Nisha Aunty ki Chudai: हैलो दोस्तो, मेरा नाम शुभम है. मेरी उम्र 25 है और मुझे आंटी और भाभियाँ बहुत पसंद है. उनको चोदने में मुझे बहुत मज़ा आता है.ये हॉट कहानी तब की है जब मेरे घर वाले सिटी से बाहर गए हुए थे.
मुझे आंटी को चोदने का बहुत मन करता था. क्यूंकि वो लड़कियों की तरह नखरे नहीं दिखाती है और एक्सपेरिएंस्ड होती है.
ये कहानी तब की है जब मेरे घर वाले सिटी से बाहर गए हुए थे समर वेकेशन मनाने के लिए. लेकिन मैं नहीं गया था. और इसी वजह से मुझे जन्नत देखने को मिली.

मैंने आज तक कभी सेक्स नहीं किया था. इसलिए मैं अक्सर पोर्न वीडियो लगा कर बड़ी टीवी को मोबाइल से कास्ट करके खूब देखता रहता था. शाम का टाइम था और मैं पोर्न वीडियो देख रहा था जिसमे कैरेन ली डार्लिंग दैनिक (बोथ अरे पोर्नस्टार्स) की खूब जैम के चुदाई कर रहा था.
मैं वीडियो देख कर अपना लंड हिला रहा था. मैं सोच रहा था की काश मैं भी किसी को ऐसे ही चोद पाता. और फिर मैं अपने लंड को तेज़ी से हिलाते हुए सारा पानी निकाल देता हु. उसके बाद मैं उठ कर मिरर के सामने नंगा खड़ा होकर अपने आप की शकल देख कर पूछता हु? Nisha Aunty ki Chuda
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मैं (खुद से): साले कब तक हिलायेगा तू? कब तुझे चोदने का मौका मिलेगा? तू ऐसे ही मरता जाएगा हिलाते-हिलाते. शर्म कर. कोई आंटी को फसा ले जाके नहीं तो तेरा कुछ नहीं होने वाला.
फिर मैं शावर के लिए चला गया और जैसे ही शावर लेके बाहर आया मुझे मेरे मोबाइल की रिंगटोन सुनाई दी. मैंने कॉल पिक की.
पापा: कहा हो बेटा? कितनी देर से कॉल कर रहा हु. उठा क्यों नहीं रहे हो?
मैं: मैं शावर ले रहा था पापा.
पापा: सुनो मेरे बॉस की वाइफ हमारी सिटी आयी हुई है. और कोई होटल नहीं मिल रहा है उन्हें क्यूंकि सारे फुल है इस टाइम. सो वो हमारे यहाँ कुछ दिन रुकेंगी. मेरी बात हो गयी है उनसे तुम उन्हें एयरपोर्ट के पास होटल मयूर से पिक कर लो. मैं उनका नंबर तुम्हे सेंड कर रहा हु.
में: उनका पापा यहाँ क्या काम है हमारी सिटी में?
पापा: अर्जेंट मीटिंग फॉर आवर कॉन्ट्रैक्ट. तो हेर. नहीं तो तुम्हारे पापा की जॉब खतरे में चली जाएगी बेटा.
मैं: पापा गुड बाई.
पापा: जाओ जाके ले आओ वहा से.
तो अब मैं तैयार हो कर उनको पिक करने के लिए निकला. शाम के 7 बज रहे थे. फिर मैंने कार निकाली और उनको लेने एयरपोर्ट के पास मयूर होटल पे पहुंच गया. मैंने कार पार्किंग में लगायी और उन्हें कॉल करने लगा.
फ़ोन: ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग.आंटी: हेलो.
मैं: हेलो आंटी मैं शुभम बोल रहा हु. वो पापा ने आपको पिक करने को बोला था. आप कहा पे हो?
मैं पहुँच गया हु मयूर होटल.आंटी: मैं मयूर होटल के सामने खड़ी हु बेटा.
