Badi Mummy ki chudai ki kahani: हेलो दोस्तों, मेरा रवि है. मेरी उम्र 22 साल है. और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी ये कहानी मेरी सीधी साधी मम्मी और मेरे बीच बने चुदाई के रिश्ते की है.मैंने अभी अभी अपनी पढ़ाई पूरी की है और मैं कम्पटीशन की तैयारी कर रहा हु. इसीलिए ज्यादा टाइम घर पर ही रहता हु.
पापा एक होटल में मैनेजर की पोस्ट पर है. और वह सुबह जाते है और शाम को ही आते है.मम्मी का नाम कुसुम है. और उनकी उम्र 42 साल है. दिखने बिलकुल सिंपल है. डेली पूजा पाठ करती है

मगर मम्मी का फिगर बहुत ही सेक्सी है. जिसे देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है.मम्मी का फिगर 36-34-42 है. मम्मी की गांड और चूचिया किसी को भी पागल कर सकती है. मम्मी घर में सलवार सूट ही पहनती है. और सोते टाइम मैक्सी भी पहनती है.
जब मम्मी चलती है तो उनकी बड़ी गांड ऐसे हिलती है की मन करता है उसे पकड़ के दबा जाऊ. मैं मम्मी की गांड का ही दीवाना हु. वैसे तो मैं पहले से पोर्न और कहानी पढ़ रहा हु मगर मैंने मम्मी को उस नज़र से नहीं देखा था.
मगर एक दिन मैंने उन्हें कपडे बदलते देख लिया था. उस दिन पहली बार मेरी नज़र अपनी मम्मी की गांड चुत और चूचियों पर गयी थी. मम्मी की चूचिया बड़ी बड़ी और थोड़ी लटकी हुई थी.मगर फिर भी वह किसी को भी ललचा सकती थी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
Sagi mummy ki chudai kahani
और उनकी चुत पर छोटे छोटे बाल थे. जिसे देखकर लग रहा था की मम्मी इन्हे भी साफ़ करती है. मम्मी की चुत का वह चीरा जैसे मुझसे कह रहा हो की आके मुझे खोल दो.मम्मी ने कपडे बदलते हुए कई बार अपनी चुत को भी मसला था.
और मेरा लंड तो उन्हें देखते ही खड़ा हो गया था. मम्मी की गोरी और मोटी गांड को देखकर तो मेरे मुँह में पानी ही आ जाता था.मुझे पापा की किस्मत से बहुत जलन होती थी.
अगर मम्मी मेरी बीवी होती तो मैं उनकी गांड मैं हमेशा मुँह लगाके रखता. मैं हर रोज ही मम्मी को देखता था. और उनके नाम की ही मुठ मरता था.गर्लफ्रेंड होने के बाद भी मुझे चुदाई में वह सुख नहीं मिल रहा था.
क्युकी मेरी गर्लफ्रेंड मम्मी के बाल बराबर भी नहीं थी. मैं बस अपना पानी निकलने के लिए उसकी चुदाई करता था.मगर मैं हमेशा यही सोचता था की किसी दिन मम्मी अपनी टाँगे फैला के मेरे सामने लेटी होगी. उस दिन कितना मज़ा आएगा. मैं मम्मी को थोड़े बहुत हिंट भी देता था.
मगर वह एक माँ थी तो अपने बेटे के बारे में ऐसा कैसे सोच सकती थी. मगर ये चीज नोटिस तो उन्होंने भी की ही होगी. हफ्ते में कुछ दिन मैं उन्हें अपना खड़ा हुआ लंड दिखता था. जब वह सुबह मुझे उठाने आती थी. तब मेरा 7 -इंच का लंड अंडरवियर में तम्बू बना खड़ा होता था. मम्मी की नज़र उसपर जरूर पड़ती थी.
मगर मेरा लंड देखकर भी वह अनदेखा कर देती थी. मुझे जगा के वापस बहार निकल जाती थी. मुझे लगता था. कभी तो मेरी भी बात बनेगी.मगर देखते देखते टाइम बीतता रहा. मुझे मम्मी को देखते हुए 8 महीने निकल गए.
अब तक तो मैंने उनकी गांड पर भी अपना लंड लगा दिया था. उन्हें पीछे से गले लगते हुए. मगर इस बात का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ. मगर कहते है न की सबर करो तो उसका फल मिल ही जाता है.
मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ. मम्मी की एक दोस्त को पूजा करने के लिए ऋषिकेश के आस पास जाना था. किसी पंडित ने उन्हें कोई विधि बताई थी जिससे उनकी बेटी की शादी में आने वाली अड़चन दूर हो जाएगी. मम्मी की दोस्त ने उनको भी साथ चलने के लिए कहा. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
आंटी जी का नाम उषा है. और वह मम्मी की काफी अच्छी दोस्त है. मम्मी भी उनके साथ चलने के लिए तैयार हो गयी.आंटी ने मुझे भी चलने के लिए कहा. क्युकी मैं भी कार चलना जनता हु. मम्मी ने पापा से बात की और उन्होंने भी कोई ऐतराज नहीं किया. मगर मम्मी को क्या पता था की ये 2 दिन उनकी पूरी ज़िन्दगी बदलने वाले थे.
Mummy ki chudai story
अगली सुबह आंटी कार लेके आ गयी. आंटी के साथ उनकी बेटी थी जो मुझसे बड़ी है. वैसे भी मुझे किसी और में कोई दिलचस्पी नहीं थी. क्युकी दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत मेरे पास थी.
मम्मी के आगे वह माँ बेटी कुछ भी नहीं.मगर है आंटी का फिगर काफी अच्छा था. मगर मुझे तो सिर्फ मेरी मम्मी ही चाहिए थी. मौसम काफी अच्छा था. और मेरी नज़र तो पीछे बैठी मेरी मम्मी पर ही थी.
मम्मी की चूचिया एक दम कसी हुई दिख रही थी.और मेरा लंड खड़ा हो चूका था. जिसे मैं हाथ से मसल रहा था. हम लोगो ने रस्ते में बहुत मस्ती की फिर 5 घंटे गाडी चलके. हम लोग चले गए. आंटी ने पहले से ही होटल में कमरे बुक किये थे. मैं और मम्मी एक रूम में आ गए. और आंटी और उनकी बेटी अलग रूम में।
मैं आते ही बेड पर लेट गया. मम्मी भी मेरे साथ ही लेट गयी. आज बहुत टाइम के बाद मैं मम्मी के साथ बेड पर लेटा था.और यही अहसास मुझे और भी पागल कर रहा था की मैं 2 दिन मम्मी के साथ एक ही बेड पर सोने वाला था. कुछ देर आराम करने के बाद आंटी कमरे में आ गयी. और फिर हम सब घूमने के लिए निकल गए.
वहा पर बहुत भीड़ थी. क्युकी ये एक घूमने की जगह भी है. इसीलिए भीड़ ज्यादा थी. हम नदी के पास आ गए. और वहा का नज़ारा बड़ा अलग था.
