Meri Vidhwa Saas ki chudai ki kahani: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब, मूझे उम्मीद है की आपको मेरी ये कहानी पसंद आ रही होगी और अभी तक अगर किसी ने इस कहानी के पिछले भाग नहीं पढे तो प्लीज यहा क्लिक करके आप पढ़ सकते है।
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मैं -मम्मी जी इसे मैंने नहीं बल्कि आपके बेटे ने ऑन किया था. अब उन्हें क्या पता की ये मेरी चुतमें नहीं बल्कि आपकी चुत में लगा है.
मम्मी जी – हे भगवान मतलब मेरा बेटा ही मुझे मज़े दे रहा था.मम्मी जी और मैं हसने लगे. और फिर मैंने वाइब्रेटर अपनी चुतमें लगा लिया.

मैं – वैसे मम्मी जी आपको मज़ा आया?मम्मी जी – बहु तूने सच कहा था. ये जरा सी चीज बहुत मज़ा देती है. वैसे सच कहु. इसका मज़ा अलग है. मगर एक लंड का मुकाबला किसी से नहीं है.
मैं – हा मम्मी जी लंड का जो मज़ा है. वह इन खिलोनो में कहा आएगा. एक मरदाना लंड की गंध ही एक औरत को गरम कर देती है.में आगे बढ़के मम्मी जी को किश करने लगी. और मम्मी जी भी मेरा साथ देने लगी. मगर कुछ ही देर में वह अलग हो गयी.
मम्मी जी – बहु मेरा बेटा बहार ही बैठा है. और तू मुझे यहाँ चुम रही है. उसके जाने तक तो रुक जा.
मैं – मम्मी जी मुझे आपके साथ भी बहुत मज़ा आता है. और मैं आपके साथ भी एन्जॉय करना चाहती हु.फिर मैं और मम्मी जी बहार आ गए. और कुछ देर बाद हम सबने खाना खा लिया. मेरे पति मम्मी जी से बात कर रहे थे. और मैं जल्दी से आपने कमरे में गयी. और डिलडो निकाल के बहार ले आयी. Meri Vidhwa Saas ki chudai ki kahani
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फिर मैंने अपना सारा काम निपटा लिया. और फिर हम लोग अपने अपने कमरे में आ गए. मेरे पति आते ही मुझसे चिपकने लगे. और उन्होंने वाइब्रेटर भी ऑन कर दिया.
मैं – बेबी तुम बहुत कमीने हो. मम्मी जी के सामने ही तुमने वाइब्रेटर ऑन कर दिया. ये अच्छा हुआ. उन्हें कुछ पता नहीं चला. नहीं तो यही कहती की देखो कितनी आग लगी है.पति – वैसे बेबी आग तो सच में बहुत है तुम्हारे अंदर तभी तो मैं भी गरम ही रहता हु.
अब कपडे पहने क्यों खड़ी हो. निकल दो इन्हे जल्दी से.मैं -बेबी अभी मुझे मम्मी की मालिश करने जाना है. उनकी पीठ में दर्द रहता है. और 2 दिन से मैं रोज उनकी मालिश करती हु. में अभी उनकी मालिश करके आती हु. फिर अपने इस घोड़े की सवारी करुँगी.
पति -ठीक है बेबी मगर जल्दी आना.में अपने कमरे से निकल आयी. अब मेरे पति को क्या मालूम था की मैं नीचे भी उनकी माँ के साथ चुदाई करने जा रही हु. नीचे आते ही मैंने पहले डिलडो निकला. और सीधा मम्मी जी के कमरे में गयी.जैसे ही मैं दरवाजा खोल के अंदर घुसी. मम्मी जी मुझे देखकर चौक गयी.
मम्मी जी – क्या हुआ बहु कुछ काम था क्या?में सीधा मम्मी जी के पास गयी. और बेड पर चढ़के उन्हें किश करने लगी. मम्मी जी ने भी मुझे किश किया फिर वह बोली. Meri Vidhwa Saas ki chudai ki kahani
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मम्मी – बहु इतनी रात को यहाँ कैसे आ गयी. मेरा बेटा कुछ नहीं बोला.
मैं – मम्मी जी मैंने उन्हें कह दिया है की मैं आपकी मालिश करने आयी हु. और इस बात से तो वह भी खुस हो गए.
मम्मी जी -वैसे बहु तू भी कुछ कम नहीं है. वैसे तेरे हाथ में ये क्या है?मैंने मम्मी जी को वह डिलडो हाथ में दे दिया. और मम्मी उसे देखकर चौंक गयी.
मम्मी जी -हे भगवान ये क्या है? ये तो बिलकुल आदमी के लंड की तरह ही है.
मैं – है मम्मी जी ये नकली लंड ही है. जो हमेशा खड़ा रहता है. बस इसमें से आदमी का पानी नहीं निकलता. मगर ये मज़े पुरे देता है. ये भी विजय ही लेके आये थे.
मम्मी जी -मेरा बेटा सच में बहुत अलग है. अपनी बीवी को नकली लंड से चोदता है. तभी मैं कहु तू कमरे से बहार क्यों नहीं आती थी?
मैं -हा मम्मी जी मैं इसे ही इस्तेमाल करती हु. जब भी विजय बहार जाते है.मैंने जल्दी से अपनी नाइटी निकाल दी. और अब मैं ब्रा पेंटी में बैठी थी. मैं मम्मी जी से चिपक गयी. और हम दोनों किश करने लगे. फिर मम्मी जी ने भी मैक्सी निकाल दी.
