Purani chudai ki kahani: हैलो दोस्तो, मेरा नाम शिप्रा है और ये एक पुरानी कहानी है. मैं एक हिस्ट्री स्टूडेंट हु और मुझे पुरानी चीज़े सुनना और पुरानी चीज़ो पर रिसर्च करना पसंद है.
ये कहानी भी कुछ ऐसी ही है. कहानी एक फंतासी है तो मेरा नाम भी कहानी में काल्पनिक ही है जो की है निमेरिअ.
मैं एक बहुत खूबसूरत लड़की हु. और इसके ऊपर ही काफी लड़ाईया भी हुई तो पढ़िए कहानी तो कहानी कुछ ऐसी है की बहुत सालो पहले पूरी दुनिया के सबसे बड़े 2 ही साम्राज्य थे. एक पर्शियन और दूसरा रोमन.

कभी रोमन पर्शियन पर हमला कर देते थे तो कभी पर्शियन रोमन पर. ये लड़ाई- मार-धार हमेशा ही चलती रहती थी क्युकी उन्हें ये दिखाना होता था के वह सबसे बड़े है. Purani chudai ki kahani
Purani chudai ki kahani
हाँ आप लोग सही अंदाजा लगा रहे है. वही हाल आज के टाइम पर अमेरिका और रूस का हो गया है.पर्शिया का एक शहर था जिसका नाम था अल्मास. मेरे पिताजी वह के गवर्नर थे और मैं उनकी लड़की थी जिसकी शादी दूसरे शहर के गवर्नर के लड़के से होने वाली थी.
हमारी शादी पक्की तभी कर दी जाती थी जब हमारे पीरियड्स स्टार्ट होते थे तो मेरे पीरियड्स स्टार्ट हो गए थे तो मेरी शादी तभी पक्की हो चुकी थी, अब मेरी शादी होने वाली थी. मुझे उस वक़्त शादी के बारे में कुछ पता भी नहीं था और ना ही मैं इतना सोचती थी.
लेकिन हुआ ये के रोमन लोगो ने हमारे एरिया पर हमला कर दिया और मेरे घर के सभी लोगो को मार दिया. माँ-बाप भाई बहन. मैं उनको देखने में बहुत खूबसूरत लगी.
इसलिए उन्होंने मुझे बांध लिया और अपने कमांडर के पास ले आये. मैं रास्ते में देखती हुई आ रही थी. रोमन सिपाही सभी पर्शियन लोगो को मार रहे थे Purani chudai ki kahani
Purani chudai ki Story
उनकी औरतो को नंगी करके उनकी चूत में अपने लंड डाल रहे थे. मुझे तब तक ये भी नहीं पता था ये सब क्या हो रहा है. कमांडर ने जैसे ही मुझे देखा तो बोले “बहुत ही बढ़िया ये तो मेरे महल में रहेगी.”मैं किस्मत की मारी खुश होने लगी के मैं महल में रहूंगी. तो उन्होंने मुझे कुछ नहीं किया और फिर सुबह में अपने साथ महल ले आये और फिर वहा पर दरबार लगा हुआ था वही पर मुझे पेश किया गया.
ये रोमन एम्पायर का एक शहर था जिसका नाम था अस्तपार वह कमांडर जिसने हमारे शहर पर हमला किया था उसका नाम था ओक्लेस और वह अस्तपार का गवर्नर था।
वहा पर और भी लड़किया थी उनको मैं जानती थी क्युकी वह हमारे महल में भी काम करती और कुछ बहार भी रहती थी तो मुझे उनके साथ लाइन में लगा दिया गया.
वहा पर उनको एक एक करके नंगी किया जा रहा था और फिर उनकी जांघो पर कुछ लगाया जा रहा था जिससे उनको दर्द भी हो रहा था. वह चीखती थी
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लेकिन फिर आगे बढ़ जाती थी. फिर मेरा नंबर भी आ गया. तो मेरे भी कपडे उतरवा दिए गए मैं सबके सामने नंगी थी एकदम.