औरत और मर्द सब साथ में ही नाहा रहे थे.मैं पहले भी यहाँ आया हु. मगर तब काफी छोटा था. मगर अब मेरा दिमाग अलग ही था. मेरी नज़र नहाती हुए औरतो पर गयी. जिनकी साड़ी गीली होने के बाद उनसे चिपक गयी थी. और उनके शरीर के उभर साफ़ साफ़ दिख रहे थे. वहा कपडे बदलने की कोई जगह नहीं थी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
औरते अपने आपको छुपा के कपडे बदल रही थी. मगर फिर भी उनकी चूचिया दिख ही जा रही थी. सिर्फ मैं ही नहीं कई लड़के भी औरतो को देख रहे थे.मम्मी आंटी और उनकी बेटी भी नहाने लगी. और जैसे ही मम्मी ने पहली डुबकी मारी मम्मी का सूट उनके जिस्म से चिपक गया. और उनकी शरीर की बनावट साफ़ साफ़ दिखने लगी. यहाँ तक की मम्मी की काली ब्रा भी दिख रही थी.
मम्मी -बेटा तू भी जल्दी से नाहा ले.
मैं -मम्मी आप लोग नहाओ. मैं अभी नहाया हु.
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मेरी नज़र मम्मी आंटी पर ही थी. आंटी का मुँह दूसरी तरफ था. और मेरी नज़र उनकी मोटी गांड पर थी. आंटी की सलवार गीली होक. उनकी गांड में घुसी जा रही थी. मैं आंटी की गांड में इतना खो गया की भूल ही गया की मम्मी भी साथ में है.
जब मेरी नज़र मम्मी की तरफ गयी तो मैंने देखा मम्मी मुझे ही घूर रही थी. शायद उन्हें पता चल गया था मैं आंटी की गांड को देख रहा था. मैंने अपना मोबाइल निकाला और उसे चलाने के बहाने मम्मी और आंटी की वीडियो बनाने लगा.
ऐसा नज़ारा और कहा देखने को मिल सकता था.कुछ फोटो और वीडियो लेने के बाद मैं भी कपडे निकाल के पानी में आ गया. मम्मी बिलकुल मेरे बराबर में ही थी. मुझे मम्मी की गांड की लाइन साफ़ दिखाई दे रही थी.
मैंने बहुत मुश्किल से खुद के लंड को संभाला था.कुछ देर तक मम्मी और आंटी नहाती रही. फिर वह तीनो बहार निकल गयी. आंटी बेग में कपडे लाये थी तो वह तीनो कपडे बदलने लगी. आंटी ने 2 बड़ी टोलिया निकाली.
मम्मी और आंटी ने उन टोलियो को पकड़ लिया. जिससे कोई देख न सके. फिर आंटी की बेटी कपडे बदलने लगी. मगर फिर भी मुझे उसकी चूचिया दिखाई पड़ ही गयी. फिर आंटी ने भी वैसे ही किया.
सच में ऐसे कपडे बदलने में बहुत मुश्किल होती है.और न चाहते हुए भी मुझे उनकी चूचिया दिख ही गयी. मैं अपनी नज़र बचा बचा के देख रहा था.
फिर जब मम्मी की बारी आयी तो उन्होंने भी ऐसे ही किया. मम्मी ने सूट जैसे ही उतरा.मुझे उनकी काली ब्रा दिखाई पड़ गयी. और मैं उन्हें ही देखने लगा. मम्मी जल्दी जल्दी अपने कपडे निकाल रही थी. और बार बार इधर उधर देख रही थी.
मम्मी ने कई बार मुझे भी देखा.और उनकी नज़र मुझसे मिल ही गयी. हम दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. फिर मम्मी ने कपड़ बदल लिए. और मैं नहाते हुए. बाकी औरतो को देखने लगा.
जो औरते साड़ी पहन के आयी थी.वह तो अपना पेटीकोट अपनी चूचियों पर बांध लेती थी. और बड़े ही आराम से कपडे बदल लेती थी.
उनमें से तो कई औरतो की गांड को भी मैंने देखा. और फिर कुछ देर नाहा के मैं भी बहार आ गया. गिला होने की वजह से मेरा लंड साफ़ दिख रहा था. मम्मी ने मुझे तोलिया दी. और फिर मैंने भी आपने कपडे बदल लिए.
आंटी मम्मी और उनकी बेटी वही बैठी रही. और मैं आस पास घूमने निकल गया.हर जगह मुझे ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला. और न चाहते हुए भी मेरा हाथ मेरे लंड पर चला ही गया.
कुछ देर बाद मैं वापस मम्मी के पास आ गया. फिर हम लोग वहा से बहार आ गए बहार बहुत भीड़ थी. हम लोग चलने लगे. भीड़ ज्यादा होने की वजह से थोड़ी धक्का मुक्की भी हो रही थी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
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और मैं मम्मी के ठीक पीछे था. जिससे मेरा पूरा लंड मम्मी की गांड से चिपक गया था.मुझे सच में बहुत मज़ा आ रहा था. मम्मी के साथ इतने मज़े तो मैं घर पर भी नहीं ले पाता था.
मम्मी भी मुझे कुछ नहीं कह रही थी. कई बार मैंने अपना हाथ भी मम्मी की गांड पर लगा दिया मगार वह बस चलती रही. और फिर हम लोग होटल आ गए. हम लोग अपने अपने कमरे में आ गए. और अब मम्मी मुझे ही देख रही थी. क्युकी आज बहुत कुछ हुआ था. कुछ देर बाद मम्मी आंटी के पास चली गयी. और फिर रात को हम लोगो ने खाना खा लिया. और मैं और मम्मी अपने कमरे में आ गयी कमरे में आते ही मैंने अपने कपडे निकाल दिए.
और मैं अंडरवियर और बनियान में आ गया.मेरा लंड अभी भी थोड़ा थोड़ा खड़ा था. जिस वजह से उसका उभर साफ़ दिख रहा था. मम्मी बाथरूम में चली गयी. और फिर वह भी मैक्सी पहन के वापस आ गयी.
मेरा लंड उन्हें देखकर खड़ा होने लगा.क्युकी मम्मी मैक्सी के अंदर कुछ नहीं पहनती थी. मैंने कई बार उन्हें पहले भी देखा था. मगर उनके साथ सोने का मौका आज ही मिला था. मम्मी आके बेड पर लेट गयी. और मैं भी उनके साथ लेट गया.
मैं -मम्मी यहाँ पर तो कोई बाथरूम नहीं है. सबको ऐसे खुले में कपडे बदलने पड़ते है.
मम्मी -बेटा ये कोई तेरा घर थोड़ी है. जो बाथरूम मिलेगा. यहाँ शुरू से सब ऐसा ही चल रहा है.
मैं -मम्मी लड़को का तो ठीक है. मगर लेडीज के लिए तो कुछ बना होना चाहिए. कैसे खुले में कपडे निकाल रही थी. और उन्हें कुछ फरक भी नहीं पड़ रहा था.
मम्मी -बेटा तू उन्हें ही देख रहा था क्या? (हस्ते हुए)
मैं -(शरमाते हुए) मम्मी जब लोग ऐसा करते है तो नज़र तो चली ही जाती है. वैसे मुझे बड़ा अजीब लगा.
मम्मी -अरे बेटा ज्यादा मत सोच. बस 2 दिन की बात है. मम्मी दूसरी तरफ मुँह करके सोने लगी. और उनकी उठी हुई गांड मेरी तरफ थी. क्या मस्त गांड थी. अगर ऐसे गांड देखर भी लंड खड़ा न हो तो वह लंड ही किसी काम नहीं है. मम्मी का मुँह दूसरी तरफ था.और मैंने अपना लंड बहार निकाल लिया था. मम्मी की गांड देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. और मैं अपने लंड को आगे पीछे करने लगा. मम्मी की गांड देखकर मन कर रहा था.की अभी मम्मी की मैक्सी ऊपर कर दू. और उनकी गांड में अपना मुँह लगा दू.
