रंगीली प्यासी भाभी की चुदाई के किस्से – 1

By | April 14, 2026

naukar se bhabhi ki chudai story:- हैलो दोस्तों मेरा नाम सोनू है और ये स्टोरी में जो कुछ भी लिख रहा हूँ। वो मेरी एक फ्रेंड की एक सच्ची कहानी है। जो उसने मुझे बताया था मेरी उस फ्रेंड का नाम जैनब है। अब आगे की कहानी जैनब की जुबान में।। हैलो मेरा नाम जैनब है और मैं एक मैरिड लेडी हूँ। मेरी फैमिली में मेरी सास और ससुर, एक देवर और 3 नन्द है। मेरे देवर की शादी हो चुकी है और मेरी तीनो नन्द अभी कुवारी है। हमारी फैमिली बहोत रेपुटेशन वाली फैमिली है। हमारी फैमिली का बिज़नेस है जिसका सारा काम मेरे शौहर और देवर और ससुर तीनो मिल कर देखते है।

naukar se bhabhi ki chudai story

काम के चक्कर में उनका बाहर आना जाना लगा ही रहता है। कभी कभी तो वो तीनो ही एक साथ बाहर चले जाते है। हमारी फैमिली में एक नौकर है जिसका नाम राम प्रकाश है। उसकी उम्र 50 साल के करीब है और वो बिहार का रहने वाला है। मैं तो बताना ही भूल गयी हमारी फैमिली जयपुर में रहती है। राम प्रकाश को हमारे यहाँ नौकरी करते हुए करीब 32 साल हो गए है।

मेरे हस्बैंड की उम्र 27 साल शादी के टाइम थी। तो वो मेरे शौहर के जन्म से पहले ही और मेरे ससुर की शादी से पहले ही यहाँ रहता था। वो हमारे परिवार में बहोत आराम से रहता है हम सब उनको प्यार से काका कहते है बस सास ससुर ही उसे उनके नाम से बुलाते है। मेरी शादी को 4 साल हो चुके है मेरी उम्र 25 साल थी शादी के टाइम। मेरी शादी के 6 महीने बाद ही मेरे देवर की शादी हो गयी थी। और उनकी उम्र 26 साल है मेरी देवरानी की उम्र 23 साल है। हमने कभी काका की नियत पर शक नहीं किया था और न ही कभी उनकी नजरो को गलत समझा था। उनकी पत्नी मर चुकी थी और उनकी बाकि फैमिली बिहार में रहती थी।

उनके अपने 4 बेटे और 3 बेटियाँ है लेकिन उनका कोई भी बेटा उन्हें अपने पास नहीं रखता था। इसलिए वो अपने घर जाता ही नहीं था।

अब मैं कहानी पर आती हूँ मेरी शादी को 4 साल हो चुके थे। मेरा अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था। और न ही मेरी देवरानी को, मैं बहोत ही परेशान रहती थी। क्योकि घर में तो कोई कुछ न कहता था। पर बाहर के लोग और रिश्तेदार हम दोनों को बातो ही बातो में ताना मारते थे। मैं जानती थी, माँ न बनने में मेरी कमी नहीं थी। मेरे शौहर में कमी है लेकिन मैंने ये बात आज तक किसी को नहीं बताई थी। वैसे भी मेरा शौहर मुझे संतुष्ट नहीं पर पाता था। वो बस 2-4 मिनट में ही अपना पानी निकाल देते थे और उनके लंड का साइज भी बस 4 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा था।

हमेशा जब भी वो बाहर जाते थे, मैं अपनी उंगलियों से अपना काम चलाती थी। एक दिन की बात है दोपहर का टाइम था। हम सब खाना खा कर आराम कर रहे थे। बस सब लेडीज और सब गेट्स ऑफिस में गए हुए थे। मैं घर पर अकेली थी, पर मुझे नींद नहीं आ रही थी। तो मैं नीचे अपनी छोटी नन्द के रूम में जा रही थी। मेरी उससे बहोत बनती थी, उसकी उम्र 19 साल थी। मैं 2nd फ्लोर पर रहती थी और वो 1st फ्लोर पर। काका का रूम ग्राउंड फ्लोर पर किचन के पास वाला था। क्योकि उनका ज्यादातर काम खाना बनाना ही था और साफ़ सफाई के लिए हमने एक कामवाली रखी हुई थी। जो दिन में थोड़ी देर के लिए आती थी वो एक मुस्लिम थी।

मैं नीचे जा रही थी तो मुझे हलकी सी प्यास लगी। मैंने सोचा पहले मैं पानी पी लूँ। मैं नीचे किचन में चली गयी। मेरी सास का रूम किचन के सामने वाला था। मैं जब पानी पी रही थी तो मुझे हलकी से आवाज आ रही थी आह आह की। मुझे लगा के कोई ऐसे ही आवाज है पर जब मैं ऊपर जा रही थी तो, मुझे लगा कि वो आवाज काका के रूम में से आ रही है। मुझे लगा शायद काका को चोट लग गई है तभी वो आह आहह कर रहे है। मैं उनके रूम की तरफ गयी और देखा की डूर बंद है।