मैं दिख नहीं रही हो आप? Nisha Aunty ki Chuda
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आंटी: मैंने पिंक कलर की साड़ी पहन रखी है. हाथ हिला रही हु ध्यान से देखना.फिर मैंने ध्यान से देखा तो अपनी लेफ्ट की तरफ एक लेडी दिखाई दी. फिर मैंने भी हाथ दिखा के बोल दिया-
मैं: आ गया मैं.आंटी: ओके.आंटी रोड के उस पार खड़ी थी जिस वजह से मुझे दिखाई नहीं दी. फिर मैं रोड क्रॉस करके उनकी तरफ जाने लगा. जब मैं उनकी तरफ पहुंचा तो मैं चौंक गया उन्हें देख के.
मैंने मन में ही सोचा-
मैं: क्या माल है यार.आंटी की उम्र 30-32 साल की होगी. आंटी ने पिंक ट्रांसपेरेंट साड़ी पहन रखी थी. टाइट स्लीवलेस ब्लाउज पहना था साथ में उन्होंने. खुले हुए स्टाइलिश बाल थे उनके.उनके बूब्स को जब ध्यान से देखा तो 34″ साइज के तो होंगे ही मेरे हिसाब से. और मस्त उभरी हुई गांड थी उनकी.
उनका पेट एक-दम – था. थोड़ा फैट था बेल्ली में उनकी जो उनके पेट को सेक्सी बना रहा था.उनकी उभरी हुई गांड देख के मेरा तो पूरा दिमाग खराब हो गया. मेरा मन तो कर रहा था की अभी रोड पे ही आंटी जी को चोदू जम कर. उनके नेल्स पर येलो नेल-पोलिश और हाथो में एप्पल वाच पहनी थी.Nisha Aunty ki Chuda
और ये उनकी हॉटनेस को काफी ज़्यादा बढ़ा रहा था.अब मैंने ये भी सोच लिया था की बेटा इसको तो किसी हाल में भी चोदना ही था फिर चाहे जो हो जाये. मैं ये सब उन्हें देख के सोच ही रहा था की वो बोली-आंटी: हेलो कहा खो गए?
मियां: कुछ नहीं आंटी जी बस कुछ याद आ गया था.आंटी: ऐसा क्या याद आ गया जो इतना खो गए?में: कुछ नहीं बस ऐसे ही.आप यही रुकिए मैं कार टर्न करके लाता हु यही.
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आंटी: ठीक है.फिर मैं कार टर्न करके उनके पास लाया. फिर कार से जल्दी उतर कर उनकी तरफ वाले गेट की तरफ दौड़ा और गेट खोल के अपना सर नीचे झुका के बैठने को कहा. इससे उनके चेहरे पे काफी मुस्कान आ गयी थी और वो अंदर बैठ गयी. इस इंसिडेंट से वो बहुत खुश हुई और मैंने अपना इम्प्रैशन जमा दिया.
मैं: आंटी जी आप कितनी देर से यहाँ इंतज़ार कर रही थी?
आंटी: 30 मिंट ऑवर हो गया होगा मेरे हिसाब से. पहले तो मैंने ऑनलाइन होटल सर्च किया लेकिन सारे फुल थे.
मैं: हमारी सिटी में अच्छे होटल्स कम है इस वजह से सारे -फूल रहते है.आंटी: यहाँ से कितना दूर है घर?
मैं: बस 4 कम है. 5 मिनट लगेंगे हम लोगो को.आंटी जी आपने कौन सा परफ्यूम लगाया है. स्मेल काफी अच्छी है. मन फ्रेश कर देने वाली.आंटी: अच्छी है न?
मैं: हां वैरी रिफ्रेशिंग. वैसे एक बात बोलू आंटी?आंटी: हां बोलो.में: आप बहुत ब्यूटीफुल हो.
आंटी: अच्छा जी फ़्लर्ट कर रहे हो?
मैं: नहीं जो रियलिटी है वो बोल रहा हु.आंटी: बस भी करो अब.
मैं: आपका नाम क्या है आंटी जी?
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आंटी: निशा.
मैं: नाइस नाम.आंटी: थैंक यू.और हम घर पहुँच जाते है. मैं कार पार्क करता हु. और मैं जल्दी से कार से उतर कर आंटी की तरफ का गेट खोल देता हु.