मगर थोड़ा डर लग रहा था. मैं पहले भी उनकी गांड में लंड लगा चूका हु. मगर वह गले लगाने के बहाने लगाया था. मैंने थोड़ी देर इंतज़ार किया. और जब मम्मी पूरी तरह सो गयी तो मैं हलके से मम्मी के और पास चला गया.
Mummy ki chudai hindi kahani
मम्मी की गांड बिलकुल मेरे लंडके पास थी. और ज़िन्दगी में पहली बार मैं अपना लंड उनकी गांड पर सीधे लगा रहा था.मम्मी की गांड का अहसास मिलते ही मुझे मज़ा आने लगा. मगर मेरी गांड भी फट रही थी.
मगर फिर भी मैं उनकी गांड के मज़े ले रहा था. कुछ देर में ऐसे ही लंड रगड़ता रहा. फिर मम्मी हलके से हिली. और मैं उनसे अलग हो गया. और उसके बाद मैंने कोई कोशिश नहीं की. मगर आज मैं उनको पहली बार अपना लंड दिखाने वाला था. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मैंने अपना लंड अंडरवियर के छेद से बहार निकल लिया.और फिर मैं भी सोने लगा. सुबह मेरी आँख लाइट के जलने से खुली. जो मम्मी ने जलाई थी. मगर मैं वैसे ही लेटा हुआ था.
लाइट जला के मम्मी बेड से उठ गयी. और जैसे ही उन्होंने पीछे मेरी तरफ देखा.तब उनकी नज़र मेरे खड़े लंड पर गयी. जिसका सूपड़ा खुला हुआ था. और जिसे मैं झटके मार रहा था.
मेरा लंड बिलकुल एक फन फैलाये सांप जैसा लग रहा था. मम्मी की आँखों के सामने पहली बार मेरा लंड आया था. और उन्हें समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे. मैंने घर पर भी ऐसा कभी नहीं किया था.
क्युकी पापा भी मेरे कमरे में आ जाते थे. मगर आज तो मुझे पापा का कोई डर नहीं था. मम्मी बड़ी असमंजस में थी. उन्होंने कई बार मेरे लंड की तरफ देखा. और फिर उन्होंने पास में पड़ी चादर मेरे ऊपर डाल दी. और खुद बाथरूम में घुस गयी.आज पूजा का पहला दिन था. इसीलिए मम्मी नाहा धोके तैयार हो गयी.
और फिर उन्होंने बहार आके मुझे भी तैयार होने के लिए कहा. मैं ऐसे उठा जैसे मुझे कोई होश ही नहीं था. मैंने चादर के अंदर अपना लंडअंदर किया.मैंने देखा मम्मी ने भी छुपी नज़र से मेरी तरफ देखा. और फिर मैं उठके बाथरूम में चला गया. कुछ देर बाद मैं भी तैयार होक आ गया.
और फिर हम सब पूजा के लिए निकल गए.मम्मी और आंटी ने पहले ही कपडे पैक कर लिए थे. क्युकी वह जाके नहाना भी था. कुछ देर पूजा करने के बाद हम सब नदी किनारे पहुंच गए. वहा पहले से काफी भीड़ थी.आदमी और औरते नाहा नाहा निकल रही थी. और मेरी नज़र तो वहा औरतो पर ही थी किसी की चूचिया दिख रही थी तो किसी की गांड दिख रही थी.
मम्मी आंटी और उनकी बेटी नदी किनारे चली गए.और मैंने भी अपना मोबाइल ऑन कर लिया. मैं चुप चाप सब का वीडियो बना रहा था. पहली डुबकी से ही मम्मी और आंटी का मादक जिस्म साफ़ दिखने लगा था. मम्मी और आंटी जल्दी जल्दी डुबकी लगा रहे थे.और मेरा मोबाइल भी सब रिकॉर्ड कर रहा था. मम्मी और आंटी ने कई बार मेरी तरफ देखा. फिर मम्मी बोली.
मम्मी -बेटा तू भी जल्दी से नाहा ले. मैं -मम्मी अभी नाहा के ही तो आया हु होटल में. फिर से क्यों नहाना?
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मम्मी -अरे बेटा वह अलग बात है. यहाँ भी नहाना जरुरी होता है.फिर मैंने मोबाइल रख दिया. और जल्दी से कपडे निकाल के नदी में आ गया. मैं बिलकुल मम्मी के पास खड़ा हुआ था.
तभी मम्मी ने मेरे सर पर हाथ रखा. और मेरा सर नीचे करके डुबकी लगवाने लगी.पहली डुबकी मारते ही मेरी सांस फूलने लगी. और बहार निकलते ही मैंने मम्मी की कमर को पकड़ लिया. मम्मी ने फिर से मुझे डुबकी लगवा दी. और फिर मैं बहार निकल आया. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मैंने जल्दी से अपने कपडे बदल लिए. और वही बैठ गया. मम्मी आंटी और उनकी बेटी भी बहार आ गए. और उनके आने से पहले ही मैंने मोबाइल ऑन कर दिया. पहले आंटी ने कपडे बदले. मुझे उनकी चूचिया दिखने को मिली.और फिर मम्मी को भी कपडे बदलते देखा. मैं छुपी नज़र से मम्मी को ही देख रहा था. मगर सच ये भी था की वह भी मुझे ही देख रही थी. जब भी मेरी नज़र उनसे मिलती. मैं नज़र हटा लेता.मैं बहुत खुस था की मैं ये सब देख पा रहा हु. मगर मुझे ये नहीं पता था की ये खुसी कुछ पल की है. वहा से निकल के हम सब बहार आ गए. बहार भी भीड़ बहुत थी.
और मैं मम्मी के पीछे ही था. मेरे हाथ तो मम्मी के कंधे पर थे. मगर जैसे ही पीछे से धक्का लगता तो मैं और जान कर. मम्मी की गांड पर अपना लंड दबा देता था. मेरा लंड तो मम्मी की गांड लगने से ही खड़ा हो गया था.और धक्का लगने से मम्मी को भी मेरे लंडकी गर्मी मिल गयी. जैसे ही धक्का लगता तो मैं अपना लंड भी मम्मी की गांड में लगता.
मम्मी पीछे मूड के गुस्से से मुझे देखती. मगर वह भी क्या कह सकती थी.कुछ देर बाद हम लोग बहार ही नास्ता करने लगे.
मम्मी और आंटी मुझे ही देख रही थी. मुझे उनकी इस नज़र से डर सा लग रहा था. नास्ता करने के बाद हम लोग कुछ देर घूमते रहे.फिर दोपहर को हम लोग अपने कमरे में आ गए. मम्मी आंटी के कमरे में चली गयी.
मम्मी के जाते ही मैं मम्मी और आंटी की वीडियो देखने लगा. मैं ज़ूम कर करके मम्मी की गांड को देख रहा था.और अपना लंड बहार निकल के उसे हिला रहा था. मम्मी के नाम की मुठ मारके में लेट गया. और मोबाइल चलने लगा.
