Bua ki chudai ki kahani: हैलो दोस्तो, आपके मेल मुझे. मैंने सारे मेल पढ़े आपके. आपका बहुत बहुत धन्यवाद् हमको इतना प्यार देने के लिए. मैं ऐसे ही और पार्ट्स लाता रहूँगा.अब आगे की कहानी।
बुआ उठ के मेरे लंड पे आके बैठ गयी आके.
मैं – मज़ा तो तुमको भी आता है? जाना तो तुम भी नहीं चाहती हो मुझे छोड़ के.
बुआ ने सरकास्टिक स्माइल दी और बोली
बुआ – नयी नवेली दुल्हन अपने पति को छोड़ के कहा जाना चाहती है. उसको तो बस अपने पति के पास ही रहना में मज़ा आता है.यह सुन्न के मेरा लंड और टाइट हो गया और मैं बुआ को उछलने लगा हवा में और तेज़्ज़ तेज़्ज़ उनके उछलते हुए बूब्स और गांड से थप थप की आवाज़ बहुत ज्यादा मदहोस कर रही थी.

मैंने स्पीड बढ़ाया और थोड़ी देर में बुआ को लगा की मेरा पानी निकलने वाला है. तो उन्होंने मेरा लंड अपने मूह में ले लिया और मैंने अपना पूरा पानी उनके मुँह में छोड़ दिया.
बुआ ने जल्दी वह पानी पिया और अपने कपडे सही करने लगी.
बुआ – आप बहार बैठ जाइये मैं रूम साफ कर दू.
मैं बहार बैठ गया जाके और बुआ सफाई करके बहार आई. वह तैयार थी जाने के लिए. तभी मेरे दिमाग में ख्याल आया की इनको एहसास करवाया जाये की यह मेरी गुलाम है.
मैं – जाते जाते मेरे पैरो के नीचे लेटो और मेरे पैरो को चाट के तभ जाओगी.Bua ki chudai ki kahani:
Meri Bua ki chudai ki kahani
बुआ ने मुझे अपना पति/ मालिक – स्वामी सब एक्सेप्ट कर लिया था इसीसलिए बिना देरी किये हुई बुआ मेरे पिरो पे लेट गयी और मेरे पेअर चाटने लगी. और साथ साथ तिरछी नज़रो से मुझे देख कर स्माइल भी करती जा रही थी.
बुआ मेरी पत्नी तो थी ही उससे जायदा वह मेरी गुलाम बनती जा रही थी जैसा मैं कहता था वैसा वह करती थी. मैंने बुआ को उठाया और उनका माथा चूमा और गेट तक छोड़ने के लिए निकला. तभी बुआ ने बैग मे से कुछ निकला और मुझे दिया.
मैं – यह किया है?
बुआ – यह एटीएम है मेरे अकाउंट का. अभी जॉइंट तो बन्न नहीं सकता इसलिए इससे आप रखिये. और जो भी ज़रूरत हो इससे ले लीजिये यह अब आपका ही है.मेरी खुसी का ठिकाना नहीं था. मैंने एटीएम लिया और उन्होंने उसका पिन बताया और अपनी स्कूटी स्टार्ट की और चली गयी. मैं वापस रूम में आया और खुसी खुसी अपने बेड पे सो गया.
मुझे जो भी चाइये था वह सब मिल चूका था. मेरी आँख शाम को खुली तो देखा बुआ की 3 मिस कॉल थी मैंने उनको कॉल बैक किया.
बुआ – आप क्या सो गए थे?
मैं- हां नींद आ गयी थी.
बुआ – आज डिनर इधर ही कर लेना आके. मैं मटर पनीर बना रही हु.
मैंने हां बोला और तैयार होके उनके घर के लिए निकल गया. बुआ मेरा वेट ही कर रही थी. फूफा खाना खा के अपने रूम में चले गए और बुआ मेरा वेट कर रही थी.
फिर बुआ ने खाना दिया और मेरे पास बैठ गयी और फिर हमने एक साथ एक ही प्लेट में खाना खाया.
