Sexy Aunty Ki Chudai: हैलो दोस्तो, कैसे हो आप सब, आज मैं आपके साथ एक नयी कहानी सुरू करुगा जो मेरी आंटी (बुआ) की है तो आइए सुरू करते है।
मैं राहुल आपका दोस्त,

अब कविता आंटी के साथ बाथरूम में आज सबसे मस्त नहाना हुआ, पर वह मेरी हरकतों के कारन पूरी गीली हो चुकी थी मैंने तो मन में ये भी सोच लिया की उन्हें कपडे बदलते भी देखूंगा पर ऐसा कुछ नहीं हुआ वह मुझे उल्टा रूम से बहार निकाल कर डोर बंद कर दिया।
चलो कोई बात नहीं समय अभी तो सिर्फ 10:40 ही हुए थे कविता आंटी ने बताया था की माँ 11 बजे तक ही आएगी और उस पर भारती भी नहीं आने वाली थी दोपहर से पहले तो समय तो था।
मेरे पास इस खेल को आगे कैसे ले जाता? क्योंकी भारती मेरे रूम को लॉक करके गयी थी।
तो मेरे पास पहनने को कोई कपडे थे नहीं तो वापस वही कल वाले टी-शर्ट और शार्ट पहन लिया और जाकर लिविंग रूम में बैठ गया।
कुछ 55 मिनट बाद आंटी रूम से बहार आयी अपनी वैसे ही साटन की गाउन पहन कर पर ये दुसरे रंग की थी।
और साथ ही इसके साइड में थोड़ा घुटनो के ऊपर तक कटा हुआ था।
जिससे चलते वक़्त आंटी के एक पेअर के घुटने तक का हिस्सा दिख रहा था। Sexy Aunty Ki Chudai
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मैं उन्हें लिविंग से देख बोला: लुकिंग ब्यूटीफुल आंटी किचन को जाती हुई बोली: चल हैट खामखा कपडे बदलवा दिए।
मैं: तो क्या हुआ ये तो पहले वाले से भी बढ़िया है, मैं उठ कर किचन को गया तो वह अधूरा छोड़ा हुआ काम को वापस करने लगा।
मेरे लिए ब्रेकफास्ट बनाने का काम मुझे किचन में देख वह बोली: अब यहाँ क्यों आये जाओ अपना काम करो।
मैं: सोचा आपको अकेले बोर लगेगा तो आ गया।
आंटी: मेरी बड़ी चिंता हो रही है आज तुम्हे.
मैं: बस ऐसे ही.
आंटी: जाओ जाकर पढ़ाई करो कुछ नहीं करना तो.
मैं: मेरे किताब मेरे रूम में है जो भारती लॉक कर के गयी है।
आंटी: उफ़ उस लड़की को लॉक करके जाने की क्या ज़रूरत थी.
मैं: अरे अच्छा हुआ न तभी तो आपको मुझे नहलाने का मौका मिला।
आंटी: ओहोहो! जैसे की मैं मरी जा रही थी तुम्हे नहलाने के लिए अगर वह लॉक न करके जाती तो मुझे इतनी मुसीबत न उठानी पड़ती।
मैं: अरे मुसीबत कैसा?
आंटी: और नहीं तो क्या? अब जब सारिका आएगी तो वह भी पूछेगी की मैं क्या दिन में दो बार कपडे बदलती हूँ करके।
मैं हस्ते हुए बोलै: हाहाहा! हाँ वह तो है वैसे अगर वह पूछे तो क्या बोलोगी आप?
आंटी रोटी बनाने के बेलन को मुझे दिखाती हुई बोली: मैं कुछ और बोल दूँगी पर तुम सोचना भी मत की ये जो हुआ सब तुम अपनी मम्मी को बताओगे।
मैं: नहीं नहीं ये हमारा सीक्रेट रहेगा अब से फिर मैं खड़ा कविता आंटी को कभी साइड से और कभी पीछे से देखता रहा.
वह रोटी बेल रही थी और ऐसे में उनका बदन उसके हिसाब से हिलता उनके झूलते बूब्स उनकी गाउन में धीरे से आगे पीछे झूलती और साथ ही उनकी कमर भी.
