Maa ki chudai kahani: हैलो दोस्तो,मेरा नाम अनीश है , मैं एक छोटे से गाओ में रहता था वह 21 साल का लड़का था अनीश की माँ विद्या बहुत ही साधारण औरत थी उसकी गांड मोटी थी बूब्स बड़े थे और सवाली रंग की थी।
लेकिन जिस गाओ में वह दोनों रहते थे उस गाओ में लड़को को लड़कियों से बहुत ऊपर माना जाता था विद्या को भी बचपन से यही सिखाया था की लड़कियों को लड़को के हर आदेश का पालन करना होता है।

अनीश को हमेशा से अपनी माँ के मज़े लेना पसंद था वह कभी कभी आते जाते अपनी माँ की गांड पर हाथ रख देता, कभी माँ की साड़ी पकड़ के उसको ऊपर कर देना, कभी माँ के नहाते समय बाथरूम में घुस जाना और माँ उससे कुछ नहीं बोल पाती।
उसको अपनी माँ को चोदना था लेकिन उसके पापा के घर पर होने की वजह से वह छोड़ नहीं पता था।
एक दिन विद्या किचन में खाना बना रही थी वह साड़ी पहन कर अनीश ने माँ को पीछे से ज़ोर से हग कर लिया।
अनीश: माँ आज क्या बना रही हो?
विद्या: कुछ नहीं बेटा बस रोटी बना रही थी अनीश अपना लंड माँ की गांड पर रगड़ता है और सामने से साड़ी खोलने की कोशिश करता है।
अनीश: माँ आज बहुत गरमी है मन तो करता बस नंगा होजाओ, अनीश अभी भी माँ की साड़ी पर लंड रगता है।
विद्या: मुझे रोटी बनाने दे परेशां मत कर, विद्या थोड़ा डरी हुई थी।
अनीश: माँ हर वक़्त काम काम लो आप भी थोड़ी हवा खालो, यह बोलते ही अनीश माँ की साड़ी दोनों हाथ से पकड़ता है और चुत तक ऊपर करदेता है। Maa ki chudai kahani
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विद्या: अह्ह्ह! (माँ चिलाती है)माँ की पूरी गांड दिख जाती है।
अनीश: अब ठंडा लग रही है माँ?
विद्या:हा अब छोड़ मेरी साड़ी को और जा, अनीश साड़ी को छोड़ देता है और हस्ते हुए चले जाता है दोपहर में उसके पापा के ऑफिस मे जाने के बाद वह खाना खाने बैठे जाता है तब अनीश बिलकुल नंगा आया और उसका लंड पूरा खड़ा था।
विद्या: तुमने कपडे क्यों नहीं पहने?
अनीश: बोला ना गर्मी लग रही थी मैं तो बोलता हु आप भी उत्त्तार दो, विद्या कुछ नहीं बोली शाम तक अनीश बिलकुल नंगा ही रहा, शाम को वह दोनों मंदिर जाने के लिए निकले वहा बहुत भीड़ थी इतनी भीड़ थी और लोग आरती में इतने मगन थे की एक दूसरे से किसी को कोई परवा नहीं थी।
इस बात का फायदा अनीश ने उठाया वह माँ को थोड़े कार्नर में लेके के गया को उसकी साड़ी पूरी खोल दी विद्या को कुछ समझ नहीं आ रहा था उसको बस इतना पता था की वह अनीश की बहो में है।
अनीश ने मौका देख कर माँ की पेटीकोट भी खोल डाली माँ ने निचे से पूरी नंगी हो गयी लेकिन अनीश विद्या से चिपक का खड़ा था भीड़ में किसी को पता नहीं चल रहा था की कोई नंगा भी खड़ा है।
विद्या भी अपनी चुत छुपाने के लिए अनीश से चिपक कर खड़ी हो गयी थी अनीश ने विद्या को उसकी गांड से कस के पकड़ रखा था आरती के ख़तम होते ही भीड़ कम होने लगी, उस वक़्त अनीश ने जैसे तैसे साड़ी और पेटीकोट उठाया विद्या एक कोने में गयी और पेटीकोट पहना मगर जब उसने अनीश से साड़ी मांगी तब उसने नहीं दी।
अनीश: मैंने आज आपको कितनी बार बोला कपडे उतारने के लिए आप नहीं मानी अब आप ऐसे ही घर चलिए बिना साड़ी पहने और अगली बार मेरी बात सुन लीजिये गा वरना आज तो बस निचे से नंगा किया था अगली बार पूरा नंगा कर दूंगा ।
विद्या के बहुत बार मांगने के बाद भी अनीश ने उसे साड़ी नहीं दी फिर विद्या ब्लाउज और पेटीकोट में ही घर जाने लगती है रास्ते में बहुत लोग उससे देखते है और वह शर्म से पानी पानी हो जाती है घर पहुंचते ही अनीश विद्या के पेटीकोट के नाड़े पर हाथ रखता है और उसे खोल देता है। Maa ki chudai kahani
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अनीश: आज आप ऐसे ही रहोगे बस ब्लाउज पहने हुए विद्या परेशां थी लेकिन करे भी क्या? रात को विद्या सिर्फ ब्लाउज पेहेन कर टीवी देख रही होती है अनीश आ जाता है और लेट कर अपना सर विद्या की नंगी झांघो पर रखता है
फिर धीरे से झांघो पर किश करता है और फिर चुत के बिलकुल पास आकर चुत पर किश करता है विद्या घबरा जाती है और उठ कर अपने कमरे में चली जाती है।
अनीश: कहा जा रही हो?