Mummy ki chudai hindi Kahani
यहाँ वैसे भी कुछ करने को नहीं था. फिर कुछ देर बाद हम सबने खाना खाया.और फिर हम सब आराम करने लगे. शाम को हम सब फिर घूमने निकल गए. क्युकी कल हमारा आखिरी दिन था. और पूजा करने के बाद हम लोग घर के लिए निकल जाते. मगर मम्मी को क्या पता था आज की रात सब बदल देगी.अब मैं बिलकुल भी डर नहीं रहा था. और बहार चल रही भीड़ का पूरा फायदा उठा रहा था. मैंने कई बार मम्मी की गांड पर अपना लंड रगड़ा.
और कई बार उनकी गांड को हलके से दबा भी दिया.इस बार मम्मी ने भी पीछे मूड के नहीं देखा. ऐसा लग रहा था. जैसे उन्हें इस सब कोई फरक नहीं पड़ रहा था. मगर मैं नहीं जनता था.
ये तूफ़ान के आने से पहले का सन्नाटा था.काफी देर घूमने के बाद और टिक्की गोलगप्पे खाने के बाद हम लोग कमरे में आ गए. आंटी ने सबके लिए खाना मंगवाया. और खाना खाके हम लोग कमरे में आ गए.
मेरा मूड आज बहुत अच्छा था. क्युकी आज मैंने मम्मी से बहुत मज़े लिए थे. और उन्होंने भी कुछ नहीं कहा था. मैं सिर्फ अंडरवियर और बनियान में लेट गया.
मम्मी भी मैक्सी पहन के आ गयी.मम्मी दिखने में बिलकुल शांत लग रही थी. और वह आके बेड पर लेट गयी. मम्मी ने मुझसे कुछ भी बात नहीं की और वह दूसरी तरफ मुँह करके सोने लगी. मैं भी उनके सोने का इंतज़ार करने लगा.
लगभग 2 घंटे बाद मैं हलके से मम्मी के पास खिसक गया. और अपना लंड बहार निकाल के उनकी गांड पर लगाने लगा. आज पुरे दिन की हरकतों के बाद मेरे अंदर बहुत जोश आ गया था. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
क्युकी इससे पहले मैं इतना आगे कभी नहीं बड़ा था. मैं आज की रात बेकार नहीं जाने देना चाहता था. क्युकी मुझे ऐसा मौका फिर कभी नहीं मिलता. मैं हलके हलके मम्मी की मैक्सी पीछे से ऊपर करने लगा.और हलके हलके मैंने मम्मी की मैक्सी उनकी गांड तक कर दी. मम्मी वैसे ही लेटी हुई थी.
और फिर मैंने हलके से अपनी ऊँगली मम्मी की चुत पर लगा दी. ऊँगली चुत पर लगते ही मुझे हल्का सा गीलापन महसूस हुआ.
मगर अगले ही पल सब कुछ बदल गया. मम्मी तुरंत उठ के बैठ गयी. और पास पड़ी टेबल लैंप को उन्होंने जला दिया. जिससे कमरे में रोशिनी हो गयी. ये सब इतनी जल्दी हुआ की मैं अपना लंड भी अंदर नहीं कर पाया. और कमरे में रोशिनी होते ही मम्मी की नज़र मेरे लंड पर पड़ी. जो खड़ा पड़ा था.
मम्मी को बहुत गुस्सा आया. और उन्होंने बिना कुछ बोले. मेरे गाल पर 4 थप्पड़ मारे मम्मी को ऐसे देखकर मेरी गांड फट गयी.
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और मैंने तुरंत अपना लंडअंदर कर लिया. मम्मी बहुत गुस्से में थी. और मैं उनकी आँख से आँख नहीं मिला पा रहा था.
फिर मम्मी मेरे ऊपर बरस पड़ी. मम्मी -अब नीचे क्या देख रहा है? पहले तो तुझे शर्म नहीं आयी. अपनी माँ के साथ ऐसा करते हुए. और अब सामने से शर्म आ रही है.
मम्मी की बात सुनके मेरी गांड फट रही थी. मगर मैं मन ही मन सोच रहा था की यहाँ पापा नहीं है. और इस बात का फायदा ये है की मैं उनसे खुल के बात कर सकता हु.
मम्मी -जब से यहाँ आये है. तब से देख रही हु तुझे. कैसे औरतो को कपडे बदलते देख रहा है. और तूने तो अपनी माँ को भी नहीं छोड़ा. मुझे भी तू ऐसे ही देख रहा था. दे अपना मोबाइल दे मुझे.
मम्मी ने मेरा मोबाइल उठा लिया. मैं उनसे मोबाइल लेने की कोशिश करने लगा. मगर उन्होंने फिर भी उसे ले लिया. मम्मी ने मेरी फिंगर लगाके मोबाइल का लॉक खोल दिया. और वह सीधा फोटो वाले फोल्डर में गयी.
और वह उन्हें खुद की फोटो का भंडार मिला. उसमें यहाँ के तो फोटोज थे ही और घर के भी फोंट्स थे. जिसमें मैंने मम्मी की गांड का फोटो ज्यादा लिया था. मम्मी फोटो देखने लगी.और फोटो देख देखकर उनका गुस्सा और भी ज्यादा बढ़ने लगा. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मम्मी -आज मुझे शर्म आ रही है. तुझे अपना बेटा कहते हुए भी. अपनी माँ को तू इस नज़र से देखता है. और बहार भी तू मुझे पीछे हाथ लगा रहा था. अगर कोई देखता तो क्या सोचता मेरे बारे में.
अब बोल न शांत क्यों बैठा है तू?मुझे लगा यही सही पल है. वैसे भी मम्मी खुल के तो बोल ही रही है.
मैं -मम्मी आप ही मुझे कुछ नहीं कह रही थी तो मुझे लगा आपको भी अच्छा लग रहा है. और वैसे भी आपको भी तो इसकी जरुरत है.
मम्मी ने मेरी बात सुनके मेरे एक और थप्पड़ लगा दिया.
मम्मी -ये तू क्या बकवास कर रहा है? बहार मैं तुझे क्या कहती? वह कितने लोग थे. और तुझे ये किसने कहा की मुझे इन सब चीजों की जरुरत है.
मैं -मम्मी मैंने आपको खुद देखा है. कैसे आप अपनी चुत को रगड़ती हो. और मैं जनता हु. आप ऐसा क्यों करती हो?मेरी बात सुनके मम्मी एक दम से जम्म सी गयी. क्युकी उन्हें यकीं नहीं हो रहा था की उनका बेटा उनसे ऐसे बात भी कर सकता है.
मैं -मम्मी मैं जनता हु. आपको भी सेक्स की जरुरत है. मगर अब पापा आपको टाइम ही नहीं देते है. और देते भी है तो वह खुद को शांत कर लेते है. मगर आप वैसे ही तड़पती रहती हो. इसीलिए आप भी अपनी चुत को रगड़ती हो.
मैंने पापा के बारे में सिर्फ तुक्का मारा था. मगर जिस तरह से मम्मी ने मेरी बात सुनी. और वह चुप सी हो गयी. मैं समझ गया की मेरा तीर निशाने पर लगा है.मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उसे चुम लिया. मेरे हाथ को चूमते ही मम्मी ने हाथ को झटक दिया.
मम्मी – मुझे यकीं नहीं हो रहा है. तू मेरा ही बेटा है. अपनी माँ के बारे में ऐसी सोच रखता है. अगर मैं तेरे पापा के साथ खुश नहीं भी हु. तो क्या एक माँ बेटे में ऐसा रिश्ता बन सकता है.