मैं मन मे सोच रहा था की मैं कविता आंटी को पीछे से धीरे से चोदुगा तो वह ऐसी ही हिलेगी. Sexy Aunty Ki Chudai
फिर वह एक रोटी को तवे पे रख दूसरी बेलना शुरू करती है, इस बीच जब वह रोटी को पलटने गयी तो तवे पर उनका हाथ लगा और हाथ झटके से हटाकर।
जिससे टकराकर एक चमच नीचे गिरी वह उसे उठाने के लिए झुकी और वापस सीधी हुई तो उनके नाईट गाउन का कपडा उनकी गांड की दरार में घुस कर वैसी ही रह गया।
वाह क्या मस्त दिख रही थी मुझे उनके मुलायम गांड का पूरा आकर फिर से दिख रहा था।
मन कर रहा था की उसी दरार में अभी अपना लंड घुसा दूँ मैं अपने खयालो में डूबा रहा.
उसका असर मेरे शॉर्ट्स में होने लगा मुझे पता भी नहीं चला की मेरे शॉर्ट्स में उभार बनाना सुरू हो गया था .
आंटी: तुम कितनी रोटी खाओगे?वह पूछी पर मैं कहा सुनने वाला था
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मैं तो किसी और ही दुनिया में था उनकी गांड की दरार में चिपकी उनकी गाउन में मेरा सारा ध्यान था जिस पर वह पलट कर मेरी तरफ देखा.
फिर अपना गाउन को ठीक कर बोली: तू… तुम… तुम कितनी रोटी खाओगे?
ये कह कर वह मेरे नीचे देखा और फिर मेरे शकल को उनकी नज़र के हिसाब से मैं अपने नीचे देखा तो समझा वह क्यों अचानक से हकलाई.
तब जाकर मुझे मेरे शॉर्ट्स में उभरा टेंट दिखा और अपना हाथ उसपर रख बोला: 3 या 4… 4 काफी है.
वह मुझे ऐसे हाथ रख देख मुस्कुरायी और पलट कर वापस रोटी बनाने लगी.
थोड़ी देर बाद बोली: तुम क्या हमेशा ऐसे ही रहते हो?
मैं: वह तो पता नहीं?
आंटी: क्या पता नहीं?
मैं: वह अब सामने ऐसे नज़ारे हो तो आदमी क्या करेगा?
आंटी: क्या मतलब मैंने पूछा तुम क्या हमेशा टी-शर्ट और शार्ट ही पहनते हो घर पे?
मैं: ओह अच्छा हाँ यही पहनता हूँ अक्सर.
आंटी: बहुत अलग अलग सोचने लग गए हो, मुझे पता था वह ऐसे क्यों बोली तब देखा तो वह 4 रोटी के बाद पांचवी बेलने लगी तो।
मैं बोला: अरे आंटी हो गया न 4“ऐसा थोड़ी न है की सिर्फ तुम्हे ही हमेशा भूख रहती है भूख मुझे भी है”
मैं: मतलब?
आंटी: अरे भूख मतलब नहीं जानते क्या? मैं बोली क्या सिर्फ तुम्हे भूख लगी है मैं नहीं खाउंगी क्या?
मैं: ओह! आप खाये नहीं!
आंटी: इसी लिए बोली आज कल तुम कुछ और ही सोच में पड़े हो.
हर बात पे नहीं खायी अब तक सोचा तुम्हारे साथ खाउंगी वरना तुम्हे अकेले खाना होगा। Sexy Aunty Ki Chudai
पता नहीं हर बार आंटी ऐसे क्यों कर रही थी वह साबित क्या करना चाहती थी.
एक तरफ कुछ बोलकर मुझे वैसा सोचने पर मजबूर करेगी और फिर मेरी सोच को गलत बोलेगी पर हाँ मेरे अंदर इस बार उनके लिए प्यार भी उमड़ पड़ा की बेचारी मेरे लिए अभी तक कुछ नहीं खायी थी।
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मैं उनके पास गया और उनके हाथ से बेलन खींचने लगा और बोला: लाइए मैं बनता हूँ.