मैंने साइड वाली विंडो से देखा तो मैं चौंक गयी। काका अपने रूम में टीवी पर ब्लू फिल्म देख रहे थे और साथ ही अपने हाथ से अपने लंड की मुठ मार रहे थे। मुझ ब्लू मूवी देखना और मुठ मारना इतना अजीब नहीं लगा। क्योकि ब्लू मूवी तो मैं भी देखती हूँ और अपनी चूत में उंगलिया करती हूँ। पर मुझे अजीब तो ये लगा की वो इतनी उम्र में भी वो इतनी हिम्मत रखते है। और उनका लंड देख कर मैं शॉक हो गयी क्योकि उनका लंड 8-9 इंच लम्बा था और मोटा भी बहुत था। मैं उन्हें ऐसे ही देख रही थी, मुझे उनके देख कर पसीना सा आ रहा था। और मैं अपनी चूत में उंगलिया करने लग गयी। करीब 15 मिनट बाद उनके लंड का पानी निकल गया। और मैं जल्दी ही अपने रूम में चली गयी और अपने रूम में आते ही मैं पूरी नंगी हो गयी और मैं भी ब्लू मूवी लगा कर अपनी चूत में जोर जोर से उंगलिया करने लग गयी।

मैं इतनी गरम हो चुकी थी की मैं पहली बार में ही 3 बार झड चुकी थी। शाम में जब नीचे आयी तो मुझे बड़ा अजीब सा लग रहा था। काका के लिए अब मेरा पूरा नजरिया ही चेंज हो चुका था। उस रात मैंने अपने पति को सेक्स की गोली खिला दी। और उससे खूब जम कर चुदी। उन्होंने मुझे 2 बार जम कर चोदा। पर सेक्स की गोली खाने के बाद भी मेरी आग को शांत नहीं कर पाए। मैं अगले दिन फिर से दोपहर के उसी टाइम मे नीचे गयी और काका के रूम की विंडो में से उन्हें देखने लग गयी। मैंने आज देखा की काका ने एक फोटो हाथ में लिया हुआ है और वो उसे देख कर मुठ मर रहे है। मैं समझ गयी की ये जरूर किसी लड़की की फोटो होगी। पर जब कुछ देर बाद मेरी नजर उस फोटो पर गयी तो मैं पूरी तरह से शॉक हो गयी।

क्योकि वो फोटो मेरी सबसे छोटी नन्द की फोटो थी। उसके साथ एक फोटो और थी और वो फोटो मेरी थी। मुझे समझ आ गया था की काका हमे चोदना चाहते है। और अब मैं भी काका से चुदने के लिए पागल हो रही थी। मैंने अपनी चाल चलनी शुरू कर दी। मैंने उसी दिन काका से रात को अपने रूम में पानी लाने को कहा। मेरे पति उस रात लेट आने वाले थे। सब अपने रूम में सोने के लिए चले गए थे। बस मेरे पति और देवर नहीं आये थे। वैसे भी काका को गेट खोलने के लिए तो जागना ही था। मैंने काका के आने से पहले से ही ट्रांसपेरेंट गाउन पहन लिया था। जिसके अंदर मैंने न तो ब्रा डाली थी और न ही पैंटी डाली थी।

ऊपर से गाउन सिर्फ घुटनो तक ही आ रहा था, मैंने ऊपर के 3 बटन में से 2 बटन खोल दिए। जब काका ने रूम को नॉक किया तो मैंने कहा की डूर खुला है अंदर आ जाओ। जैसे ही वो अंदर आये और मुझे इस रूप में देख कर वो मुझे ही देखते रह गए। उनकी नजर 2 मिनट तक मेरे जिस्म से हटी ही नहीं। वो मुझे ऐसे ही ऊपर से नीचे तक देखे जा रहे थे। जब मैंने पूछा की क्या हुआ है? तो वो फिर से होश में आया और बोले कुछ नहीं हुआ बेटा वो मुझे ऐसे ही तुम्हारी काकी की याद आ गयी थी।

और वो पानी रख कर चले गए करीब 4-5 दिन तक मैं ऐसे ही किसी न किसी बहाने से काका को परेशान करने लग गयी। फिर 5 दिन बाद घर के सारे मर्द पुरे एक वीक के लिए बाहर चले गए थे। मैंने उस रात काका के साथ अपनी चुदाई का पूरा प्रोग्राम सोच लिया था। मैंने आज फिर से काका को पानी लाने को कहा उस टाइम तक सब घर में सो चुके थे। मैंने उस दिन की तरह ट्रैन्सपरेन्ट गाउन डाल लिया। मैंने नेट वाला गाउन डाला हुआ था जिसमे होल्स बड़े बड़े थे। ताकि काका को मेरे जिस्म अच्छे से दिख सके।

काका आज बिना नॉक किये अंदर आ गए और आज वो मुझे देख कर शॉक नहीं हुए। बल्कि सीधा रूम में आये और पानी का जग साइड की टेबल पर रख कर। उन्होंने रूम को अंदर से बंद कर लिया। इससे पहले मैं कुछ बोलती इतने में वो बोल पड़े।