मैं – मम्मी आज की दुनिया में सब होता है. आप भी देखती ही हो की औरत और मर्द बहार चक्कर चला लेते है. कोई ससुर अपनी बहु को चोद रहा है. तो कोई सास अपने दामाद से चुदवा रही है.
मम्मी मेरी बाते बड़ी गौर से सुन रही थी. उनका दिमाग काम नहीं कर रहा था की वह क्या करे. इससे पहले वह कुछ कर पाती. मैंने उन्हें झटके से नीचे लिटा दिया और खुद उनके ऊपर आ गया.
मम्मी – ये क्या कर रहा है तू? हैट मेरे ऊपर से हरामी.
मैं जनता हु आपकी भी अंदर से यही इच्छा है.
मम्मी – बेटा ऐसा नहीं है. मैंने कभी तेरे लिए ऐसा नहीं सोचा है. प्लीज ये सब मत कर.
मैं – मम्मी जब अभी मैंने आपकी चुत को छुआ था. तो वह पहले से ही गीली थी. इसका मतलब तो यही है न की आपको भी सेक्स की जरुरत है.
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मैं मम्मी की मैक्सी ऊपर करने लगा. और वह मुझे मारने लगी. मगर अब मुझे कोई फरक नहीं पड़ रहा था. मैंने एक बार में ही मम्मी की मैक्सी ऊपर कर दी. मम्मी की छोटे छोटे बालो वाली चुत मेरे सामने थी. चुत के सामने आते ही मम्मी ने उसे हाथो से छुपा लिया. मगर मैं उनका हाथ हटाने लगा.
मम्मी – बेटा प्लीज ऐसा मत कर. ये ठीक नहीं ही. हम दोनों किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रहेंगे.
मम्मी मुझे बोलती रही मगर मैं अब कुछ भी नहीं सुन रहा था. मैंने मम्मी के हाथ हटा दिया. फिर मैं उनकी टांगो के बीच आ गया. मम्मी उठने की कोशिश करने लगी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मगर मैंने उन्हें उठने नहीं दिया. फिर मैं मम्मी की टाँगे खोलने लगा. मम्मी भी अपनी जान लगा रही थी की मैं ऐसा न कर पाओ. मगर मेरी ताकत मम्मी से जयादा थी. आखिर कर मैं जीत गया.
मैंने मम्मी की दोनों टाँगे फैला दी. जैसे ही मम्मी की टाँगे फैली. मम्मी की चुत का चिपका हुआ चमड़ा भी खुल गया. और मुझे मम्मी की चुत के अंदर का गुलाबी पैन दिखने लगा.
मम्मी की चुत दिखने में ऐसे लग रही थी की जैसे एक खूबसूरत तितली ने आपने पंख फैला लिए हो. मैंने मम्मी की तरफ देखा. तो उन्होंने अपनी आँखों बंद कर ली थी. फिर मैंने अपनी नाक लगाके मम्मी की चुत को सुंघा.मम्मी की चुत की महक दुनिया की सबसे अच्छी महक थी. जिसका मुक़ाबला किसी सेण्ट की खुशबू भी नहीं कर सकती थी. चुत की महक मिलते ही मेरा लंड भी पागल होने लगा.
मम्मी की चुत के खुल जाने से उनकी चुत का दाना साफ़ दिख रहा था. और अब मेरे मुँह में भी पानी आ चूका था. मैंने अपनी जीभ बहार निकली. और उसे सीधा मम्मी की चुत के दाने पर लगा दिया.
मेरी जीभ चुत पर लगते ही मम्मी के चेरे के भाव बदल गए. शायद बहुत दिनों बाद उनकी प्यासी चुत को किसी ने ऐसे छुआ था. मैं मम्मी की चुत चाटने लगा. मम्मी मेरा सर हटाने लगी.
मगर अब तो मेरी जीभ मम्मी की चुत से चिपक गयी थी. मैंने चुत चाट ते हुए अपने हाथ मम्मी की मैक्सी के अंदर डाल दिया. और उनकी दोनों चूचियों को पकड़ लिया. मम्मी की चूचिया एक दम मुलायम थी.मैं अब उनकी दोनों चूचियों के निप्पल को मसल रहा था. मेरे चुत चाटने से मम्मी के निप्पल खड़ा हो गए थे.
मम्मी भले ही मुझे मुँह से मना कर रही थी.मगर मम्मी की चुत का गीलापन और उनके चेरे के वह कामुक भाव ये साफ़ बता रहे थे की वह भी अंदर से गरम हो गयी थी. मैंने अपनी ऊँगली मम्मी की चुत के अंदर डाल दी.और अब मैं ऊँगली करते हुए.
मम्मी की चुत चाट रहा था. मेरी जीभ ने मम्मी की चुत और जांघो को पूरा गिला कर दिया था. मुझे 10-मिनट हो चुके थे. मम्मी की कसमसाते देख मैं समझ गया था.
मम्मी की चुत का झरना कभी भी निकल सकता है. मैं भी अपनी जीभ और ऊँगली को तेज तेज चलने लगा. फिर कुछ देर बाद मम्मी ने पहली बार मुझे अपनी चुत का पानी पिलाया.
मैंने भी बड़े प्यार से मम्मी की चुत को चाट कर साफ़ कर दिया. मम्मी आँखे बंद किये लेटी हुई थी. फिर मैंने अपना अंडरवियर निकाल दिया. मेरा लंड मम्मी की चुत में जाने के लिए तैयार था.
मैं मम्मी के ऊपर लेट गया. और उनके कानो को चाटने लगा. नीचे मेरा लंड मम्मी की चुत पर लगने लगा. मम्मी वैसे ही लेटी हुई थी.
देशी मम्मी की सेक्सी चुदाई की कहानी
मैं – मम्मी आपसे जयादा सच तो आपकी चुत बोलती है. उसे तो हमारे माँ बेटे होने से भी कोई परेशानी नहीं है.
मम्मी ने अपनी आँखे खोली. और वह मेरी तरफ देखने लगी. मम्मी की आँखे बिलकुल शांत थी.
उनकी आँखों में अब मुझे गुस्सा नहीं दिख रहा था. मैंने ऐसे ही आपने लंड मम्मी की चुत में डालने लगा.मम्मी आपने हाथ से मेरा लंड हटाने लगी. मैं जैसे ही अपना लंड चुत पर लगता. मम्मी उसे आपने हाथ से हटा देती. मैं उठ के बैठ गया. फिर से अपना लंड चुत पर लगाने लगा.
मम्मी – बीटा प्लीज ऐसा मत कर. ये ठीक नहीं है.मम्मी फिर से मुझे मना करने लगी. मगर उनके मना करने में कोई दम नहीं था. बल्कि उनका मुझे मना करना. ऐसा लग रहा था.
जैसे वह कह रही हो की डाल दे बेटा अपना लंड मेरी चुत में.
मैंने मम्मी का हाथ हटा दिया. और एक ही बार में अपना लंड मम्मी की चुत में डाल दिया. मम्मी की चुत ने एक बार में ही मेरा लंड निगल लिया.
मैं फिर से मम्मी के ऊपर लेट गया.मेरा पूरा लंड मम्मी के चुत के अंदर था. मम्मी मुझे ही देख रही थी.