बुआ को एक लड़का (अनुज) और एक लड़की (अंजलि) थे. अंजलि मुझसे 5 साल बड़ी और अनुज मुझसे 2 साल अंजलि की शादी हो गयी थी पर उसके कोई बच्चा नहीं हुआ था 2 सालो में.
बुआ अनुज की भी शादी करना चाह रही थी उसके लिए लड़की ढूंढ रही थी.
अंजलि और और उसके हस्बैंड की लड़ाई हो जाती थी तो अंजलि इधर ही आ जाती थी. बुआ के घर में ही रूकती थी. फूफा का काफी बड़ा बिज़नेस था.
अपनी बड़ी बुआ की चुदाई की कहानी
वह काम में बिजी रहते थे. अनुज उनकी काम में हेल्प किया करता था. मेरा ऐसे ही सब अच्छा चल रहा था और अच्छे से बुआ की चुदाई चल रही थी. मेरी पढाई भी चल रही थी. जब मैं होता तो बुआ को बुला लेता और फिर चुदाई करता और अपनी सेवा भी करवाता.
हम हनीमून का प्लान करने लगे थे और सोच रहे थे. क्या कह कर घरवालों से निकला जाये ताकि किसी को कोई शक न हो. पर हमारा प्लान सक्सेसफुल नहीं हो रहा था.
फिर करवाचौथ का दिन आया और बुआ ने मुझे बतायाकि वह मेरे लिए फ़ास्ट रखे हुए है. शाम को मुझे इन्विते किया घर पे. मैंने सोचा आज माज़ा आएगा. मैं रात को घर गया तो देखा फूफा भी थे उधर और बुआ पूजा कर रही थी.फिर बुआ ने चाँद की पूजा की और फूफा को देख के अपना फ़ास्ट खोला. वह मेरी तरफ भी देखती जा रही थी और मैं भी गुस्से में था.
उधर से बिना कुछ खाये हुए निकल आया. बुआ ने बहुत से मैसेज और कॉल किये पर मैंने नहीं बात की.
नेक्स्ट डे बुआ घर पे आई सुबह. और मैंने गेट खोला. वह समझ चुकी थी मैं क्यों गुस्स्सा हु.
बुआ – मैं जानती हु की आप मेरे पति है पर दुनिया तो नहीं जानती न. वह तो यह ही जानती है की हम बुआ भतीजे है.और इतना कह कर बुआ मुझे सेदुसे करने के लिए अपने कपडे उतरने लगी उन्होंने साडी उत्तार ही थी की मैंने अपना लोअर उत्तारा. उनको बालो से पकड़ के बाथरूम में लेके गया और बैठने के लिए बोला.
बुआ बैठ गयी मैंने अपना लंड पकड़ा और उनका मूह खोला और पेशाब करना सुरु कर दी. मैं बहुत गुस्से में था. बुआ वह पि नहीं रही थी. कुछ उनके मुँह के अंदर जाती कुछ उनके फेस पे लगती.इतने में उनकी आँखों से आंसू निकलने लगे.
मेरा भी गुस्सा थोड़ा शांत हुआ और मैं बहार आ गया. वैसे ही सोफे पे आके बैठ गया. बुआ सारे कपडे उतर कर और सब कुछ साफ़ करके बाहर आई.
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मैं टीवी देखने लगा.बुआ आके मेरे पैरो पे नीचे बैठ गयी. और अपना सर मेरे पैर पे रख लिया और मेरे पैरो को दबाने लगी. फिर बुआ ने धीरे से मेरा लंड पकड़ा और सहला के बोली.
बुआ – क्यों गुस्सा हो आप? मैंने बोला है सभी राइट्स दूंगी मैं आपको.
थोड़ा इंतज़ार करो आपको यह भी दूंगी.
मैं- मुझे मिला ही क्या है अभी तक? मैं तो बस चूतिया ही बन्न के रह गया हु.
इस्पे बुआ कुछ सोचने लगी और फिर बोली.
बुआ – क्या आप मुझे प्रेग्नेंट करोगे? मैं आपके बच्चे की माँ बनना चाहती हु.
मैं यह सुन्न के खुस हो गया.