मम्मी जी के साथ चिपककर चूमा चाटी करने से मज़ा आ रहा था. और मम्मी जी भी मेरी चूचिया दबा रही थी. फिर मम्मी जी ने मेरी ब्रा निकाल दी. और मेरी चुचि को अपने मुह मे भर लिया.मम्मी जी खींच खींच के मेरी चुचि चूस रही थी. और मैं भी उनकी चूचियों को दबा रही थी. मेरा हाथ मम्मी जी के नंगे बदन पर चल रहा था.
फिर मैं भी मम्मी जी की चुचि चूसने लगी.
हम सास बहु नीचे चुदाई का खेल खेल रहे थे. और ऊपर मेरे पति अपना लंड हाथ में लिए मेरे इंतज़ार कर रहा थे. मम्मी जी ने मेरी पेंटी भी निकाल दी. और मेरी चुत में लगे वाइब्रेटर को देखने लगी. Meri Vidhwa Saas ki chudai ki kahani
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मम्मी जी -बहु ये अभी भी तूने लगा रखा है.
ये आपके बेटे की इच्छा है की जब तक वह घर में रहेंगे. तब तक ये मैं अपनी चुत में लगा के रखुगी. और मैं भी मम्मी जी की टाँगो के बीच में आ गयी.
मम्मी जी ने खुद अपनी टाँगे फैला दी. मैंने आपने मोबाइल से वाइब्रेटर ऑन कर दिया.और फिर मैंने अपना मुँह मम्मी जी की चुत पर लगा दिया.
मेरी जीभ मम्मी जी की चुत चाट रही थी. और फिर मैंने वाइब्रेटर को मम्मी जी चूचियों के निप्पल पर लगा दिया.मम्मी जी को मज़ा आने लगा. फिर मम्मी जी ने मेरे हाथ से वाइब्रेटर ले लिया. और उसे खुद अपने निप्पल पर दबाने लगी. और इधर मैंने डिलडो हलके से मम्मी जी की चुत में डाल दिया.
मम्मी जी ने नीचे देखा. तब तक मैं डिलडो अंदर डाल चुकी थी.मम्मी जी -वाह बहु ये तो बिलकुल एक असली लंड की तरह मज़े देता है. इसे लेके तो लंड की जरुरत ही नहीं महसूस होगी.
मैं – हा मम्मी जी एक अकेली औरत का ये बहुत बड़ा सहारा है. विजय इसे मेरा दूसरा पति बुलाते है.
मम्मी जी – सही नाम है बहु. ये सारे फ़र्ज़ एक पति के ही निभा रहा है.
मैं मम्मी जी की चुत चाटते हुए. और उन्हें डिलडो से चुदाई का मज़ा दे रही थी. फिर कुछ देर बाद मम्मी बोली. मम्मी जी -बहु तू भी मेरे ऊपर आ जा.
मैं समझ गयी. मम्मी जी मुझे 69 पोजीशन के लिए बोल रही है. और मैंने देर किये बिना सीधा अपनी चुत मम्मी जी के मुँह पर रख दी. अब इधर मैं मम्मी जी की चुत चाटते हुए उन्हें डिलडो से चोद रही थी. Meri Vidhwa Saas ki chudai ki kahani
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तो मम्मी जी की जीभ मेरी चुत में घूम रही थी. और वह वाइब्रेटर को मेरी चुतके दाने पर लगा रही थी. मुझे मम्मी जी के साथ बहुत मज़ा आ रहा था. हम कुछ देर तक एक दूसरे को ऐसे ही मज़े देते रहे.फिर मैं मम्मी जी के ऊपर से उठ गयी. और अब मैंने अपनी चुत मम्मी जी की चुत पर लगा दी. और अब हम दोनों अपनी चुतको आपस में रगड़ रहे थे.
हमारे बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे. और हमारे होंठ एक दूसरे को होंठों को चूस रहे थे. और नीचे पानी छोड़ती हमारी चुत आपस में रगड़ रही थी.
मम्मी जी और मैं आपस में खो गए थे. हम दोनों ही जल्दी जल्दी अपनी चुत को रगड़ मार रहे थे. और फिर हम दोनों का ही एक साथ पानी निकल गया.
मैं- मम्मी जी के ऊपर लेटी हुई थी. और उन्होंने मुझे जकड रखा था. ऐसा लग रहा था. जैसे हम दोनों एक कपल है. हम दोनों की ही साँसे तेज तेज चल रही थी. फिर मम्मी जी ने मुझे किश किया.
मम्मी जी -बहु आज तेरे साथ मुझे उतना ही मज़ा आया. जितना पहली बार सीमा के साथ आया था.
मैं – मम्मी जी मुझे भी आपके साथ बहुत मज़ा आया. अब अगर हम अकेले होते भी है. तो हम दोनों एक दूसरे का सहारा बनेगे.
फिर मैं कपडे पहन के अपने कमरे में आ गयी. और मैंने डिलडो मम्मी जी को ही दे दिया. और फिर हमारी चुदाई का रिश्ता ऐसे चल रहा है.तो दोस्तों कैसे लगी आपको मेरी कहानी. मुझे मेल और कमेंट करना न भूले. Meri Vidhwa Saas ki chudai ki kahani
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