विद्या: बेटा मुझे बहुत नींद आ रही है मैं सोने जा रही हु (डरी हुई आवाज़ में)अनीश फिर पीछे से आकर एक हाथ से गांड पकड़ लेता है।
अनीश: चलो ना फिर साथ में सोते है विद्या हिम्मत जुटा के वहा से चली जाती है अगले दिन दादी की तबियत ख़राब होने के कारन पापा 1-2 हफ्ते के लिए उनके घर चले जाते है अनीश तो यह जान कर बहुत खुश हुआ, सुबह विद्या डरी हुई थी वह बाथरूम में नाहा ही रही थी की अनीश ने दरवाज़ा खोला अनीश पूरा नंगा था उसका लंड खड़ा था।
अनीश: आज आयी है तू मेरी पकड़ में माँ।
विद्या: अनीश यह क्या कर रहे हो इधर मत आओ, विद्या ने शावर बंद किया और अपने बूब्स और चुत को छुपाने के लिए उनपर हाथ रख दिया अनीश जल्दी से उसके पास आकर उससे कस के पकड़ लेता है और उसके भीगे बालो को अपने हाथो से पीछे कर देता है।
विद्या: नहीं यह गलत है छोड़ो मुझे उसका का मुँह बंद करने के लिए अनीश उसके लिप्स पर किश करके उसकी जीभ चूसने लगता है इस कारन विद्या कुछ बोल नहीं पाती। Maa ki chudai kahani
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अब अनीश फिर उसकी दोनों टाँगे पकड़ कर उसे गोदी में उठा लेता है और फिर एक ही बार में अपना पूरा लंड उसकी चुत में डाल देता है विद्या चिलाती है
विद्या: हाए , मगर अनीश नहीं रुकता वह उसको चोदता रहता है उसकी टांगे ऊपर करके उससे गांड से पकड़ कर वह चोदता रहता है।
अनीश: आह क्या मज़ा आ रहा है माँ क्या रंडी है तू आज मैं मादरचोद बन गया अब तू बस मेरी रंडी है समझी बहन की लोड़ी विद्या कुछ बोल नहीं पा रही थी बस ज़ोर ज़ोर से मोअन कर रही थी।
अनीश अपना हाथ फिर धीरे धीरे उसकी गांड के छेद की तरफ लाता है।
विद्या: रुको रुको अनीश फिर अपनी एक ऊँगली उसके गांड के छेद में डाल देता है इसकी वजह से विद्या की चुत और टाइट हो जाती है।
विद्या: आए! निकालो निकालो वहा से अनीश फिर उसके छेद को ऊँगली से चोदना शुरू कर देता है।
अनीश: क्या कुतिया है तुझे गांड में लेना भी पसंद है इसके बाद अनीश उसकी गांड कस कर पकड़ के अपना सारा माल उसकी चुत में भर देता है और फिर विद्या को ज़मीन पर फेक देता है।
विद्या गांड के बल ज़मीन पर गिरती है लेकिन उसमे एनर्जी नहीं होती तो वह लेट जाती है।
अनीश: अब से तू वही करेगी जो मैं बोलूंगा समझी रंडी?
