Bhabhi Ki Chudai Me Khun: हैलो दोस्तो, आज शोभा भाभी भी हमारे साथ मिल गयी थी, अब कहानी सुरू करते है
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आकाश को ड्रिंक्स लेने भेज दिया, मैंने अपनी सारी बात भावना को बता दी, भावना अब मेरे साथ राकेश के बनाये नवीन और उसके दोस्त के घनचक्कर से बचने में मदत करने के लिए तैयार थी.
भावना: तू बस बता की मुझे क्या करना होगा.
मैं: मैं चाहती हूँ की 31 दिसंबर की रात को आकाश यहाँ न हो.
भावना: तो उसमे मैं क्या कर सकती हूँ?
मैं: मैं चाहती हूँ की उस रात आकाश को तू अपने घर रहने दे.
भावना: क्या? पर वह कैसे?

मेरे सांस ससुर है साथ यार.
मैं: जानती हूँ तू न आकाश को अपना रिलेशन में कोई भाई कुछ बनाकर 1-2 दिन अपने यहाँ कैसे भी कर के रहने दे, प्लीज.
भावना: ओके मान लिया वह हो गया पर आकाश का क्या? वह क्यों मेरा रिलेटिव बनकर मेरे यहाँ आएगा? उसे तो तू कुछ बता भी नहीं सकती, वह क्यों तैयार होगा तेरे प्लान के लिए.
मैं: मैं क्यों तैयार करू जब वह खुद ही हो सकता है?भावना: पर वह कैसे वही तो पूछ रही हूँ.
मैं: अब वह तो तेरे हाथ में है.
भावना: मैं समझी नहीं.
मैं: फसा उसे आकाश को लुभा के फसा और उसे अपने पीछे अपने घर ले जाकर रहने दे.
भावना: तू न बिलकुल पागल है ऐसा थोड़ी होगा.
मैं: क्यों देखा नहीं वह कैसे शर्माता है तेरे सामने फायदा उठाना क्या तू इतना भी नहीं करेगी मेरे लिए?
भावना: हम्म्म लुभा तो सकती ही हूँ पर बाकी सब पता नहीं, टिंग टोंग (दूर बेल बजी)
मैं: वह आ गया सोच समझ कर खेलेंगे तो सब सही जायेगा.
इतना कहती हुई मैं उठी और जाकर दरवाज़ा खोलकर आकाश को अंदर आने दिया. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
आकाश: क्या भाभी आपने कहा 10 मिनट इतना दूर था, मैं हस्ती हुई उसके हाथ से सारी चीज़ ली और बोली: कोई बात नहीं थोड़ा चलना सेहत के लिए अच्छा होता है.
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आकाश मुझे मेरा कार्ड देते हुये जाकर सोफे पे बैठ गया,
मैं आकाश के पीछे से जाती हुई भावना को आँख मारी और किचन को चल दी.
भावना मुझे देख मुस्कुरायी और फिर आकाश को देखने लगी जो शर्मा कर चुप चाप बैठा हुआ था.
भावना: तो आकाश कैसी है तुम्हारी नेहा मैडम?
आकाश: हम्म्म ठीक ही है.
भावना: बस ठीक थोड़ी मोटी है पर खूबसूरत है है न.
आकाश: हाँ हाँ वह तो है, मैं उनकी बाते सुन किचन में कवर से बोतल निकाल रही थी, आकाश ने अपने लिए हाफ बोतल व्हिस्की लिया था, मैं सारी चीज़ एक एक कर टेबल पर ले जाकर रखी , सबने अपने लिए अपने हिसाब से पेग बनाये.
फिर मैं बोली: तो फिर आकाश के पहले जॉब के नाम…चियर्स!
भावना: चियर्स!आकाश धीरे से बोलै: चियर्स…भावना: बेचारे से बहुत काम करवाई आज नेहा ने आवाज़ ही नहीं निकल रही.
हम दोनों हस्ते हुए अपने ड्रिंक का सिप लिए और आकाश शर्माता हुआ.
भावना: तो आकाश और बताओ अपने बारे में.आकाश: हम्म्म क्या बताऊँ? आप पूछिए.
भावना: मैं शोभा नहीं हूँ आकाश मुझे तुम आप वाप मत बोलो.
आकाश: नहीं नहीं आप भी तो भाभी के तरह बड़े हो मुझसे.