मुझे शर्म भी आ रही थी लेकिन अब उनके सामने कुछ कर भी तो नहीं सकती थी फिर उन्होंने मुझे मेरी जांघ ऊपर रखने के लिए बोला तो मैंने मना किया.
जिस पर उस आदमी ने गरम गरम लोहे से बने हुआ “टी” लेटर को मेरी जांघो पर चाप दिया मैं दर्द के मारे बेहोश हो गयी.
जब मेरी आँख खुली तो मैं ज़मीन में लेटी हुई थी. मेरे गले में काला पट्टा पड़ा हुआ था और मैं पूरी नंगी ही थी तभी एक औरत आयी वह बहुत ही खूबसूरत थी और वह आकर बोली:
दूसरी औरत: .“देख लड़की मैंने तुझे अपने लिए रख लिया है नहीं तो तुझे ये सब लोग मर्दो के हवाले करने वाले थे. वह तुझे कच्चा चबा जाते अब से मैं तेरी मालकिन हु और जो मैं कहु वही करना समझी?” मैंने अपना हाँ में सर हिला दिया.
तो फिर वह बोली: Purani chudai ki kahani
दूसरी औरत: “चल अब उठ और मेरे साथ आजा.”मैं उठकर उनके पीछे पीछे चलने लगी, मेरी टांग में अभी भी दर्द हो रहा था.
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लेकिन मैं चलती रही क्युकी मेरे अंदर अब जो उन्होंने डर बिठाया था, वह पूरी तरह से घर कर गया था, वह मुझे अपने कमरे में ले आयी और फिर उन्होंने मुझे पहनने के लिए एक कपडा दे दिया, हाँ वह एक ही कपडा था और वह भी छोटा सा, तो वह मैंने अपने गले के पत्ते से अटका लिया, उसे ही अपनी चूत और गांड पे लगा लिया .
उसमे से साइड से मेरे पुरे बूब्स देखे जा सकते थे और पीछे से तो वह पूरा बैकलेस था निचे गांड ढकने के लिए कपडा काम बचा था इसलिए उसको थोड़ा ऊपर बांधना पड़ा जिससे वह काफी ऊँचा हो गया यानी निचे से अगर मैं थोड़ी भी झुकती थी तो मेरी पूरी गांड और चूत साफ़ साफ़ दिख जाती थी. Purani chudai ki kahani
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लेकिन कुछ नहीं से तो कुछ तो था. इसलिए मैंने वह बिना कुछ कहे पहन लिया फिर मालकिन ने मुझे अंदर बुलाया बाथरूम में जहा वह नहाने जा रही थी और एकदम नंगी हो गयी वहा पर एक पूल बना हुआ था और 2 लड़किया उसके अंदर पानी भर रही थी.
मैंने वह कपडा वापस निकाल दिया फिर बहार से अपने आपको साफ़ किया पानी से और मालकिन के साथ पूल में आ गयी.
फिर उन्होंने मुझे अपने आपको साफ़ करने के लिए बोला तो मैं उनको एक कपडे के लोफ से साफ़ करने लगी मैंने उनकी बॉडी का एक एक हिस्सा रगड़ रगड़कर साफ़ किया.
फिर वह नहाने के बाद अपने कमरे में आ गयी और फिर मैंने उनको कपडे पहनाये.
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फिर उन्होंने मुझे 2-3 काम बताये तो मैंने वह भी कर दिये फिर उन्होंने मुझे भेज दिया आराम करने के लिए मैंने वापस अपना कपडा पहन लिया और बाकी लड़कियों के साथ रूम में आ गयी पहले हमें खाना दिया गया और फिर वही पर सोने के लिए बोल दिया गया ज़मीन पर ही तो मेरे अगल बगल में जो लड़किया लेटी हुई थी उन्होंने मुझे पहचान लिया वह दोनों लगभग मेरी उम्र की थी और बॉडी भी लगभग मेरे जैसी ही थी तो वह बोली. Purani chudai ki kahani
लड़की 1: बहुत बुरा हुआ तुम्हारे साथ.
