलू के पराठे बना रही हु वैसे भी कल रात तो तूने ठीक से खाया नहीं होगा वही पिज़्ज़ा या मोमोस खाये होंगे Apni Sagi Maa ki chudai
मैं -हा मम्मी पिज़्ज़ा ही खाया था मगर आपको कैसे मौलम चला।
मम्मी -बेटा माँ हु तेरी सब जानती हु की तू क्या करता? चल अब छोड़ मुझे और जल्दी से मुँह हाथ धो ले फिर दोनों नास्ता करते है मैंने मम्मी के गाल को चुम लिया और उनसे अलग हो गया फिर हम दोनों ने नास्ता किया।
आज इस कहानी मे इतना ही दोस्तो आगे क्या हुआ ये मैं आपको अगले भाग मे ।
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