आंटी: तुम्हे आती है रोटी बेलना?
मैं: और नहीं तो क्या? वह बेलन छोड़ी और फिर मैं रोटी बेलना लगा घंटा आता था मुझे रोटी बनाना अंत में मेरी रोटी अफ्रीका का मैप बन गयी.
जिस पर वह मेरे हाथ पर चींटी काट बोली: इतने बड़े हो गए पर एक रोटी बेलना नहीं आता चलो हटो.
मैं: नहीं नहीं मैं करता हूँ नआंटी मेरे हाथ से बेलन छीनती हुई बोली: हटो बस खड़े खड़े पीछे से देखना आता है न वह ही करो.
वह फिर वापस रोटी खुद से बेलने लगी कुछ देर बाद मैं ठीक उनके पीछे जाकर उनके कंधे से नीचे उनकी रोटी को बेलते देखने लगा तो वह बोली: अरे अरे! क्या कर रहे हो?.
मेरे शॉर्ट्स में तना हुआ लंड उनकी गांड पर लग गया और मैं बोला: अपने ही तो कहा न की पीछे से देख.
वह हस्स पड़ी और बोली: हाहाहा! कितने बदमाश हो तुम एक भी मौका मत छोडो मुझे परेशान करने की लिय.
वह फिर रोटी बेलने लगी और मैं वैसे ही उनसे चिपका रहा और जैसे जैसे वह रोटी बेलती वैसे वैसे उनकी गांड मेरे लंड को दबती.
ये तो उनको भी महसूस हो ही रहा था तभी तो वह बोली एक भी मौका मत छोडो ज़ाहिर था की उनका मौके से मतलब क्या था.
शायद उन्हें भी मेरे लंड का उनके गांड पर रगड़ने से मज़ा आ रहा था.
फिर शायद स्टोव की गर्मी या कुछ और उनको गर्मी लगने लगी.
वह अपने सामने गाउन के गले को थोड़ा खोलकर फूक मारती हुई हवा दी, इससे मुझे नीचे उनके मस्त क्लीवेज का नज़ारा हो गया.
तब मैं बोला: वैसे एक बात बोलू आंटी.
आंटी: हाँ बोलो.
मैं: आप जो भी काम करो काम करती हुई काफी खूबसूरत लगती हो. Sexy Aunty Ki Chudai
आंटी: हाहाहा! अच्छा! क्यों?.
मैं: पता नहीं पर लगती हो शायद तभी तो आप पसीने हो गयी हो और आपकी गाउन उससे गीली हाहाहा! कविता आंटी हलके से अपनी कमर पीछे कर मेरे लंड अपने गांड से और थोड़ा दबाती हुई बोली: हाँ अब तुम्हे जवाब देने की क्या ज़रूरत सब तो सामने ही है.
मैं: क्या मतलब बोलिये?
आंटी: अब तुम बड़े हो गए हो राहुल बच्चे नहीं रहे सब समझती हूँ मैं.
उनकी इस बात ने मेरे लंड पर एक हलकी चोट दे मारी जिसका झटका उन्हें साफ़ पता चला.
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वह अचानक से घूमती हुई मुझे देख खड़ी हो गयी और फिर नीचे देखा और फिर मुझे और बोली: तुम क्या हमेशा ऐसे ही रहते हो?.
इस बार फिर से वही सवाल तो मैंने जवाब दिया: हाँ बोल तो दिया मैं हमेशा टी-शर्ट और शार्ट में ही रहता हूँ.
घर पर तब वह हाथ में पकड़ा बेलन से मेरे शॉर्ट्स में तने लंड को दबती हुई बोली: तुम्हारी नहीं इसकी बात कर रही हूँ.
अब इस बार उनके ऐसे करने और कहने से मेरे अंदर आग दौड़ गयी .
और मैं बोला: वह… वह तो…तब आंटी वापस पलट कर रोटी बेलने लगी और बोली: इसी लिए बोली अब तुम बड़े हो चुके हो.