लड़की 2: या तो शादी होने वाली थी या अब किसी की बाँधी बन गयी हो बहुत बुरी किस्मत है तुम्हारी.
लड़की 1: ये भी सही हुआ के मालकिन ने अपनी बाँधी बना लिया. कम से कम मर्दो से तो दूर रहेगी, हमारा देखो हमारी चूत तो हमेशा खुली ही रहती है लंड लेने के लिए तभी मैं बोल पड़ी “मतलब मैं मर्दो से बच गयी?”
लड़की 1: हाँ और क्या.
मैंने सुना है ये रोमन औरते इसपर बधाई देती है के किस के पास सबसे खूबसूरत वर्जिन बाँधी है
लड़की 2: हाँ ये बात सच है मैंने मालकिन को अपने पति से बात करते हुए सुना था वह बोली के “सभी जल जायेंगे मेरी बाँधी देखकर.”
मैं: मैं क्या इतनी खूबसूरत हु?
लड़की 1: तुम बहुत खूबसूरत हो. इसलिए ही तो तुम्हे उन्होंने बचा लिया, मेरी उनसे अच्छी दोस्ती हो गयी. उनका नाम रिस्का और एला था. Purani chudai ki kahani
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हम तीनो ने काफी देर तक बाते बनायीं और फिर सो गए सुबह में हमारे लिए घंटा बजाय जाता था तो मैं उठी और सीधा अपनी मालकिन के पास पहुंच गयी मेरी मालकिन का नाम लुक्रेटिए था वह अस्तपार के गवर्नर की बीवी थी.
आज उनके लिए बहुत बड़ा दिन था क्युकी आज उनसे मिलने के लिए बड़े बड़े लोग आने वाले थे बधाई देने के लिए जीत तो लुक्रेटिए ने मुझे काम पर लगा दिया।
मुझे उन्होंने सजावट का काम दिया फिर सारा काम होने के बाद पहले वह खुद तैयार हुई और फिर मुझे भी अच्छे कपडे दिए वह कपडे भी ऐसे ही थे दिखने में अच्छे थे।
लेकिन उनके अंदर से मेरा सब कुछ दिख रहा था. क्युकी वह ड्रेस गले पर बांध जाती थी और मेरे चुचो को कवर करते हुए निचे मेरी गांड पर टिकी हुई थी पीछे मेरी गांड की लकीर ऊपर से दिख रही थी और निचे से पूरी फटी हुई थी तो उनमे से चूत भी आसानी से देखि जा सकती थी उन्होंने मेरे बाल भी अच्छे से बंधवाये और
मेरे सर पर एक पीकॉक का पारर लगा दिया मैं बेतहाशा की खूबसूरत लग रही थी फिर घर पर मेहमान आ गये, मुझे उनको शराब देने के लिए मालकिन ने बोला तो मैं सबको देने लगी. वह जितनी भी रोमन औरते आयी थी सबके चेहरे उतर गए क्युकी मैं उनकी बांधियो से कई गुनाह खूबसूरत थी लेकिन मर्दो की आँखों में अलग ही चमक थी वह मुझे बहुत घूर घूरकर देख रहे थे.
जब वह चले गए तो मालकिन ने मुझसे ड्रेस वापस लेकर रखली मैंने फिर से अपना कपडा डाल लिया. बाकी और लड़कियों को तो वह भी नहीं मिलता था.
वह तो सब नंगी ही रहती थी. जब भी किसी का मन होता था. उनको झुकाते और चोदने लग जाते और वह किसी को भी मना भी नहीं कर सकती थी. Purani chudai ki kahani
तो दोस्तों इस कहानी में आगे बहुत कुछ है. और जानती हु ये कहानी काफी बोरिंग हो गयी होगी लेकिन आगे बहुत मज़ा आने वाला है. मिलते है अगली कहानी भाग 2 में तब तक के लिए धन्यवाद!
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