विद्या इतनी थकी होती है की कुछ नहीं बोलती है ।
अनीश: चलो तेरे को अपनी प्रॉपर्टी बनाने का एक सबूत छोड़ देता हु, अनीश अपना लंड उसकी तरफ करता है और उसके पुरे शरीर पर मूत देता है। Maa ki chudai kahani
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अनीश: यह है मेरी निशानी अभी तो मज़ा बस शुरू हुआ है रंडी आगे आगे तो अब बहुत कुछ होगा।
अनीश विद्या को चोदने के बाद बाथरूम से निकल जाता है विद्या थोड़ी हिम्मत जुटा के अपने शरीर से अनीश के पेशाब को धो कर अपने कमरे में जाती है।
विद्या: हे भगवान ये क्या हो गया मेरे खुद के बेटे ने ही मेरे साथ… अब मैं क्या करू? अनीश उसके रूम में आता है।
अनीश: करना क्या है रंडी? इतने मज़े लेने के बाद भी तुझे चैन नहीं पड़ा?
विद्या: बेटा तुम यहाँ से जाओ अनीश उसके पास आता है।
अनीश: सुन रंडी आज रात मेहमान आ रहे है तुझे देखने समझी? तो उनकी खातिर दारी के लिए सामान तो लाना पड़ेगा चल मेरे साथ बाजार, विद्या उसकी बात सुनके थोड़ा घबरा गयी, यह देखे अनीश उसके ऊपर चढ़ गया।
अनीश: सुन रंडी तू खुश नसीब है की मुझे तेरा बदन इतना पसंद है अगर नहीं मानी तो रात तक बिस्तर पर भी रह सकते है हम दोनों, विद्या ने थोड़ी हिम्मत जुटाई और बोली:
विद्या: ठीक है तुम जाओ मैं साड़ी पेहेन के आती हु,
अनीश: साड़ी?!अनीश हसने लगा।
अनीश: साड़ी नहीं जो मैं लाया हु वह पहनेगी तू, अनीश फिर रूम से बहार जाता है और अपने हाथ में एक छोटी स्कर्ट और एक स्माल साइज की शर्ट लेके आया।
अनीश: ये पहनेगी तू विद्या ये देख के चौंक गयी।
विद्या: यह क्या बोल रहे हो? यह मैं नहीं पहन सकती।
अनीश: अबे ओह ज़्यादा बक बक मत कर चुप चाप पहन चिंता मत कर कोई नहीं पहचानेगा हम दोनों, मास्क और सनग्लासेस लगाएंगे, विद्या थोड़ा परेशां होकर अपनी पंतय पहने जाती ही है की अनीश उसका हाथ पकड़ लेता है।
अनीश: तुझे रंडी का मतलब समझ में नहीं आता क्या?
अनीश उससे गुस्से से देखता है विद्या बिना कुछ बोले बिना पंतय और ब्रा पहनकर ही स्कर्ट और शर्ट पेहेन लेती है।
अनीश: क्या लग रही है रंडी! विद्या बिलकुल मॉडर्न धनदेवाली जैसी लग रही थी उसकी शर्ट के ऊपर के बटन खुले थे जिससे उसका पूरा क्लीवेज दिख रहा था ब्रा नहीं होने के कारन उसके निप्पल भी दिख रहे थे और शर्ट इतनी छोटी थी की उसका मोटा पेट और नाभि भी दिख रही थी। Maa ki chudai kahani
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उसकी स्कर्ट को विद्या खींच के बड़ा करने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसकी स्कर्ट मुश्किल से उसकी जांगे कवर कर रही थी कोई दूसरा इंसान अगर थोड़ा झुक भी जाए तो उसको विद्या की गांड और घनी चुत दिख जाएगी।
अब अनीश और विद्या दोनों ने मास्क और चश्मे पहन रखे थे तो कोई उन्हें पहचान नहीं पा रहा था।
लेकिन सब लोग उन्हें ही देख रहे थे कुछ ठरकी बुद्धो की तो विद्या को देख कर लार टपकनी शुरू हो गयी थी।
अनीश ने अपना हाथ विद्या की गांड पर रखा हुआ था और हर दूसरे तीसरे कदम पर दबा रहा था अनीश के सब्ज़ी के ठेले वाले के पास जाता वहा दूकान दार की जगह एक लड़के होता है वह लड़के भी विद्या को देख कर थोड़ा शॉक हो गया था।
अनीश: आज मेहमानो के लिए कुछ अच्छा सा बनाना ठीक है मम्मी चलो कुछ सब्ज़ी खरीद लो, विद्या शर्म से पानी पानी हो रही थी तभी अनीश ने उसकी चुत में ऊँगली डाल दी ।
विद्या: अहह एक किलो आलू दे दो विद्या ज़ोर ज़ोर से मोअन करने लगी आस पास के लोग फ़ोन निकाल के वीडियो बनाने लगे अनीश ने और तेज़ ऊँगली करना शुरू कर दिया लड़का भी अपना लंड पकड़ रहा था।
अनीश ने लड़के को देखा और इशारा किया अनीश फिर विद्या के पास आया और उसके कान में बोला ।
अनीश: चलो तुम्हारे चुदने का टाइम आ गया, वह फिर विद्या को एक पतली सी गली में ले जाता है और अपनी पैंट उत्तार देता है वह लड़का भी उनका पीछा करता है अनीश फिर विद्या की गांड पर थपड मारता है और बोलता है।
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अनीश: वहा रे कुतिया वहा कितना ज़ोर ज़ोर से मोअन कर रही थी अब कहा गयी तेरी शर्म?