मैं कुछ नहीं देखने गया उनके पीछे से उन्हें गले लागते हुए अपने हाथ उनके पेट से लपेटा और पीछे से अपना लंड और थोड़ा ज़ोर से उनकी गांड पर दबाया.
मैं: बोला: पर आप तो मेरी वही आंटी होना जिसे मैं बचपन से जनता हूँ वैसी ही खूबसूरत आज भीआंटी ने मुझे हटाया नहीं.
और बोली: पहले तो कभी तुमने ऐसा नहीं कहा मुझसे.
मैं: पहले कभी ऐसा मौका नहीं मिला न.
आंटी: कैसा मौका?.
मैं: ऐसा की बस आप और हम हो वरना सब मेरा मज़ाक उड़ाते न.
आंटी मेरे इस बात से सहमत थी क्यों की बचपन से आज तक हम दोनों सच मे कभी भी अकेले नहीं हुए.
हमेशा भारती या टीना दीदी या फिर कोई बड़े साथ होते थे.
वह बोली: हाँ हाँ वह तो ठीक है पर अकेले पन का कुछ और इरादा मत बनाना.
मैं: अगर बनाया तो?
आंटी कुछ न बोली बस चुप चाप रोटी बेलने लगी तो मैं फिर से पुछा: बोलना आंटी अगर बनाया तो?.
आंटी: क्या इरादा बनाओगे?
मैं: आपके खूबसूरती की तारीफ करने की अच्छे तरीके से
आंटी: इतनी खूबसूरत लगती हूँ क्या तुम्हे मैं?
मैं: हाँ बहुत आंटी को साफ़ महसूस हो रहा था की उनकी बातो का मेरे लंड पर क्या असर हो रहा है.
वह बोली: तो कैसे करोगे मेरी खूबसूरती की तारीफ बताओ. Sexy Aunty Ki Chudai
मैं: वैसे ही जैसे फिल्म का हीरो अपनी हेरोइन का करता है.
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आंटी: हाहाहा! पागल वह मुझे अपने से हटाई और बोली: चलो बन गयी रोटी अब वह करते है जो तुम्हारे अंकल करते है मेरे साथ.
मैं ये सुन ख़ुशी के मारे सातवे आसमान में पहुँच गया देखा वह 2 पलटे में सुबह बनायीं करी निकलने लगी और बोली: तुम्हारे अंकल भी सुबह ब्रेकफास्ट करते है मेरे खाने की तारीफ करते है.
और फिर अपने काम को निकलते है चलो तुम भी वही करो.
उन्होंने मेरे हाथ में मेरी प्लेट पकड़ाई और बोली: लो जाकर खाना खाओ और अपना काम करो भागो! यार ये क्या था.
मेरे खड़े लंड पे डंडा हो गया मैं प्लेट लिए वही उन्हें देख अपने टूटे अरमानो के साथ खड़ा रहा.
वह पीछे मूड कर मुझे देख बोली: हाहाहा! जाओ खाना खाओ पहले इडियट.
मैं लम्बा सांस लिया और फिर डाइनिंग रूम को जाकर बैठ गया थोड़ी देर बाद आंटी भी अपनि प्लेट लेकर मेरे साथ आकर बैठ खाने लगी.
तब मैंने बात बोला: क्या सच मे अंकल यही करते है?तब आंटी खाना खाती हुई बोली: तुम्हारे अंकल मुझसे 77 साल बड़े है.
अभी वह 50 के है हमारी शादी के कई साल बाद भारती हुई थी.।
तुम्हारे आने से एक साल पहले काफी कम्प्लीकेशन था हम दोनों में वैसे तुमसे ये सब नहीं कहना चाहिए.
मैं: कम्प्लीकेशन किस मे था मेरे हिसाब से तो अंकल में ही होगा.
आंटी: वह क्यों?
मैं: और नहीं तो क्या वह ही बूढ़े हो रहे है आपको देखने से तो ऐसा लगता है जैसे की आप अब भी एक और शादी कर सकती हो.