मैं 1-मिनट ऐसे ही लेटा रहा. और मेरा लंड अंदर उछाल मरने लगा.
क्युकी उसे मम्मी की चुत जो मिल गयी थी.
मैंने अपनेने दोनों हाथ साइड में रख लिए. और अब में धक्के लगाने लगा. मेरा लंड बड़ी आराम से अंदर जा रहा था. मम्मी की चुत की रगड़ से वह और जयादा टाइट हो गया था.मम्मी ने बाले ही मुझे नहीं अपनाया था.
मगर उनकी चुत ने मेरे लंड का खुल के स्वागत किया. और वह फिर से गीली होने लगी. मम्मी शांत लेटी हुई थी. मगर मेरे हर धक्के में वह अपनी नाक सिकोड़ लेती थी.मुझे तो मज़ा आ ही रहा था. मगर मम्मी भी अंदर ही अंदर मज़े ले रही थी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
बस वह खुल के दिखा नहीं रही थी. मैंने अपना लंड बहार निकल लिया. और जैसे ही मैंने ऐसा किया.मम्मी ने तुरंत मेरी तरफ देखा. मम्मी की आँखों में एक नशा सा था. जैसे वह मुझसे कह रही हो की बेटा क्यों अपना लंड निकल दिया. और चोदो मुझे.
मैं मम्मी की आँखों में देख रहा था.मैं मम्मी की मैक्सी पूरी निकलने लगा.
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मगर मम्मी ने मैक्सी को पकड़ लिया. और वह उसे निकलने नहीं दे रही थी. मगर फिर भी मैंने उनकी मैक्सी उनकी चूचियों के ऊपर तक कर दी. मम्मी की चूचिया बहार निकल के लटक गयी.आज मम्मी की चुत और उनकी चूचिया मेरी थी.
मैंने देखा मेरा लंड बहार था. तब भी मम्मी ने अपनी टाँगे बंद नहीं की वह वैसे ही टाँगे फैलाये लेटी हुई थी. मैं फिर से लंड डाल के उनके ऊपर लेट गया. मैंने मम्मी की चुचि अपने मुँह में ले ली. और उसे चूसने लगा. ऐसा लग रहा था. जैसे मैं अभी भी छोटा बच्चा हु. जो अपनी मम्मी के ऊपर लेट कर उनका दूध पे रहा हु.
मगर बस फरक इतना सा था की इस बार मेरा लंड भी उनकी चुत के अंदर था. मैं अपने लंड अंदर बहार करते हुए. मम्मी की एक चुचि को चूस रहा था. और दूसरी चुचि को मसल रहा था.इतनी कामुक चुदाई किसी भी औरत को अंदर तक गरम कर सकती है. वो भले ही मेरी मम्मी है.
मगर वह साथ ही साथ एक औरत भी है. और जब लंड किसी औरत के अंदर हो. तो वह न चाहते हुए भी गरम हो ही जाती है.मैं बिलकुल धीरे धीरे अपना लंड अंदर डाल रहा था.
जिससे मुझे मम्मी की चुत का एक एक इंच महसूस हो रहा था. मम्मी को भी मेरे लंड की पूरी रगड़ मिल रही थी.मैंने धक्के लगते हुए. मम्मी की चुचि को हलके से काट लिया. जिससे मम्मी के मुँह से आह्हः की आवाज निकल गयी.
और उन्होंने मेरी तरफ देखा. मैंने मम्मी को देखकर हलके से स्माइल किया.
फिर जिस चुचि को मैंने कटा था. मैंने उसे मम्मी के सामने ही चुम लिया. मैंने अपने धक्के थोड़े तेज कर दिए. मेरे तेज धक्को की वजह से मम्मी पूरी हिली जा रही थी.मैंने देखा मम्मी के मुह के भाव बदलने लगे थे. और उन्होंने अपने हाथ से चादर को भी पकड़ लिया था.
मैं समझ गया की मम्मी का पानी निकलने वाला है. मैंने वैसे ही धक्के लगता रहा.और कुछ ही देर बाद मम्मी ने एक हाथ आपने मुँह पर रख लिया. शायद वह अपनी आवाज दबाना चाह रही थी.
मैं धक्के लगा रहा था. तो उन्होंने मेरे पेट पर हाथ रखकर मुझे रोक दिया.मैं भी वही रुक गया. मम्मी को देखने लगा. मम्मी का चेरा एक दम शांत दिख रहा था. क्युकी अभी अभी उन्हें एक परम आनद मिला था. और
इस आनद के सामने दुनिया का हर सुख बेकार लगता है.मम्मी लेटे लेते उस पल का मज़ा ले रही थी. भले ही वह मज़ा बहार से नहीं ले रही थी. क्युकी उनको ये मज़ा देना वाला उनका खुद का बेटा है.
मगर फिर भी उनको ये सुख तो मिल ही गया था.मैं मम्मी के ऊपर झुक गया. और वह आँखे बंद किये लेटी हुई थी. मैंने देखा मम्मी के होंठ उनके थूक से गीले पड़े थे. क्युकी चुदाई के दौरान वह कई बार अपनी जीभ अपने होंठों पर फिर रही थी.मम्मी के ऐसे गीले होंठों को देखकर. मैं खुद को रोक नहीं पाया. मैंने मम्मी के होंठों को अपने मुँह में भर लिया. मैं बड़े ही ज़बरदस्त तरीके से मम्मी के होंठों को चूस रहा था.मैंने देखा मम्मी ने अपनी आँखे खोल ली थी.
मगर मैं पूरी शिद्दत से मम्मी के होंठों को चूस रहा था. वो मुझे रोक रही थी. मगर मुझे इस बात का कोई फरक नहीं पड़ रहा था.मेरी जीभ मम्मी के मुँह में उनकी जीभ के साथ खेल रही थी. मम्मी वैसे ही लेटे लेटे ये सब महसूस कर रही थी. कुछ देर मम्मी के होंठों को चूसने के बाद मैं उनके ऊपर से हैट गया.मम्मी मुझे ही देख रही थी. फिर मैंने अपने लंड बहार निकल लिया. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मेरा पूरा लंड गिला हो चूका था. मम्मी की चुत से लार सी निकल रही थी. जिससे मेरा लंड भी उनकी चुत से जुड़ा हुआ था.
मैं बेड से नीचे उतर गया. और मेरे उतारते ही मम्मी मैक्सी नीचे करने लगी.
मगर मेरा पानी अभी निकला नहीं था. मैंने मम्मी की टाँगे पकड़ी. और उन्हें बेड के किनारे पर खींच लिया.मैंने सुना है की जयादातर औरतो को बीएड के किनारे पर चुदवाने में जयादा मज़ा आता है. जब मैंने मम्मी को खींचा तो वह मुझे ही देखने लगी. मैंने फिर से उनकी मैक्सी ऊपर कर दी.
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मैं – मम्मी आपका तो पानी निकल गया है. मगर मेरा अभी भी नहीं निकाला है. बस थोड़ी देर और करने दो.
मेरे मुँह से ये बात सुनते ही मम्मी बड़ी अजीब निगाहो से मुझे देखने लगी. फिर मैंने मम्मी के घुटने मोड़ दिए. और अपना मुँह मम्मी की गीली चुत पर लगा दिया. और एक बार फिर मैं मम्मी की चुत चाटने लगा.