अनीश फिर अपना लंड निकालता है और ज़ोर ज़ोर से विद्या को चोदना शुरू कर देता है विद्या के मोअन्स पूरा माहौल में गूंजना शुरू कर देते है वह लड़का भी यह सब देख के मुठ मारना शुरू कर देता है।
विद्या: यहा नहीं बेटा छोड़ो अनीश उसकी शर्ट के सारे बटन तोड़ देता है और उसके बूब्स मसलने लगता है फिर अनीश उसके बूब्स कसके पकड़ता है और अपना लंड डीप उसकी चुत के अंदर डाल के सारा माल निकाल देता है।
विद्या अपने घुटनो पर आ जाती है।
अनीश: चल बे रंडी उतना टाइम नहीं है अनीश की नज़र उस लड़के पर पड़ी है उस लड़के को देखकर अनीश हस्ता है।
अनीश: बेचारा मासूम सुन रंडी इसकी भी थोड़ी मदद कर दे विद्या उसको देखती है और अपने पास बुलाती है वह लड़का उसके पास आता है और विद्या अपना मास्क और चस्मा निकालती है।
लड़का: विद्या आंटी! आप! विद्या उसको छिलने से रोकने के लिए उसको माउथ तो माउथ किश कर देती है सिर्फ उसकी किश से लड़के को इतना मज़ा आता है की उसका मुठ निकल जाता है।
विद्या: प्लीज यह किसी को मत बताना लड़के को समझ में नहीं था की उसके साथ हुआ क्या उसने बस मुंडी हिला दी।
विद्या फिर अपना मास्क और चश्मे पहन के चली गयी पुरे रस्ते उसकी चुत से अनीश का मुठ बह रहा था, रात में, विद्या घबराई हुई थी कोन से मेहमान आ रहे है अनीश उसको एक ब्लैक साड़ी दी थी पहने के लिए तो वह वही ब्लैक साड़ी पहन कर बैठी थी वह साड़ी थोड़ी ट्रांसपेरेंट थी और ब्लाउज डीप कट वाला था। Maa ki chudai kahani
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वह सोच ही रही थी की तभी गेट की बेल्ल बजी, वहा समीर और मुकुल खड़े थे दोनों अनीश के दोस्त थे समीर ने जैसी ही विद्या को देखा काली सेक्सी साड़ी में वह उससे चिपक के उसको चुम लिया।
समीर: विद्या अपने आप को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी लेकिन छुड़ा नहीं पा रही थी, पीछे से आवाज़ आयी।
अनीश: तुम दोनों चूतिये किसी काम के नहीं हो, समीर ने विद्या को छोड़ा और बोला:
समीर: सॉरी भाई मुझे याद है हमने प्रॉमिस किया था की एक बार जब सब को बंदी मिलेगी तब हम एक दूसरे के माल को टच करेंगे लेकिन मुकुल को तो कोई माल नहीं मिला इतना मोटा चस्मा लगता है कोन लड़की इसको भाव देगी।
और मेरे तो तू जानता है मेरी आदते ही कुछ ऐसी है की लड़किया मेरे पास ही नहीं आती।
अनीश: हा हा सब पता है।
समीर: जब मुझे पता चला की तूने अपनी माँ को चोद दिया है तब तो सोच नहीं सकता मैं तो इमेजिन कर करके मुठ ही मारता रहता हु और आज तो मुकुल का भी सपना पूरा हो जायेगा।
विद्या: अनीश यह क्या बोल रहा है?