भावना: हेलो! मैं कोई आंटी नहीं जो तुम ऐसे आप बुलाओ, तुम बोलोगे अब से वैसे शोभा ने बताया तुम कितने बदमाश हो.
ये सुन आकाश चेहरे से थोड़ा रंग उड़ा शायद उसने सोचा होगा की मैंने भावना को उससे आने से पहले की घटना बता दी.
भावना: है है है! मैं तो मज़ाक कर रही हूँ, तुम क्यों घबरा रहे हो?
आकाश: नहीं मैं तो नहीं घबरा रहा, ऐसे ही हसी मज़ाक में एक पेग ख़त्म हुआ, दूसरा डालते ही मैंने भावना को कोहनी मार कर इशारा की की अब असली खेल शुरू किया जाये. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
तभी भावना बोली: अच्छा आकाश बताओ तुम कल पहली बार मिले न शोभा से.
आकाश: हाँ.
मैं: मेरा नाम तक नहीं जनता था कल जब आया.
आकाश: जानता था बस भूल गया.
मैं: हम्म्म देखा.
भावना: ओके ये बताओ की कैसी लगी तुम्हे तुम्हारी भाभी?
आकाश: अछि है बहुत अछि है.
भावना: क्या अच्छा लगा बताओ बताओ.
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आकाश जवाब नहीं दे पा रहा था की अब बोले तो क्या,
तो मैं बोली: मैं बताऊँ? मेरी टाँगे आकाश अपने सोफे से मानो ही खा गया.
भावना: हः! मतलब.
मैं हस्ती हुई बोली: है है है! आकाश को न मेरी जांगे पसंद है.
आकाश: क्या भाभी आप भी… ऐसा कुछ नहीं है, एक पेग के बाद उसकी आवाज़ में थोड़ी जान आती दिखी मुझे अब वह बात करते शर्मा नहीं रहा था.
मैं: क्यों सच नहीं क्या?
आकाश भावना को देख बोला: ऐसा कुछ नहीं है ये बस ऐसे ही बोल रही है.
मैं: अच्छा? तुझे पता है भावना कल सुबह जब ये आया तो में सो कर उठी ही थी, मैं अपनी स्लीप शर्ट में ही निकल गयी सोची नहीं की ये होगा, फिर जब इसने मुझे देखा इसकी शकल देखनी चाहिए थी.
भावना: हम्म्म भाभी पे डोरे है है है!
आकाश: नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है.
मैं: मेरे शकल से ज़्यादा इसकी नज़र मेरी नंगी जांघो पर थी.
आकाश कुछ नहीं बोला और टीवी का रिमोट उठाकर ऑन करने लगा.
भावना: कोई बात टाल रहा है,
मैं: आकाश सच बताओ, मेरी जांगे देख रहा था की नहीं बताओ भावना को, आकाश बिना कुछ बोले टीवी के चैनल बदल रहा था, मानो उसे मेरी आवाज़ ही न सुनाई दे रही हो, जान कर मेरे सवाल टाल रहा था. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
भावना उठी और उसके हाथ से रिमोट छीन लिया और टीवी बंद कर बोली: इसे बंद ही रहने दो फ़िलाल और तुम जवाब दो क्या शोभा सच बोल रही है?
मैं: बोलो आकाश लड़किया भी तुम्हारे जितना नहीं शर्माती है है है! हम दोनों लड़किया हसने लगी और शायद तब वह बोला: हाँ देख रहा था.
भावना: तो तुम्हे तुम्हारी भाभी की टाँगे पसंद है.
आकाश: सिर्फ टाँगे नहीं सब कुछ, मैं समझ गयी की अब व्हिस्की उस पर रंग ला रही थी.
भावना: क्या सब कुछ बता.
मैं: अच्छा ये बताओ भावना कैसी लगी तुम्हे, ये मैंने अपने से बात हटाने के लिए बोला, वरना पता नहीं शायद आकाश कुछ ज़्यादा ही बता दे हम दोनों के बीच हुई बाते और सब.
भावना: ये मैं कैसी लगी तुम्हे.
आकाश: अछि लगी.
भावना: और मेरी टाँगे? है है है!हम दोनों लड़किया मानो उसकी खाल उतार रहे थे, मज़ाक करके.
आकाश: मस्त आपकी टांग एक दम दीपिका पादुकोण के तरह सेक्सी है.
भावना और मैं एक दूसरे को देखे की अब जाकर ये सच मे खुलकर बोलने लगा.