काका – साली रंडी छिनाल कुतिया तेरी चूत में इतनी आग लगी हुई है। तो मुझे पहले ही बता देती मैं इतने दिनों से इसे हाथ से शांत कर रहा हूँ। अगर तू पहले कह देती की मुझे चोदना है। तो मुझे इतना परेशान न होना पड़ता। ये कहते ही काका ने अपना कुरता और पजामा दोनों उतार दिए। अब वो पुरे नंगे हो चुके थे। और काका अब आगे आये और मेरा नेट वाला गाउन पकड़ कर एक ही झटके में फाड़ दिया। अब मैं भी उनके सामने एक दम पूरी नंगी हो गयी। उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींचा और मुझे सीधे किश करना शुरू कर दिया। और एक हाथ से मेरे बूब्स को मसलने लग गए। मैं तो उनका पूरा साथ दे रही थी।

मैंने कुछ देर किश करने के बाद नीचे बैठ कर काका का लंड मुँह में ले कर चूसना चालू कर दिया। कुछ ही देर बाद मैं हटी और उन्होंने मुझे पकड़ कर बेड पर पटक दिया और वो बोले।

काका – रंडी ये सब छोड़ और अब तैयार हो जा मेरा लंड लेने के लिए। काका ने मेरी दोनों टांगें खोली और अपना लंड मेरी चूत में एक ही धक्के में डाल दिया। मेरी तो जान निकल गयी पर मैं रोई नहीं। कुछ ही मिनट बाद मुझे मजा आना शुरू हो गया।

मैं – आह्ह्ह अहह ओह्ह्ह चोदो मुझे मेरे कुत्ते मुझे जोर जोर से चोद। आह फाड़ दे मेरी चूत को अपने लंड से कुत्ते। यस माय बॉय फ़क मी हार्ड।

काका – क्यों मजा आया रंडी ?

मैं – हाँ मैं तो जन्नत में हूँ इस टाइम! आह ओह्ह हाँ ऐसे ही और जोर से चोदो मुझे।

मैं जन्नत में थी करीब 20 मिनट बाद काका बोला – आहह मेरा होने वाला है।

मैं – क्या बात इतनी जल्दी होने वाला है ?

काका – साली बहन की लोड़ी रंडी तू फ़िक्र न कर साली आज मैंने बहोत सालो बाद कोई चूत मारी है। इसलिए मुझसे रुका नहीं जा रहा है। आज मैं अंदर ही निकाल देता हूँ क्योकि तेरे नामर्द पति से तो तुझे माँ बनाया जा नहीं रहा है। तो तू अब मेरे बच्चे की ही माँ बन जा बहन की लोड़ी। अह्ह्ह अहह ये ले मादर चोद साली कुतिया तेरी माँ को भी मैं चोदूँ।

ये कहते कहते ही काका ने मेरी चूत में अपने लंड का सारा पानी भर दिया। मुझे पहली बार अपनी चूत में इतनी गरमी का एहसास हुआ था। हम दोनों ऐसे ही सो गए मेरी आंख रात को 2 बजे खुली तो मैंने देखा की काका का लंड मेरी चूत में ही है और वो ऐसे ही मेरे ऊपर सो रहे है। मैं उठाते हुए बोली।

मैं – काका अब उठ जाओ प्लीज।

काका – चुप हो जा रंडी अभी नहीं अभी एक राउंड और करना है।

उन्होंने फिर ऐसे ही लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया। वो मेरे बूब्स को चूसने में लगे हुए थे। कुछ ही देर में उनका लंड मेरी चूत में पूरा खड़ा हो गया। और वो फिर से मेरी चूत की चुदाई करने लग गए। मैं जोर जोर से छिलने लग गयी पर काका ने मुझे चुप करा दिया क्योकि मेरी आवाज सुन कर कोई भी आ सकता था। फिर उन्होंने मुझे घोड़ी बना कर रात के 3 बजे तक मेरी चूत की जम कर चुदाई करी और जाते हुए वो बोले।

काका – बहन की लोड़ी अब मैं कल रात को आऊंगा तेरी चूत को चोदने के लिए। और हाँ कल दिन में मेरे साथ या किसी के सामने ऐसा कोई बर्ताव मत करियो। जिससे किसी को हम दोनों के ऊपर शक हो समझी।

मैं – ठीक है।

फिर काका ने अपने कपडे पहने और वहां से नीचे अपने रूम में चले गए। दोस्तों आगे क्या हुआ कैसे कैसे हुआ। ये सब मैं आपको आपको इस कहानी के अगले पार्ट में बताऊँगी। दोस्तों एक बात और एक कहानी बहोत ही लम्बी है तो अभी मजे सिर्फ शुरू ही हुए है। प्लीज मेरी कहानी के साथ जुड़े रहिए कसम से आपको बहोत मजे आयेगें। कहानी पढ़ने के लिए आप सब का शुक्रिया ये कहानी अभी आगे जारी रहेगी।

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