मैं- सच में?
मेरे मन में ख़याली पुलाओ चल रहे थे. अब यह मेरी बच्चे की माँ बनेगी और मैं इसका पति और सारी प्रॉपर्टी का अकेला वारीश. यह सोच सोच के मेरा लंड खड़ा हो रहा था. और मैंने अपना लंड बुआ की चुत के अंदर रखा और अंदर डाल दिया.
बुआ – अब आप ही हो जो भी हो मेरे मेरा अब से सब कुछ बचा हुआ भी आपका हुआ. मेरी खोक मेरी बॉडी का एक एक पार्ट और मेरा सब कुछ अब आपका हुआ. चोदो मुझे अच्छे से चोदो अपनी रंडी बना के चोदो मुझे के मुँह से ऐसा सब सुन्न के मैं और एक्साइट हो रहा था और मेरी स्पीड बढ़ती ही जा रही थी.
बुआ – मुझे छोड़ के तो नहीं जाओगे कभी? पता चले की मैं आपके बच्चे की माँ भी बन जाऊ और फिर आप मुझको छोड़ दो.
मैं मन ही मन सोच के हस्स रहा था की इनको छोड़ने की पड़ी है. पर मैं इनको हमेशा के लिए अपना गुलाम बना के रखना चाहता हु.
मैं – कभी भी नहीं हमने शादी की है और मैं तुम्हारे बच्चे का बाप बनना चाहता हु.
बुआ – मुझे पता है मैं आपसे उम्र में बहुत बड़ी हु. आपकी बुआ भी हु पर मैं आपके सेवा में कभी कोई कमी नहीं छोड़ूंगी.
सभी सुख दूंगी जो एक पत्नी देती है. सभी ख्वाइशे पूरी करुँगी आपकी.बुआ की यह बातें और भी एक्साइट कर रही थी मुझे. मुझे वह प्राइड वाली फीलिंग आ रही थी जैसे मैंने कोई वॉर जीत लिया हो.
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और अब लुटा गया माल का सुख उठा रहा हो.मैंने बुआ को बूब्स अपने हाथो में पकडे और दबाना सुरु कर दिया.
मैं – इनमे से जब दूध निकलने लगे तो मुझे भी पिलाओगी न?
बुआ – मेरा सब कुछ अब आपका ही तो है. जबसे निकलना स्टार्ट हो जाये आप भी तब करियेगा उसको.
मैंने बुआ के मूह में अपनी तीन ऊँगली डाली और स्पीड बढ़ा दी. बुआ मेरी उंगलिओ को चूसे जा रही थी और मैंने स्पीड बढ़ा दी. मैंने बुआ के पास जाके कान में बोला.
मैं – आज साथ में झड़ेंगे.
बुआ – मैं तो कुछ टाइम में झड़ने वाली हु. चोदिए मुझे और जोर से चोदिए. दे दीजिये अपना बच्चा मुझे.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और मैं बुआ के आँखों में देख रहा था. उनके हॉर्नी एक्सप्रेशंस मेरे हर एक झटके के साथ बदल रहे थे. मुझे उनके एक्सप्रेशंस से पता चला की वह झड़ने वाली है.यह देख के मैं ही झड़ने के करीब आ गया.
भी बुआ ने मुझे जोड़े से पकड़ा. मैं समझ गया की वह झड़ रही थी. फिर मैंने डीप ढके मरना स्टार्ट किया.मैं भी झड़ने वाला था पर मेरी कोसिस थी की मैं जयादा से जयादा उनके अंदर झाड़ सकू. तो मैंने लम्बे और डीप डीप शॉट्स मरने दिए मैं कुछ टाइम बढ़ बुआ के अंदर झड़ गया.
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मैंने अपना पूरा पानी बुआ के चुत के अंदर डाल दिया. और थक के मैं बुआ के ऊपर लेट गया. बुआ मेरे से बॉडी में भी बड़ी थी और थोड़ा हेअल्ती भी थी. मैं उनके सामने छोटा लगता था.मुझे हमेशा से अपने से बड़ी औरतें जो की कूगर हो वह चाइये थी. और बुआ मुझे वह सब दे रही थी. बुआ भी खुस थी मेरे साथ और मैं उनको डेली चोदने लगा. और उन्होंने पिल्स खाना बंद कर दिया ताकि वह जल्दी से प्रेग्नेंट हो जाये.