भावना: पर तुमने तो ठीक से देखा भी नहीं.
आकाश: कल देखा था ना आपको वह येलो कलर की मिनी ड्रेस में.
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मैं: देखा भावना लड़का तुम जैसे सोचती हो वैसा नहीं है नज़र कही और पर नज़ारा कुछ और देखता है.
भावना: उस ड्रेस में मैं अछि लगी तुम्हे?
आकाश: हाँ काफी खूबसूरत लग रहे थे आप.
भावना: ओके आकाश फिर से बोल रही हूँ ये तुम मुझे आप मत बोलो नाम बुलालो.
आकाश: ओके.
मैं: और बताओ और क्या पसंद है भावना में तुन्हे.
भावना: हाँ आकाश बतावा.
आकाश अब अपनी दूसरी पेग पी चूका था यकीनन वह काफी दबाव में था, दो लड़कियों के बीच इसी लिए ऐसे जल्दी जल्दी पेग पी रहा था पर हम दोनों लड़किया धीरे पी रही थी, क्यों की हम दोनों चाहते थे की आकाश को दारू चढ़े पर हम दोनों को नहीं. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
आकाश: आपकी स्माइल.
भावना: फिर से आपकी?
आकाश: मतलब तुम्हारी स्माइल.
मैं: और?
आकाश: और…भावना उठी और दोनों हाथ कमर पर रख बोली: लो अब देखो और बताओ
मैं: ऐसे नहीं कुछ अछि पोज़ दो ना.
भावना थोड़ी आगे गयी और टीवी के सामने खड़ी अलग अलग पोज़ देने लगी, कभी एक हाथ कमर पे तो कभी सर के बालो को बिगड़ती हुई कभी साइड पोज़ मनो भावना फोटो शूट के लिए आकाश के सामने पोज़ दे रही हो.
भावना: बताओ बताओ आकाश.
मैं आकाश की अगली पेग बना के दी की लो और पियो और खुलकर बोलो.
आकाश: तुम हर पोज़ में मस्त लग रही हो.
मैं: यार तू इस पायजामे और टॉप में क्या पोज़ दे रही होमैं एक आईडिया दूँ?
भावना: हाँ बोलो.
मैं: तू मेरी कुछ ड्रेस क्यों नहीं पहन के आकाश को दिखाओ?
भावना: अभी? अरे यू सीरियस?
मैं अपना सर भावना के तरफ घुमाया ताकि आकाश मेरी शकल न देख सके, फिर भावना को आँख मार कर इशारा किया जिससे वह समझ गयी.
भावना: हम्म्म वैसे नॉट बेड, बेड आईडिया क्यों आकाश?
आकाश: हाँ वह ठीक रहेगा.
मैं: भावना मेरे रूम जा और जो भी ड्रेस मस्त लगे पहन कर आ,भावना कुछ न बोली और तुरंत भागी एक बात और थी की भावना फैशन की बड़ी पागल थी, उसकी तारीफ अगर कोई कर दे तो वह टाँगे फैला ले अपनी,
उसके जाने के बाद मैं बोली: क्यों आकाश क्या हुआ?
आकाश: क्या भाभी आप न… आग भी आग लगाते जाओ बस. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
मैं: है है है! यही तो मज़ा है.
आकाश: आपको तो काफी मज़ा आता है मेरा क्या?
मैं: घबराओ मत सब का ख्याल रखूंगी मैं, इतने में भावना मेरे रूम की डोर खोली और बहार आयी, वह एक काले रंग की फ्रॉक ड्रेस पहन कर बहार आयी, छोटी इतनी की जांघो से थोड़ी ऊपर ख़त्म हो जाये और उसकी गोरी चिकनी लम्बी टैंगो का मस्त नज़ारा देख, वह टीवी के सामने आयी और पोज़ दी.
वह बोली: बताओ कैसी लग रही हूँ मैं? आकाश की नज़र उसके चेहरे से होता हुआ उसकी टैंगो पर जा रही थी और बोला: मस्त… लुकिंग हॉट.
मैं: बस हॉट?
भावना: एक काम करो तुम 1 से 10 के बीच नंबर दो.
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मैं: हाँ आकाश नंबर दो,आकाश सिप लेता हुआ बोला: हम्म्म इसे मैं 10 में 6 दूंगा.