आंटी हश पड़ी और बोली: हाहाहा! पागल हो तुम मुझे खुश करने के लिए कुछ भी बोल देते हो.
मैं: लो सच की तो कोई कीमत ही नहीं रही अब. Sexy Aunty Ki Chudai
आंटी के साथ चुदाई के मज़े
आंटी: ज़्यादा मत बोलो पता नहीं क्या क्या चल रहा है तुम्हारे मन में कही तुम्हे कोई पैसे की तो ज़रूरत नहीं जो तुम मुझे इतना माखन लगा रहे हो?.
मैं: क्या आंटी आप मुझे ऐसा समझती हो क्या? पैसे चाहिए होते तो मैं सीधे मांग लेता आपसे.
आंटी: ओहो! मैं क्या रिजर्व्ड बैंक दिखती हूँ तुम्हे?.
मैं: हाहाहा! बस बातो बातो में बोलै वैसे न ही मुझे आपसे पैसे चाहिए और न कुछ बस जो सच था बोल दिया.
आंटी: क्या? क्या सच है?
आंटी फिर से पूछी तो मैं समझ गया की आंटी को अपनी तारीफ दुबारा सुनने की चाहत है तो मैंने कहा: यही की आप काफी खूबसूरत हो और अब भी जवान दिखती हो.
आंटी: कुछ भी हम्म्म कुछ भी.
मैं: अरे नहीं आंटी सच्ची आप तो मेरी माँ से भी जवान लगती हो.
आंटी: हाहाहा! वह तो सबसे बड़ा झूठ है सारिका काफी अच्छी दिखती है मैं तो उसके सामने कुछ भी नहीं.
मैं: अरे आपको सच बताता हूँ मेरी माँ बस चमक धमक है कास्मेटिक और मॉडर्न ड्रेस बस वही है उसके अलावा नेचुरल कुछ भी नहीं पर आपको देखो.
मेरी बातो का असर आंटी पर पड़ रही थी उनके गाल शर्म से गुलाबी हो रही थी और होंटो पर दबी मुस्कान भी ले रही थी.
आंटी: मुझमे क्या नेचुरल है आंटी लगती हूँ और वैसे भी मुझे उतना ज़्यादा मॉडर्न कपडे और कॉस्मेटिक की आदत नहीं मेरे हिस्से का भी भारती खुद कर लेती है.
मैं: हाँ वही तो भारती और माँ तो बस बनावटी चमक है पर आप नेचुरल लगती हो बिना किसी मेकअप के.
आंटी: हाहाहा! अब बस भी करो मुझे सारिका के साथ मत तोलो तुम मुझे पता है की वह काफी खूबसूरत है और मैं नहीं चाहे तुम जितना भी बनाकर बोल लो.
मैं: अब मैं आपको कैसे बताऊँ वैसे जाओ आज से मैं आपको आंटी नहीं कहूंगा. Sexy Aunty Ki Chudai
मैं: तो?
आंटी: तो क्या बोलोगे?
मैं: नाम से बुलाऊंगा.
आंटी: मार पड़ेगी तुम्हे मैं तुमसे काफी बड़ी हूँ राहुल मैं चिढ़ता हुआ बोला: ख़ाक बड़ी हो आपको एक सलाह दूँ कुछ साल बाद जब भारती को लड़के देखने आएंगे तो आप थोड़ा काम साजियेगा.
आंटी की चुदाई हुयी रात मे
आंटी मुस्कुराती हु बोली: क्यों?
मैं: कही देखने आये लड़के को भारती की माँ पसंद आ जाये.
आंटी मेरी बात सुन हस पड़ी और बोली: तुम न कुछ भी बोल देते हो.
मैं: सच्ची आप कभी कुछ मॉडर्न पहनके देखना फिर देखो दुनिया पलट दोगी.
आप मेरी बात सुन आंटी कुछ सोचने लगी और फिर उनके शकल पे मुस्कान आ गयी.
मैं: क्या हुआ ऐसा क्या सोचे आप जो चोरी जैसे मुस्कुरा रहे हो?