आंटी: सो स्वीट ऑफ़ यू. Nisha Aunty ki Chuda
मैं: योर वेलकम.
अब मैं उनका ट्राली बैग कार से निकालता हु. फिर शायद उनके हस्बैंड का फ़ोन आता है. वो फ़ोन पे बात करने लगती है और मैं उनकी पोलरी बॉडी को अपनी आँखों से स्कैन करना स्टार्ट कर देता हु. ख़ास कर आंटी की गांड और टाइट बूब्स जो ब्लाउज से बाहर आने के लिए तड़प रहे थे इतना टाइट ब्लाउज उन्होंने पहन रखा था.
आंटी (फ़ोन पे बात करते हुए): हां मैं पहुँच गयी हु. हां ठीक हु. हम्म्म ोकय बाई.
मैं: चलिए अंदर चलते है.फिर हम अंदर आते है. मैंने पहले से ही कमरे का साफ कर दिया था जिससे रूम काफी चिल्ड हो गया था. आंटी को भी रूम में अब काफी अच्छा लग रहा था. फिर मैं गया रेफ्रीजिरेटर से दो ग्लासेज में कोल्ड ड्रिंक ले आया. और फिर हम लोगो ने वो पी ली.
मैं उन्हें पीते हुए देख रहा था. क्या रसीले होंठ थे यार. मन तो कर रहा था लिपलॉक कर लू. फिर मैंने अपने आप को कण्ट्रोल किया.
आंटी: 2 दिन मेरी मीटिंग है बेटा. सो दो दिन क्या मैं यहाँ रुक सकती हु?
मैं: ऑफ़ कोर्स आंटी. ये भी कोई पूछने वाली बात है? आपका जब तक मन करे आप रुक सकती हो. आप अपना ही घर समझिये.
आंटी: सो स्वीट ऑफ़ यू बेटा. और कोई नहीं है क्या घर पे क्या?
मैं: मम्मी-पापा वेकेशन के लिए गए हुए है. वो हफ्ते बाद आएंगे.आंटी: तुम क्यों नहीं गए हम्म?
मैं: मैं मम्मी-पापा के साथ बोर हो जाता हु.आंटी: तो गर्लफ्रेंड के साथ जाना अच्छा लगता है?
मैं: गर्लफ्रेंड तो मिले पहले.आंटी: कोई गर्लफ्रेंड ही नहीं बनायीं अभी तक? स्मार्ट और हैंडसम हो फिर भी सिंगल हो?
मैं: हम्म आप जैसी ब्यूटीफुल लड़की मिलती ही नहीं है.आंटी: अच्छा जी! मैं इतनी अछि लगती हो तुम्हे? तुम ना फ्लिर्टिंग से बाज़ नहीं आओगे. कितना टाइम हो गया? Nisha Aunty ki Chuda
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मैं: 7:30 हो गए. आप चाहे तो फ्रेश हो जाइये. मैं डिनर का इंतज़ाम करता हु.आंटी: हां. बाथरूम किधर है यार?मेरा बैग कहा है?
में: इधर यहाँ पे है आंटी बाथरूम.फिर आंटी फ्रेश होने चली गयी. और मैं भी डिनर के लिए तैयारी करने लगा. जब गेट खुला तो आंटी ने कनी -वाली निघ्त्य पहन राखी थी. फिर वो अपने बाल टॉवल से पोंछते हुई आयी और पूछने लगी-आंटी: क्या बना रहे हो?
मैं तो उन्हें देखता रह गया. उनके बड़े-बड़े बूब्स का क्लीवेज साफ़-साफ़ दिख रहा था. और उनकी निघ्त्य बस घुटनो तक ही थी. और उनकी लेग्स मस्त मलाई-दार गोरी-गोरी लग रही थी. मन तो कर रहा था उनके पैरो को किश कर लू नीचे से ऊपर तक.मैं: कुछ नहीं आंटी बस. आप निघ्त्य में बहुत हॉट लग रही हो.आंटी: अच्छा जी?इस बात से आंटी शर्मा गयी. और फिर वो कमरे में चली गयी (मेरे स्टडी रूम में ).आंटी: ये किसका रूम है?मैं: मेरा है.और फिर मैं उनको दूर से दिखाते हुए बोला-मैं: जिसमे बड़ा डबल बेड है. वो मम्मी-पापा का है.