भावना: तू बाद, वह इतना बोलती हुई मेरे रूम को भाग गयी, कुछ 5 मिनट बाद आयी, इस बार उसने ब्लू कलर की एक क्लब वियर पहनी जो बड़ी हलकी कपडे की थी, ये ड्रेस पिछले ड्रेस से भी थोड़ी ज़्यादा छोटी थी.
भावना पोज़ देती हुई बोली: अब बोलो आकाश.
मैं: सेक्सी लग रही हो,आकाश के सर पर व्हिस्की तो चढ़ ही रहा था
लेकिन अब भावना के ऐसे जांघ प्रदर्शन से उसका मन मानो उछाल रहा था.
आकाश: हम्म्म इसे मैं 10 में 8 दे सकता हूँ.
मैं: ठीक है इस बार थोड़ा नियम बदलेंगे, नंबर के साथ कारन भी बताना होगा की तुम किश कारन नंबर दे रहे हो.
भावना अलग अलग सेक्सी पोज़ देती हुई बोली: हाँ आकाश सही में कारन भी बताओ.
आकाश एक सिप लेता हुआ बोला: हम्म्म इसमें और ज़्यादा सेक्सी लग रही हो.
मैं: पर क्यों? Bhabhi Ki Chudai Me Khun
आकाश: एक तो ड्रेस थोड़ा छोटा है तो टंगे मस्त दिख रही है और दूसरा कपडा ढीला है ऊपर जिसके कारन जब तुम हिलती हो तो तुम्हारे छाती हिल रही है.
भावना: छाती? हम दोनों लड़किया हसने लगे तो आकाश समझ गया और बोला: ओके ओके तुम्हारे बूब्स अंदर कपड़ो में झूल रहे है, साफ़ दीखता है की तुमने ब्रा नहीं पहनी है.
भावना फिर से मेरे रूम को जाने लगी मूड कर आकाश को देख आँख मार्टी हुई बोली: वैसे डॉन’टी माइंड आकाश पर इस ड्रेस के अंदर सिर्फ ब्रा ही नहीं है जो मैंने उतार फेके है है है!
उसकी बात सुन आकाश ने सोफे पर रखी कुशिओं उठा कर अपनी गोद में रख लिया जिसे देख मैं हसी और बोली: है है है! क्यों क्या हुआ? फिर से पहाड़ बन गया शार्ट में है है है!
आकाश कुशिओं हटाया और मुझे दिखाते हुए बोला: हाँ देखो उफ्फ्फ्फ़.
मैं हसने लगी जिस पर आकाश बोला: भाभी प्लीज ऐसे आग लगाकर मुझे मारना बंद करो प्लीज.
मैं: आकाश क्या तुम कॉलेज स्टूडेंट के तरह उतावले होते हो इतना कण्ट्रोल भी नहीं होता तुमसे, तभी भावना फिर से बहार आयी, इस बार उसने एक छोटी टॉप और साथ में एक टाइट पर काफी छोटी सी शार्ट पहनी थी जिसमे उसकी पूरी टाँगो का आकार दिख रहा था, अलग अलग पोज़ में वह मुड़ी तो पीछे से उसे जब हम दोनो ने देखा तो शार्ट इतनी छोटी थी की उसकी गांड हलकी बहार निकल कर दिख रही थी.
मैं इस पर आकाश को देखा और पूछा: इस पर क्या दोगे?
आकाश: पूरे 9.
भावना: क्यों?
आकाश: क्यों की तुम सेक्सी से भी ऊपर लग रही हो.
मैं: और जो उसकी हलकी बूम दिख रही है वह?मेरी बात सुन भावना अपने हाथो को पीछे ले गयी और अपनी गांड को दाबती हुई बोली: हाँ देखो… बोलो आकाश.आकाश एक लम्बी सिप मारता हुआ बोला: हाँ मस्त गांड है तुम्हारी. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
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एक बार फिर हम दोनों लड़किया हसने लगी और फिर भावना अंदर चली गयी मेरे कमरे में.
मैं उठी और जाकर आकाश के सोफे के साइड रेस्ट पर बैठ बोली: क्या हुआ? मुझे उस वक़्त मेरी टॉप और शार्ट देने के लिए दिमाग ख़राब कर रहे थे न तो अब तुम भुक्तो वैसे अभी तो शाम शुरू ही हुई है है है है!2 मिनट भी नहीं हुए की भावना ने डोर खोला पर वह बहार नहीं आयी बस सर बहार निकाल बोली: आकाश आऊं मैं?