आंटी: हाहाहा! कुछ नहीं मुझे मॉडर्न नहीं बनना, तुम अब बस करो और अपना खाना खाओ.
मैं: आप बात मत बदलो आपको मानना ही पड़ेगा की आप अपनी उम्र से काफी कम लगती हो.
पता नहीं आंटी को पटाने के लिए मैं क्या क्या कहानिया झाड़ रहा था.
मेरी बात पर वह बोली: अच्छा मान लिय अब बस करो और खाओ चुप चाप..
मैं: इसका मतलब आप मानती हो बस ज़ाहिर नहीं करना चाहती.
आंटी: ऐसा कुछ नहीं है तुम फालतू की बाते किये जा रहे हो उसी लिए बोली. Sexy Aunty Ki Chudai
मैं: क्या करे क्या कलयुग है सच बोलो तो लोगो को फालतू बात लगती है.
आंटी: ओफ्फो! अब बस भी करना.
आंटी ने बस करो बोलतो दी पर उनके चेहरे पर शर्म भरी मुस्कान भी थी.
मैं: अच्छा चलो जाओ आप न एक नंबर की बूढ़ी हो.
आंटी हस्ती हुई बोली: हाहाहा! ओके.
मैं: 70 साल की बूढ़ी भी आपसे ज़्यादा जवान खयालात रखती है और एक आप बेक़ाररररर मैंने बेकार थोड़ा खींच कर बोलै चाहता था की उन्हें मेरी बात थोड़ी चुभी.
और ऐसा ही हुआ क्यों की अब उनके चेहरे की मुस्कान धुंदली पड़ने लग गयी थी.
आंटी: अच्छा बाबा ओके ओके मैं बूढ़ी 70 नहीं 100 साल की. Sexy Aunty Ki Chudai
मैं: हाँ तभी तो अंकल को आप में कोई इंटरेस्ट नहीं लेते अब और खामखा अंकल की उम्र 5050 बोल रही हो आप ही बूढ़ी हो.
उनके सामने आंटी को इस बार मेरी बात थोड़ी चुभ ही गयी और बोली: हेलो उतनी भी बूढी नहीं हूँ.
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मैं: अच्छा! आप ही तो बोली अभी की आप 70 नहीं 100 साल की हो.
तो मतलब अंकल तो जवान ही हुए आपके सामने तो शायद उसी लिए वह आप पर कुछ ध्यान नहीं देते.
अब आंटी: बस बस! बहुत हुआ मैं उनसे तो जवान ही हूँ वह ही बुड्ढे है.
मैं: नहीं मैं नहीं मानता, आप में अब वह बात रही नहीं आप तो 100 साल की बूढ़ी होना.
आंटी: कोनसी बात? और 100 साल ऐसे ही बोली गुस्सा मत दिलाओ अब मुझे.
आंटी अब संघर्ष कर रही थी अपनी पहचान के लिए की उनमे जवानी अब भी हु और यही मैं चाहता था.
मैं: हा,अच्छा तो बताइये की अंकल ने आपको आखिरी बार कब किश किया था.
आंटी अपने प्लेट में पड़ी एक मटर के दाने को मुझ पर फेक बोली: अरे अरे ये सब तुम नहीं पूछ सकते.
मैं मुँह खोल कर उनके फेके मटर को पकड़ लिया और बोला: ओफ्फो आंटी अब मैं बच्चा नहीं जो एक किश पर बात कर नहीं सकता बताओ कब किया.
आंटी: पर मैं तो तुम्हारी आंटी हूँ न मैंने तब सही मौका देख बोला: वही तो आंटी हो उसी लिए किश की बात कर रहा हूँ वरना अब तक आपको 100100 किस्स दे चूका होता.
आंटी को इस पर गुस्सा न आया और वह हस्स पड़ी मैं समझ गया की आंटी और मेरी बात बन्न सकती है अगर आगे सही पैसा फेका तो.
आंटी: किश… मुझे? तुम न पागल हो गये हो कल रात सोफे पे सोकर तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है हाहाहा!.
मैं: सोफे पे सोने से नहीं आपको देख के पागल हो गया हूँ.