बुआ मेरा पत्नी की तरह ख्याल रखती है और रंडी की तरह चुदती है. मुझे कीस बात का भी बहुत प्राउड है की बुआ मेरे नाम का सिन्दूर लगाती है और मेरे नाम का मंगलसूत्र पहनती है.
मैंने उनको उनके और अपने घर के हर एक कार्नर में चोद चूका हु. बस कुछ खटक रहा था तो वह फूफा की प्रजेंस.
मुझे यह देख के बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता की बुआ सबके लिए अभी भी फूफा की पत्नी थी. पर अभी जयादा कुछ कर भी नहीं सकता था. ऐसे ही लाइफ चलने लगी तभी अचानक रात को बुआ का कॉल आता है.मैं थोड़ा सरप्राइज था क्यूंकि बुआ रात को कॉल कम ही करती थी.
मैंने कॉल उठाया.
बुआ – कहा हो आप?
मैं – घर पे हु और ऐसे कैसे बोल रहे ही?
बुआ घबराई हुई थी और रो रही थी. मुझे एक मिनट के लिए लगा की फूफा को सब कुछ पता चल चूका है हमारे में.
बुआ – जल्दी से घर आ जाओ फूफा का एक्सीडेंट हो गया.
मैं – पर वह तो अनुज (बुआ का लड़का) के साथ गया थे न?
बुआ – हां दोनों का एक्सीडेंट हो गया है अभी पुलिस का कॉल आया था. जल्दी से जाओ हमको चलना है हॉस्पिटल. मैंने जल्दी से बाइक निकाली और बुआ के यहाँ पहुंच गया और फिर बुआ की गाड़ी से हम हॉस्पिटल पहुंचे.
हॉस्पिटल जेक पता चला हमको की अनुज की ऑन दा स्पॉट डेथ हो गयी है और फूफा की कंडीशन क्रिटिकल है. मैंने अंजलि को कॉल करके बताया और बुआ को संभाला. बुआ जोर जोर से रोने लगी.फिर हमने अनुज का लास्ट राइट्स किये. कुछ दिन बढ़ पता चला की फूफा की कंडीशन भी रिकवर नहीं हो रही है और वह भी क्रिटिकल है.
भी अनुज के गम से बुआ बहार नहीं निकल पाई थी की तभी कभार मिली की फूफा की भी डेथ हो गयी है.बुआ की तो और भी तबियत ख़राब होने लगी और वह बेहोस होने लगी. फिर उनको हॉस्पिटल में एडमिट करवाया और चेक-उप करवाया तो पता चला की बुआ प्रेग्नेंट है.
मुझे यह सुन्न के खुसी भी थी की वह मेरा बच्चा है और दुःख भी था की दो लोग इतनी जल्दी चले गए इस दुनिया से. अंजलि को यह सुन्न के बहुत शॉक लगा. क्यूंकि अंजलि को काफी साल हो गए थे पर फिर भी उनको बच्चा नहीं हो रहा था और बुआ अब प्रेग्नेंट थी.
पहले तो बुआ एबॉर्शन करवाना चाहती थी. पर मेरे समझाने पे वह राज़ी हुई और एबॉर्शन न करवाने का मान गयी.
बुआ – अब मेरा तो कोई रहा नहीं इसलिए अब मैं तुम्हारी हुई हमेशा हमेशा के लिए. और यह बच्चा हमारा.फिर बुआ अकेली पड़ गयी थी और अंजलि भी अपने ससुराल में रहती थी तो मैं बुआ के साथ रहने लगा. अब मैंने फूफा का बिज़नेस देखना सुरु कर दिया.
आगे क्या हुआ वह मैं नेक्स्ट पार्ट में बताऊंगा. अगर कोई आंटी या भाभी टिप्स या सर्विस चाहती है।
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