मैं: इतनी जल्दी? आओ न, जैसे ही भावना बहार चलकर टीवी के सामने आयी मैं तुरंत आकाश को देखा आकाश मुँह फाड़ कर भावना को देख रहा था,
भावना इस बार काफी पारदर्शी हलके कपडे की बनी छोटी सी बेबीडॉल पहन के आयी थी, पर इस बार अंदर मैचिंग ब्रा और थोड़ी पेंटी.
बेबीडॉल इतना पारदर्शी था की अगर वह ब्रा और पेंटी न पहनती तो सब खुले आम दीखताऔर इतनी छोटी बेबीडॉल जो उसकी चूत से थोड़ी नीचे ख़त्म हो जाती.
मैं एक हाथ बड़ाया और आकाश की मुँह को बंद करती हुई बोली: मक्खी या कुछ और घुस जायेगी है है है!
भावना अलग अलग पोज़ देने लगी और बोली: अब बताओ आकाश: सेक्सी यार.
मैं: फिर से बस सेक्सी?
आकाश: 10 मे से 10 पूरे,
मैं: क्यों?
आकाश: बता नहीं सकता बस, भावना मुड़ी और झुकती हुई अपनी गांड दिखाती हुई अपना सर पलट कर आकाश को देख बोली: बताओ प्लीज, आकाश अपना मुँह पोछने लगा मानो उसे व्हिस्की से ज़्यादा भावना का नशा हो रहा हो.
मैं तुरंत उठी और बोली: ओके अभी मत बताओ, एक मिनट मे अभी आती हूँ.
इतना कहती हुई मैं अपने रूम गयी अपना पजामा और टॉप निकल फेका, एक छोटी सी पारदर्शी बेबीडॉल जो भावना से अलग रंग की थी पहनी और बहार निकलीऔर जाकर भावना के साथ खड़ी हो कर उसके साथ पोज़ दी.
मैं बोली: चलो अब बताओ आकाश हम दोनों को कितना दोगे ?
आकाश पूरे जोश में बोला: 20 मे से पूरे 20 दूंगा, हम दोनों अलग अलग पोज़ देते हुए आकाश को पागल करने लगी, एक तरफ आकाश पे व्हिस्की का नशा दूसरी तरफ हम दो लड़कियों को ऐसे छोटे पारदर्शी कपड़ो में अंग प्रदर्शन करते देखने का नशा चढ़ने लगा, उसकी आँखे लाल दारू से नहीं थी, पर साफ़ दिख रहा था की उसके अंदर ऐसी भूख उमड़ रही थी की एक साथ हम दोनों लड़कियों को जी भर के चोदे ,
हम दोनों अलग अलग पोज़ देते हुए कभी भावना को मैं पीछे से गले लगाती हुई उसकी बूब पर हाथ रखतीतो कभी वह मेरे पीछे से मेरी बेबीडॉल उठा कर मेरी गांड पर थपड मारती.
कभी मैं भावना के बालो को पकड़ उसकी गांड पर मार ऐसे पोज़ देती मानो वह मेरी कुतिया हो, कभी वह मुझे ऐसे करतीआकाश अब बड़ी बड़ी सिप पीता हुआ अपनी तीसरी पेग ख़त्म किया. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
वह बोला: बस बहुत हुआ… काफी है, हम दोनो लड़किया हस्ती हुई अपनी टाँगो को छोटी बेबीडॉल में सारी बेशर्मी को भूल गयी,
अपने सोफे पर साथ बैठे और बोले: क्या हुआ?
भावना: लगता है चढ़ गयी इसे.
मैं: हाँ देखो तो कैसे देख रहा है हमें.
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आकाश की आँखों में हवस थी और चेहरे पर मुस्कान मैं झुकती हुई उसके लिए अगली पेग बनाने लगी, पीछे से भावना मेरी खुली चिकनी गांड पर हाथ फेरती हुई बोली: आकाश तुम बोलो तो मारु क्या तेरी भाभी को?
आकाश: मारो न, उसके जवाब पे भावना मेरी गांड पर ज़ोर से दे मारी, मैं झट से पेग बनाकर आकाश को दिया और मूड कर भावना पर गिरती हुई बोली: कमीनी इतनी ज़ोर से मारी.