आंटी: तुम मेरे साथ फ़्लर्ट कर रहे हो क्या?
मैं: क्यों नहीं कर सकता क्या?
आंटी: अब तुम पीटने वालो हो मैं तुम्हारी आंटी हूँ राहुल तुम्हारी बुआ तुम्हारी स्कूल फ्रेंड नहीं.
मैं: हाहाहा! तो मतलब आप मानती हो की अगर आप मेरी आंटी न होती तो मैं आपसे फ़्लर्ट कर सकता हूँ.
आंटी: अरे मैंने कब ऐसा कहा.
मैं: अभी तो बोला. Sexy Aunty Ki Chudai
मैं ऐसा नहीं कह सकता आप मेरी आंटी हो बला बला बला खिटपिट-खिटपिटआंटी फिर से हस्सी और बोली: सारिका को आने दो बताती हूँ मैं की राहुल को कॉलेज नहीं शादी करवा दे.
मैं: अरे एक किश की बात और फ़्लर्ट करने की इतनी बड़ी सजा?
आंटी अपना प्लेट उठायी और खड़ी होती हुई बोली: तुमसे मुझे बहस नहीं करना मैं चली.
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आंटी प्लेट उठाकर सीधे किचन को चली गयी मेरे प्लेट में मेरी आधी रोटी बची हुई थी जिसे एक ही निवाले में मुँह में ठूसा और प्लेट लेकर मैं भी किचन को चला गया.
किचन में आंटी अपनी प्लेट धो रही थी.
मैं उनके पीछे गया और उनके पीछे सट्टे हुए प्लेट दे कर बोला: ये लो मेरी प्लेट वह दुबारा घबरा गयी और बोली: तुम हमेशा ऐसे ही करोगे क्या ऐसे डराया मत करो, मेरा सीना उनके पीट से और मेरे शार्ट में दबा लंड उनकी गांड से सटा हुआ था.
ये बात हम दोनों जानते थे लेकिन वह इस बार ऐसा कुछ नहीं बोली की मैं हटु, मैं वैसे ही चिपका हुआ बोला: खुद तो डायलाग मारती हो की आप बहुत बड़ी हो और बच्चो की तरह डरने का नाटक करती हो.
आंटी मेरे हाथ से प्लेट ली और उसे धोती हुई बोली: हाँ तुम तो अभी भी बच्चे होना खुद की प्लेट भी नहीं धो सकते.
उनसे इस तरह चिपके रहने और साथ ही उनके इस पर कुछ न करने के कारन मेरे लंड ने अपनी नीयत दिखानी शुरू कर दी और धीरे धीरे अपने आकर में आने लगा.
मैं इनकी गांड पर दबाव देने लगा ताकि उन्हें भी पता चले की नीचे कुछ चुभ रहा है उन्हें.
मैं: बच्चा नहीं अब मैं मैं बड़ा हूँ आप ही बच्ची जैसे डरते हो और बुद्धि जैसी बाते करते हो.
मुझे साफ़ मेरे शार्ट के अंदर मेरे लंड पर उनकी गांड का दबाव महसूस हो रहा था तो यकीनन उन्हें भी पता तो चल ही रहा होगा पर उन्होंने उस पर कोई झिझक न दिखाई. Sexy Aunty Ki Chudai
और बोली: हाँ वह तो है की तुम अब काफी बड़े हो गए हो पता तो चल ही रहा है मुझे.
मैं समझ गया उनके बात का क्या मतलब था तो अपने कमर को आगे बढ़ाकर उनकी गांड पर लंड अच्छे से दबाते हुए बोला: क्या क्या पता चल रहा है बोलिये?
आंटी: यही की तुम बड़े हो गए हो और क्या?
मैंने अपनी कमर धीरे से पीछे लिया फिर दुबारा धीरे से अपना लंड लगाते बोला:आप सीधे सीधे क्यों नहीं बोलते कुछ तो.
इस पर आंटी सर मुड़कर मुझे देख बोली: जैसे की तुम तो बड़े सीधे हो जिससे सीधी बात करनी होगी.