आंटी: मैं तो इसी में लेटूंगी आराम से.में: ये आपका घर है. आप जहा चाहे वह लेटिए.मन मन में सोचते हुए: निशा आंटी आपको इसी बेड पे चोदुगा मैं जम कर. बस टाइम आने दीजिये.फिर हमने डिनर खाया और सोने के लिए चल पड़े.आंटी: तुम कहा सोने वाले हो?मैं: अपने कमरे में?आंटी: हम्म्म.मैं : क्या हुआ आंटी?आंटी: कुछ नहीं बस नयी जगह है और अकेले बेड रूम में थोड़ा अजीब लगता है. और डर भी. ओके गुड नाईट.मैं: गुड नाईट.फिर हम सोने चले गए. मैं लाइट बंद करके सोने लगा.
लेकिन मुझे वासना की आग सोने नहीं दे रही थी. मानो कह रही हो “जा और चोद जाके अपनी निशा आंटी को”.लेकिन मैं जल्दबाज़ी में कुछ गड़बड़ नहीं करना चाहता था.मैं सब कुछ धीरे-धीरे प्लान के अकॉर्डिंग करना चाहता था और आंटी को पाटा के चोदना चाहता था. रात को 2 बजे मेरी नींद खुलती है. और मेरा लंड खड़ा हुआ देख कर मुझसे रहा नहीं जाता है.फिर मैं मोबाइल की फ्लैशलाइट ऑन करके आंटी वाले रूम की तरफ जाता हु और धीरे से कमरे का दरवाज़ा खोल के अंदर घुस जाता हु.फ्लैशलाइट से मैं उनके मस्त फिगर को घूर ने लगता हु. वो निघ्त्य में कमाल लग रही थी. उनकी गोरी-गोरी तइस को देख कर चूमने का मन करने लगता है. और फिर मैं उनकी गांड को देखता हु. Nisha Aunty ki Chuda
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उसके बाद बूब्स को देखता हु.ये सब देख कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था. फिर मैं अपने हाथो से उनकी गांड को टच करने जा रहा होता हु की तभी वो करवट ले लेती है. इससे मैं थोड़ा डर जाता हु और छुप जाता हु फ्लैशलाइट बंद करके. फिर मैं वापस अपने कमरे में लौट जाता हु.
फिर अगली सुबह 8बजे.आंटी: उठो शुभम. देखो 8 बज गए है. मुझे मीटिंग के लिए निकलना है. जल्दी तैयार हो जाओ.
मैं (मैं आधी नींद में): हां उठ रहा हु आंटी.फिर आंटी फ्रेश होने चली गयी और मैं ब्रेकफास्ट बनाने लगा. आज उन्हें ऑफिस मीटिंग के लिए जाना था. सो उन्होंने साड़ी पहन रखी थी. क्या हॉट लग रही थी वो. ब्लैक ट्रांसपेरेंट साड़ी स्लीवलेस ब्लाउज मेरा तो देख के लंड खड़ा हो गया सुबह-सुबह.मैं: मीटिंग में आंटी सब आपको देखेंगे आज.आंटी: अच्छा जी.
फिर फ्रेश होक और ब्रेकफास्ट करके हम होटल के लिए निकल पड़े जहा आंटी की मीटिंग थी. मैंने कार न लेते हुए बाइक से जाने का प्लान बनाया ताकि आंटी जी के बूब्स का मज़ा ले सकू.आंटी: कार से नहीं चलोगे शुभम?मैं: नहीं एक्चुअली आंटी कार से जाने लायक रोड अच्छी नहीं है. और कार से टाइम भी लगेगा.आंटी: चलो जैसा तुम्हे ठीक लगे.अब मैं आंटी को बिठा के निकल पड़ा और जब भी मैं ब्रेक लगता उनके दोनों बूब्स मेरे पीठ में धस्स जाते. और मुझे मज़ा आ रहा था ऐसा करने में. ऐसा कर-करके मैंने रास्ते भर खूब मज़े लिए.मैं: आंटी अब हम पहुंच गए. कितने बजे मीटिंग ख़तम होगी मैं लेने आ जाऊंगा?आंटी: मैं कॉल कर दूँगी तुम्हे. 1 बजे तक शायद. मैं कॉल करुँगी.मैं: ओके बाई.