मम्मी की चुत का जितना गीलापन था. मैं सारा का सारा चाट गया. मगर इस बार मैं सिर्फ चुत तक ही नहीं रुका. बल्कि मैंने मम्मी गांड को थोड़ा सा उठा दिया. और चुत से सीधा मम्मी की गांड को चाटने लगा.
जैसे ही मेरी जीभ मम्मी के गांड छेद पर लगी. मम्मी एक दम से ऊपर होने लगी.
शायद आज पहली बार कोई उनकी गांड को चाट रहा था. मगर मैंने मम्मी की दोनों टाँगे पकड़ ली.और उनकी गांड को चाटने लगा. मम्मी फिर से गरम होने लगी थी. और मेरी जीभ तो मम्मी की गांड में घुस जाना चाहती थी.
मम्मी की गांड को चाटे जा रहा था. मम्मी भी मेरा मुँह बार बार रोक रही थी.कुछ देर गांड चाटने के बाद मैं खड़ा हो गया. मैंने फिर से अपना लंड मम्मी की चुत पर लगा दिया. मैं मम्मी की आँखों में देखते हुए.
पने लंड उनकी चुत में डालने लगा.और हलके हलके अपना पूरा लंड उनकी चुत में डाल दिया. मम्मी की चुत बहुत गीली हो गयी थी. इसीलिए मेरा लंड बड़ी आसानी से अंदर बहार हो रहा था.
ने मम्मी की दोनों टाँगे पकड़ी.और धना धन लंड अंदर बहार करने लगा. होटल के कमरे में थप थप की आवाज आने लगी. मम्मी कुछ नहीं बोल रही थी. बल्कि वह तो आँखे बंद करके मज़ा ले रही थी.
गर दिखा ऐसे रही थी.की उन्हें बिलकुल भी मज़ा नहीं आ रहा था. धक्के लगते हुए मैंने मम्मी की गांड पर एक थप्पड़ मारा. जिससे पटक की आवाज हुई. और गांड पर थप्पड़ पड़ते ही मम्मी ने आँखे खोल के मुझे देखा.
मैं स्माइल करते हुए. तेज तेज धक्के लगाने लगा. कुछ देर धक्के लगाने के बाद मैंने लंड निकल लिया. फिर मैं भी बेड पर आ गया. फिर मैंने मम्मी को ऊपर किया. और उनकी दोनों टाँगे अपने कंधे पर रख ली.
मैंने सुना था जब टाँगे कंधेड पर रखकर चुदाई की जाती है. तो लंड पूरी गहरायी में जाता है. इससे औरतो को भी जयादा मज़ा आता है. मैंने ठीक वैसे ही किया.
मम्मी की दोनों टाँगे मेरे कंधे पर थी. फिर मैंने अपना लंड उनकी चुत में डाल दिया. टाँगे कंधे पर होने की वजह से मम्मी की गांड थोड़ी ऊपर उठ गयी थी.और अब लंड एक दम गहरायी मैं जा रहा था.
जब मैं धक्के लगाने लगा. तो इस बार मम्मी के मुँह से भी आवाज निकल ही गयी. मम्मी की कामुक आवाज सुनके. मेरा जोश हो बढ़ गया.मैं भी तेज तेज धक्के लगाने लगा. मम्मी ने अपने मुँह पर हाथ रख लिया.
जिससे आवाज बहार न जाये. मगर मम्मी की आँखे सब बता रही थी की उन्हें कितना मज़ा आ रहा है.अब मुझसे भी खुद को रोकना मुश्किल हो रहा था. मैं धक्के लगता रहा. मम्मी भी अपनी आँखे चढ़ा रही थी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
कुछ ही धक्के लगाने के बाद मैंने अपना लंड निकल लिया.और सारा का सारा पानी मम्मी की चुत के ऊपर निकाल दिया. मम्मी भी तेज तेज साँसे ले रही थी. देखने से लग रहा था की उनका भी पानी फिर से निकल गया था.
मम्मी की चुत पर मेरा गदा पानी जैम सा गया था.मैंने अपनी बनियान उठायी. और उससे मम्मी की चुत साफ़ करने लगा. मम्मी मुझे ही देख रही थी. मम्मी की चुत साफ़ करके. मैंने एक किश मम्मी की चुत पर कर दिया. और पास पड़ी बोतल से पानी पीने लगा.
मम्मी तुरंत उठके बाथरूम में चली गयी. मैं नंगा ही बैठा रहा. फिर मैं लेटकर मम्मी का इंतजार करने लगा. और लगभग 10 मिनट बाद मम्मी बाथरूम से बहार आयी.
मम्मी ने बहार आते ही मुझे देखा.
मैं अपना लंड सेहला रहा था. जो थोड़ा थोड़ा खड़ा भी हो गया था. मम्मी आके बेड पर बैठ गयी. मैंने मम्मी को पानी की बोतल दी. फिर उन्होंने भी पानी पिया.और वह फिर लेट गयी.
मम्मी ने साइड में जल रही टेबल लैंप को बंद कर दिया. जिससे कमरे में अंदर हो गया. फिर वह सोने लगी. मगर अब मेरी आँखों से नींद गायब हो गयी थी.
मैं जाके मम्मी से चिपक गया. और इस बार मेरा हाथ सीधा उनकी चुकी पर गया. मैं मम्मी की चुचि को दबाने लगा. तभी मम्मी बोली.
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मम्मी – बेटा बहुत लेट हो गया. अब सो जा सुबह हमने पूजा करके निकलना भी है. मम्मी ने ये बात बड़े ही नार्मल ढंग से कही. ऐसा लग रहा था. जैसे कुछ हुआ ही न हो. मैंने भी सोचा अब तो चुदाई हो चुकी है.
मम्मी का भी पानी निकल चूका है. हो सकता है वह थकी है. इसीलिए वह सोना चाहती है. फिर मैं भी उनसे अलग हो गया. और सोने की कोशिश करने लगा. मगर साली नींद आ ही नहीं रही थी.
मम्मी की चूचिया उनकी चुत और उनकी वह गांड सब मेरे सामने घूम रही थी.कुछ देर मैं बस इन्ही के बारे में सोचता रहा. फिर मेरी भी आँख लग गयी. मगर कहते है न की जब चुत पास में हो. तो नींद न के बराबर आती है.
मेरे साथ भी वही हुआ.कुछ घंटे सोने के बाद मेरी आँख खुल गयी. मैंने टाइम देखा तो 6 बज रहे थे. फिर मैंने मम्मी की तरफ देखा. वो बहुत आराम से सो रही थी. और वैसे भी जब अंदर की गर्मी निकल जाये.तो नींद भी बहुत गहरी आती है. मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था. मम्मी बिलकुल सीधी लेती हुई थी.
मेरा मन करने लगा की मैं फिर से मम्मी की चुत चाट लू. मैंने फिर से हलके हलके मम्मी की मैक्सी ऊपर कर दी.मम्मी सच मे काफी गहरी नींद में थी. मैंने उनकी मैक्सी ऊपर कर दी.
मगर वह वैसे ही सो रही थी. शायद चुदाई की थकान जयादा हो गयी थी. मैंने आपने मोबाइल ऑन किया. और उसे मम्मी की चुत के पास ले गया.मम्मी सीधी लेती हुई थी. इसीलिए उनकी चुत के होंठ भी चिपके हुए थे.