अनीश: सुनाई नहीं देता क्या रंडी? आज ये दोनों चोदेगे तुझे ।
समीर: डरो मत आंटी मैं अनीश जैसा नहीं हु आपको रानी की तरह ट्रीट करूँगा।
विद्या: वह कुछ बोलने ही वाली होती है की मुकुल घबराते हुए उसका हाथ पकड़ लेता है।
अनीश: हा तुझे तो पता नहीं होगा लेकिन मुकुल बचपन से तेरे को चोदना चाहता है अनीश हसने लगता है।
मुकुल: नहीं ऐसा नहीं है! मुकुल विद्या का हाथ पकड़ के थोड़ी हिम्मत जुटा के बोलता है।
मुकुल: आंटी मैं बचपन से आप से बहुत प्यार करता हु विद्या थोड़ा शांत हो जाती है ।
विद्या: मगर बेटा –
अनीश: अब उसका दिल मत तोड़ रंडी।
विद्या: ले-कुछ बोलने से पहले ही मुकुल विद्या को किश कर देता है मुकुल दोनों हाथो से विद्या के सर को पकड़ता है और उसकी मुँह में अपनी जीभ डाले के मुह को चोदना शुरू कर देता है। Maa ki chudai kahani
समीर: चलो मुकुल ने मेरी ज़्यादा इंतज़ार किया है इस दिन का तो पहेली बारी भी उसकी समीर और अनीश बैठ कर शो देखता है मुकुल उसका ब्लाउज और ब्रा खोल कर उसके बूब्स चूसने लगता है मुकुल बूब्स चूसते चूसते ही विद्या के पेटीकोट का नाड़ा खोल देता है वह जैसी ही निचे जाता है उसको विद्या की चुत पर घाना जंगल दीखता है।
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वह विद्या की गांड दोनों हाथो से पकड़ कर उसकी चुत चाटने लगता है।
समीर: देख देख कुत्तो की तरह चाट रहा है समीर और अनीश दोनों हसने लगते है थोड़ी देर चाटने के बाद मुकुल अपना लंड निकालता है और विद्या के दोनों टाँग हवा में उठा के उसकी चुत में अपना लंड डाल देता है विद्या ज़ोर ज़ोर से मोअन करना शुरू कर देती है।
समीर: भाई यह तो सीधा आंटी को उठा के खड़ा खड़ा ही चोद रहा है।
अनीश: जब इंसान को हवस चढ़ती है तब वह कुछ भी कर सकता है।
मुकुल विद्या को और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा अब चोदने की आवाज़ पुरे घर में गूंज रही थी।
समीर: यह मेरे से अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा मुकुल जल्दी कर यार।
अनीश: मेरे पास एक आईडिया है अनीश समीर के कान में कुछ फुस फुसता है समीर अपना पैंट निकाल के विद्या के पीछे आके खड़ा हो गया विद्या जब पीछे मुड़ी तब अनीश ने एक इशारा किया विद्या समझ गयी, विद्या ने अपने दोनों हाथ अपनी गांड पर रखे और अपनी गांड का छेद फैला कर समीर के सामने किया।
समीर उसको पास आके अब उसकी गांड में अपना लंड डालना शुरू कर देता है ।
समीर: ओह भेनचोद कितना टाइट है अब विद्या के दोनों छेदो में लंड थे मुकुल और समीर दोनों ने उसकी चुदाई शुरू कर दी विद्या का अब अपने आप कर कोई कण्ट्रोल नहीं था।
विद्या किसी जंगली जानवर की तरह मोअन कर रही थी मुकुल ने अपने होठ विद्या के होठो पर रखे और समीर ने विद्या की गांड कस के पकड़ के दोनों ने अपना माल उसकी चुत और गांड में डाल दिया थोड़ी देर बाद मुकुल और समीर ने अपने आप को साफ़ किया और कपड़े पहन लिए, Maa ki chudai kahani
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विद्या को अब सोफे पर नंगा लेटा दिया।
अनीश: अब तुम लोग जाओ।
समीर: अच्छा अनीश अब हम कब आएंगे?अनीश उसको घूरता है और बोलता है।
अनीश: जब तुम दोनों भी अपनी बन्दिया लाओगे अब निकालो, वह दोनों चले जाते है अनीश देखता है की विद्या सोफे पे नंगी ही सो जाती है।
अनीश: हा माँ अभी से ही इतना थक गयी अब तो बहुत कुछ करना बाकी है
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