मैं जान कर ये कर रही थी, क्यों की हर मर्द की छुपी वासना है की वह दो अध् नंगी लड़कियों का प्यार भरा झगड़ा देखे, हम दोनों लड़किया सोफे पर एक दूसरे पर ज़ोर आज़माइश की नौटंकी करने लगे, फिर ऐसा नज़ारा आया जहा मैं भावना के ऊपर थी और उसकी खुली जांघो के बीच मेरी जंघे थी.
फिर वह अपनी लम्बी टाँगो को जकड मेरी कमर पर घेरा बनाकर मुझे पकड़ी हुई थी,
हम दोनों आकाश को देख और वह हमें चुप चाप देख रहा था उसे देखते हुए हम दोनों होठो से होंठ मिलाते हुए एक दुसरे को किश करने लगे.
पहले धीरे और फिर आकाश को दिखते हुए अपनी अपनी जीभ बहार निकाल, एक दुसरे को चाटने लगे, जीभ से जीभ चाटने के बाद कभी वह मेरी जीभ अपनी मुँह में लेती,
तो फिर मैं उसकी धीरे धीरे भावना अपनी कमर हिला रही थी मानो पैंटी के अंदर से ही अपनी चूत मेरी नावी पर रगड़ रही हो,
बेशक आकाश पागल हो रहा था और हम दोनों उसे पागल करते जा रहे थे कुछ पांच मिनट यही होने के बाद हम दोनों उठ कर सोफे पर बैठे.
ऐसे बैठे की हमारी टाँगे फैली हो और उसे साफ़ हम दोनो की टाइट पंतय में छुपी चूत का खुला नज़ारा दे.
मैं: क्या हुआ आकाश?
भावना: तुम्हारी तो बोलती ही बंद हो गयी.
मैं: बोलो भी कुछ. Bhabhi Ki Chudai Me Khun
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आकाश: क्या बोलू अब मैं, इतने में भावना मेरे पास आयी और मेरे कान में कुछ बोली,
मैं वह सुन चौक गयी और बोली: क्या? अरे यू सूरे?
भावना: हाँ बोलना.
मैं फिर आकाश को देख बोली: आकाश हमारा शो पसंद आया?
आकाश: बहुत आग लगादी यार.
भावना: है है है! ओके तो हमारे लिए तुम कुछ करोगे?
आकाश: हाँ कुछ भी करूँगा अब तो, वह जानता नहीं था की मेरे और भावना के मन में क्या है, जोश में आकर हाँ बोल तो दिया,
लेकिन अब उसकी हालत शायद और ज़्यादा ख़राब होने वाली थी.
भावना मुझे देख बोली: तू बोलेगी या मैं?
मैं: रूक मैं ही बोलती हूँ.
मैं फिर उठी और आकाश के पास जाकर उसकी हाथ पकड़ उसे उठाया,
वह उठ नहीं रहा था वह अपनी गोद में रखा पिलो पकड़ा बैठा रहा तो भावना बोली: आकाश शर्माओ मत हमें पता है तुम्हारा खड़ा है है है है! ओके आ जाओ उसके साथ,
आकाश कुशिओं को बगल में रखा और सारी बेशर्मी भूल अपने शार्ट में तने लंड के साथ उठ खड़ा हुआ,
उसे देख हम दोनों हसने लगी,भावना आँख मारती हुई बोली: नॉट बेड, आकाश नॉट बेड .
मैं फिर उसके हाथ को पकड़ अपने रूम के दरवाज़े तक गयी और बोली: कोई सवाल मत करनाऔर अगर तुमने किया तो आज की शाम यही ख़त्म,
तुम अपने रूम जाओगे और हम लड़किया मेरे रूम ऐसा चाहते हो?
आकाश: नहीं बिलकुल नहीं कुछ भी करूँगा.
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मैं: प्रॉमिस?
आकाश: अरे यार गॉड मदर फादर सरे प्रॉमिस.
मैं: अंदर मेरे बेड पे कुछ है उसे पहन कर बहार आओ.
भावना सोफे पे बैठी हमें देख ज़ोर से बोली: सिर्फ वह.
मैं आकाश को धक्का मारती हुई अपने रूम के अंदर बेजा और डोर बंद करती हुई उसे आँख मारती हुई बोली: और हाँ उसके अलावा कुछ भी और मत पहनना.
दोस्तो आज बस इतना ही, अगले भाग मे बतौयाग की कसिए अब दोनों भाभियो की से स्सथ मेरी चुदाई हुयी और मायेन कैसे शोभा भाभी की हालत खराब की। Bhabhi Ki Chudai Me Khun
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