मगर उनकी चुत से निकला हुआ चमड़ा एक गाँठ जैसा दिख रहा था. मैंने अपनी ऊँगली से मम्मी की चुत के चमड़े को खोलने लगा.मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. क्युकी आज पहली ऐसे सुबह थी. जब मैं मम्मी की चुत के साथ खेल रहा था. मैंने आपने हाथ मम्मी के साइड में रखे.
और अपनी जीभ सीधे मम्मी की चुत में लगा दी.मेरी जीभ मम्मी की चुत के चमड़े से खेल रही थी. अभी बस 1 ही मिनट हुआ था की तभी मम्मी उठ गयी. और उन्होंने जल्दी से टेबल लैंप जला दी.
मम्मी की नज़र मुझ पे पड़ी. मगर अब मुझे किसी का डर नहीं था.मैंने मम्मी की टाँगे पकड़ी. और उनकी टाँगे खींच के उन्हें फिर से लिटा दिया. फिर मैंने उनकी टाँगे फैला दी. फिर मैं उनकी चुत चाटने लगा.
मैंने मम्मी को सँभालने का मौका ही नहीं दिया.मम्मी मुझे हटाने लगी. मगर तब तक मेरी जीभ मम्मी की चुत से चिपक गयी थी.मम्मी – हैट जा मेरे ऊपर से हरामी कुत्ते. छोड़ दे मुझे. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मम्मी मुझे गली पे गली दिए जा रही थी. मगर मुझे तो कोई फरक ही नहीं पड़ रहा था. मम्मी की इतनी स्वादिस्ट चुत जो मेरे मुँह में थी. मम्मी मेरे बाल नोचने लगी. तब मैंने मम्मी के हाथ पकड़ लिए.
मैं – मम्मी आप डर क्यों रही हो? अभी हमारे जाने में टाइम है. और आंटी भी अभी नहीं आएगी.
मम्मी – बेटा छोड़ दे मुझे. तूने जो करना था. वो तू रात को कर चूका है. कम से कम अब तो मत कर.
मैं – मम्मी कहने को तो सिर्फ मैंने आपके साथ सेक्स किया है. मगर सच तो ये भी है की मज़ा आपको भी उतना ही आया था. बस आप मन्ना नहीं चाहती हो.
मम्मी – बेटा तू समझता क्यों नहीं है? मैं तेरी माँ हु. हमारे बीच ये रिश्ता ठीक नहीं है.
मैं – मम्मी ये रिश्ता तो इस बंद कमरे के अंदर है. बहार तो हम अभी भी माँ बेटे ही है. वैसे रात को मैंने देखा था. कैसे आपको भी मज़ा आ रहा था. और 2 बार आपने भी आपने पानी निकल दिया था, मेरी बात सुनते ही मम्मी थोड़ी शांत हो गयी. क्युकी सच तो यही था. मैं मम्मी की चुत और गांड को चाटने लगा. मम्मी की चुत ने एक बार फिर से उन्हें धोका दे दिया. क्युकी उनकी चुत मुझे उनका बेटा नहीं बल्कि एक मर्द की तरह ले रही थी.
मैं – मम्मी आप मुझे कितना ही झूट बोल लो. मगर आपके नीचे ये गीलापन साफ़ बताता है की आपको भी मेरा ऐसा करना पसंद है.मम्मी बस मुझे देखे ही जा रही थी. उन्हें समझ नहीं आ रहा था की वह बोले तो क्या बोले. क्युकी उनकी चुत चाटने वाला कोई और नहीं बल्कि उनका बेटा है. मैं मम्मी की चुत चाट ता रहा.
फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चुत पर लगा दिया. और अपने लंड से उनकी चुत को रगड़ने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मम्मी की चुत पर अपना लंड रगड़ते हुए. मैं हल्का सा अपने सूपड़ा अंदर डालता.
फिर से उसे बहार निकल लेता. मैंने ऐसा कई बार किया. और हर बार मेरे सुपडे पर मम्मी की चुत का पानी लगा होता. मगर फिर मैंने अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया. मम्मी के ऊपर ऐसे ही लेट गया.
मम्मी की चुदाई बेटे से की कहानी
मैं मम्मी की चूचिया ऊपर से ही दबाने लगा. और नीचे से धक्के लगाने लगा. मगर मुझे नहीं मालूम था की जब आप चुत चाट रहे हो. तो टाइम इतनी तेजी से निकल जाता है.मैंने अभी 5-6 धक्के लगाए ही थे की तभी आंटी ने दरवाजा खट खटा दिया. मैंने और मम्मी ने एक साथ दरवाजे की तरफ देखा. और तभी मम्मी ने मुझे जोर से धक्का दिया. मैं साइड में गिर गया.
मैं तो मम्मी का दम देखकर हैरान हो गया था. पता नहीं कैसे उनमें इतनी ताकत आ गयी थी.
मम्मी ने अपने बाल सही किये. और मैक्सी को भी सही कर लिया. मम्मी ने मुझे मेरा अंडरवियर दिया. जो नीचे पड़ा था.
मम्मी – बेटा जल्दी से कपडे पेहेन ले.
मैंने भी जल्दी से कपडे पहन लिए. फिर से आके बेड पर लेट गया. फिर मम्मी ने गेट खोल दिया. सामने आंटी खड़ी हुई थी.
आंटी – अरे कुसुम तुम तैयार नहीं हुई. मुझे तो लगा तुम तैयार हो गयी होगी.
मम्मी – अरे वह कल रात नींद ही नहीं आ रही थी. तो थोड़ा देर से सोई थी. इसीलिए जल्दी आँख नहीं खुली. तुम चलो मैं बस तैयार होके आती हु.
आंटी कमरे से निकल गयी. फिर मम्मी ने गेट बंद कर दिया. मम्मी तुरंत बाथरूम में घुस गयी. मैं उठ के बैठ गया. मम्मी जल्दी से नाहा के बहार आ गयी. Badi Mummy ki chudai ki kahani:
मैंने जाके मम्मी को पीछे से पकड़ लिया. मगर तभी मम्मी गुस्से से बोली.
मम्मी – बस बहुत हो गया. कब से तुझे मना कर रही हु. मगर तू है की मान ही नहीं रहा है. दुबारा अगर ऐसा किया न तो तेरी टाँगे तोड़ दूंगी. अब यहाँ क्या खड़ा है. जा जल्दी से तैयार हो. हमें निकलना भी है. मम्मी का ये रूप देखकर मेरी गांड फटट गयी. मुझे लगा शायद आंटी की वजह से मम्मी ने ऐसा कहा है. और सही भी है. एक अनजान जगह मैं ये सब कर रहा था.
मैं भी जाके तैयार हो गया. फिर हम सब मंदिर के लिए निकल पड़े. वहा पूजा करके फिर हम लोग नदी के पास चले गए. मम्मी आंटी और उनकी बेटी नहाने लगे. और मेरी नज़र मम्मी के ऊपर ही बनी हुई थी.मम्मी की गांड वाकई ही क़यामत है. जो देख ले बस उसी में खो जाये. मैं मम्मी को ही देख रहा था. और वह भी मुझे ही देख रही थी.
मगर आज मैंने कोई फोटो या वीडियो नहीं बनायीं. तो दोस्तो आगे घर जाकर क्या हुआ ये मैं आपको अगले भाग 2 मे बतऔगा। प्लीज कमेंट करके बताना कहानी कैसी लगी प्लीज।
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