और मैं आंटी को मीटिंग में छोड़ कर वापस आ गया. फिर मैं सो गया. 2 बजे आंटी की कॉल आती है.आंटी: हेलो शुभम अब आ जाओ लेने.मैं: हां आंटी.मैं बाइक लेके फिर वही रास्ते भर ब्रेक लगा-लगा कर आंटी के बूब्स का मज़ा लेता हुआ आया. फिर आंटी बोली-आंटी: मुझे प्यास लगी है शुभम देखो कही पानी की बोतल मिल जाये.मैं: कोकोनट वाटर पीती है आप?फिर हम रास्ते में कोकोनट वाटर की दूकान पर रुक के वाटर पीते है. उसके बाद बाहर ही रेस्टोरेंट पे लंच भी करते है. और फिर घर आते है.आंटी: तुमने तो कमर तोड़ दी बाइक पे. कमर दर्द होने लगी.मैं: आंटी जी मैं मूव लगा देता हु Nisha Aunty ki Chuda
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और साथ में मालिश भी कर दूंगा. आपका दर्द बिलकुल गायब हो जायेगा. अब मैं मूव लेने जाता हु. तब तक वो एक रूम में बैठ के आराम करती है.
आंटी: लाओ मैं लगा लूंगी.मैं: मैंने आपको दर्द दिया है तो मैं ही लगाऊंगा.आंटी: ठीक है तुम्ही लगाओ.फिर आंटी को मैंने सोफे पे पेट के बल लिटा दिया.मैं : पहले आंटी मैं आपकी पूरी पीठ की मालिश करूँगा. उसके बाद मूव लगाऊंगा. इससे दर्द जल्द से ख़तम हो जायेगा.आंटी: नहीं बेटा केवल कमर पर लगा दो काफी है.मैं: नहीं आंटी ऐसे आपका पैन पूरी तरह नहीं जायेगा.फिर मैंने देर ना करते हुए उनके ब्लाउज का हुक और ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया. इससे आंटी चौंक गयी.आंटी: मेरे ब्लाउज और ब्रा का हुक क्यों खोला?मैं: ताकि आपकी ब्रा और ब्लाउज में तेल ना लग जाये.(क्या मस्त बदन था निशा आंटी का. एक-दम गोरा और चिकना. मन तो कर रहा था चूम लू. और नीचे मस्त उभरी हुई गांड का तो क्या ही कहना)फिर मैंने तेल उनके बदन पे डाल के मालिश करना शुरू किया. मुझे काफी मज़ा आ रहा था. मैं सोच रहा था कब इसको इसी पोजीशन में चोदने का मौका मिलेगा.
मैं आंटी जी के कंधो से लेकर नीचे तक खूब मालिश कर रहा था. फिर मैंने उनसे पुछा- अब कैसा लग रहा आंटी?आंटी: बहुत अच्छा लग रहा है. करते रहो ऐसे ही.कुछ देर बाद मालिश करते हुए मैंने ध्यान दिया की वो सो गयी थी. इसका मैं फ़ायदा उठा कर उनके बूब्स की साइड की तरफ धीरे-धीरे मालिश करते हुए पहुंचने लगा. अब मेरा लंड पूरा टाइट हो चूका था और मुझसे रहा नहीं जा रहा था.आंटी: बस करो बेटा आराम मिल गया. मैं हां (मैं सोचते हुए कितना मज़ा आ रहा था यार).फिर आंटी ने उठ कर ब्लाउज और ब्रा का हुक लगाने ले लिए कहा और मैंने लगा दिया. फिर वो उठ कर मम्मी-पापा के रूम में सोने के लिए चली गयी. Nisha Aunty ki Chuda
और मैं भी अपने रूम में सोने के लिए चला गया.
इसके आगे क्या हुआ वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. दोस्तो कैसी लगी आपको ये कहानी प्लीज कमेंट करके ज़रूर बताना।
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