मैं: हाँ क्यों? मैं सीधा नहीं हूँ तो क्या टेड़ा हूँ? आंटी वापस प्लेट धोती हुई बोली: तुम्हारा तो पता नहीं पर सीधा तो हो ही रहा है कुछ.
मैं मन ही मन खुश होने लगा की शायद आंटी जल्द ही लाइन पर आ जाएगी.
अब वह दोहरे मतलब से मेरे सीधे होते लंड के बारे में बोल रही थी.
मैं भी मौका गवाना नहीं चाहता था और बोला: आप ही के कारन तो मैं इतना सीधा बन रहा हूँ.
वरना तो जलेबी के जैसे टेड़ा हूँ, आंटी हस्ती हुई अपनी कमर पीछे दबायी और मेरे लंड को दबती हुई बोली: सब पता है मुझे तुम कितने सीधे हो और कितने टेड़े.
मैं भी आगे की और अपनी कमर दबाते हुए अपना लंड उनकी गांड पर अच्छे से दबा डाला इस बार.
और बोला: मुझे भी पता है की आपको भी सब पता चल ही रहा है.
आंटी: क्या मतलब?
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मैं: यही की मैं कितना सीधा हूँ आंटी बर्तन धो के वापस रखे मेरे लंड को अपनी गांड से रगड़ती हुई दबाकर मुझे थोड़ा पीछे हटाकर बोली: चलो चलो अब हटो हो गया मेरा काम.
वह जैसे ही पलटी तो उनकी नज़र सीधे मेरे शार्ट पर गयी जाती भी कैसे नहीं मुझे भी नहीं पता था की मेरा लंड इतना ज़्यादा तन्न चूका था. Sexy Aunty Ki Chudai
शार्ट में टेंट बना सामने को खड़ा था वह नीचे देख मुझे वापस और बोली: चलो जाओ अपना काम करो अब सारा सीधापन बहार आ रहा है.
मैं मुस्कुराता हुआ बोला: आपकी कोन सी छुपी हुई है?
वह मेरे बात पर सीधे अपने सीने पर देखा और अपनेनाइटी पर नज़र डाली उनकी निप्पल नोकीली होकर कपडे पर कांटे की तरह उभरेहुये थे।
वह झट से अपना हाथ सीने पर रख बोली: पागल मुझे ऐसे मत देखो, इडियट जाओ अब यहाँ से.
मैं कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था इसी लिए अपने शार्ट के पॉकेट में हाथ डाला और अंदर से अपने तने लंड को पकड़ दबाते हुए गाना गाते हुए किचन से जाने लगा: जो हाल दिल का इधर हो रहा है वह हाल दिल का उधर हो रहा है.
मेरे पीछे पीछे आंटी हसने लगी और बोली: हाहाहा! भागो जल्दी जाओ जाके पढ़ाई करो वरना सारा गाना निकाल दूंगी.
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मैं इस पर किचन से निकलते हुए गया: बहुत अच्छी बाते कर्ली बहुत ठंडी आहे भरली बहुत अब करूँगा तेरे साथ… गन्दी बात गन्दी गन्दी गन्दी गन्दी गन्दी बात, मेरे नौटंकी पे आंटी किचन में ज़ोर ज़ोर से हसने लगी.
मैं वापस लिविंग में आ कर बैठ गया एक बात तो मैं जनता था की औरत को कभी भी दबाव नहीं देनी चाहिए थोड़ा टाइम लगाकर आराम से पटाना चाहिए.
और अब आंटी के साथ यहाँ तक तो पहुँच ही गया था मैं बस अब आगे सही खेल खेलना था और आंटी खुद मेरे लिए तैयार हो जायेगी। तो दोस्तो आज इस कहानी मे बस इतना ही मगर अगले भाग मे पक्का आप लोग मेरी और आंटी की चुदाई ज़रूर पढ़ोगे, कैसे मैंने आंटी को चोदा और फिर भारती ने हम दोनों को देख भी लिया था चुदाई करते हुये. Sexy Aunty Ki Chudai
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Bhai ye story ka 4th part kab la rahe ho…..?