Maa ki Chudai Bete See: हैलो दोस्तों हाजिर हु एक और कहानी के साथ आप कहानी पढे और मुझे फीड बैक देना न भूले, दोस्तों मेरा नाम अभिषेक है और मेरी उम्र 24 साल है मैं हरीयाणा का रहने वाला हु मेरी ये कहानी मेरे चाचा और माँ की चुदाई के बीच की है।
मम्मी – बेटा तू जनता है तू क्या कह रहा है अगर हमारी इस बात की खबर किसी को लग गयी तो हमारे साथ क्या होगा वह छोड़, अगर तेरे पापा को पता चल गया तो वह तो हम दोनों को जान से मार देंगे।

मैं – मम्मी दुनिया की नज़र में हम माँ बेटे ही रहेंगे मगर घर की इस चार दीवारी में मैं आपको बहुत प्यार करूँगा वही प्यार जिसके लिए आप हमेशा पापा का इंतज़ार करती हो और वह हमेशा बहार ही रहते है।
मम्मी – बेटा मुझे ये सब ठीक नहीं लग रहा है मुझे अंदर से बड़ा अजीब लग रहा है मम्मी की बात पूरी होते ही मैंने उनके होंठों को चुम लिया और उनके रस भरे होंठों को चूसने लगा कुछ देर मम्मी वैसे ही बैठी रही।
फिर उन्होंने मेरे सीने पर हाथ रखकर मुझे पीछे कर दिया।
मम्मी – ये तू क्या कर रहा है बेटा? मैं तुझे समझा रही हु और तू मेरे साथ…
मैं – मम्मी मैं तो वही कर रहा हु जो मेरा दिल कह रहा है और आप मानो या न मानो आपका दिल भी यही कह रहा है आप खुद अपने दिल की धड़कन सुन लो जो मेरे छूने भर से तेज हो गयी है।
मैंने मम्मी का हाथ उनके सीने पर रख दिया और उनका दिल धक् धक् कर रहा था मम्मी मेरी तरफ बड़ी ही अजीब निगाहो से देखने लगी।
मैं – देखा मम्मी आपका दिल कैसे धक् धक् कर रहा है कम से कम अब तो सच बोलो क्या सच में आपको उस रात मज़ा नहीं आया था जब मेरे होंठों ने आपके शरीर के एक एक अंग को चूमा था, मेरी बात सुनके मम्मी ने अपना सर नीचे कर लिया।
फिर मैंने उनका मुह पकड़ के ऊपर किया मगर मम्मी अभी भी नीचे ही देख रही थी।
मैं – बताओ न मम्मी या मैं सच में चला जाऊ जैसे ही मैं उठने लगा तभी मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, मैंने जैसे ही मम्मी की तरफ देखा वह मुझे ही देख रही थी।
मम्मी – हा बेटा मुझे भी उस दिन अच्छा लगा था मगर मैं जब भी ये सब सोचती हु तो मुझे बड़ा अजीब लगता है हम दोनों माँ बेटे है और तू मुझे प्यार करना चाहता है। Maa ki Chudai Bete See
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मैं – मम्मी हम दोनों माँ बेटे तो बाद में है पहले हम दोनों इंसान है और ये कहा लिखा है की एक बेटा अपनी माँ को प्यार नहीं कर सकता है।
मम्मी – मगर बेटा हमारे समाज में ऐसे रिश्ते को बहुत गन्दा मन जाता है।
मैं – मम्मी हमारा रिश्ता इस घर के अंदर कैसा है किसी को क्या पता चलेगा? मम्मी मेरी बात सुनके सोच में पड़ गयी और जैसे ही वह कुछ बोलने वाली थी मैंने उनके होंठों पर ऊँगली रख दी जिससे मम्मी चुप हो गयी और मैंने आगे बढ़के फिर से उनके होंठों को चुम लिया।
इस बार मम्मी ने मुझे नहीं रोकाऔर मैं लगातार उनके होंठों को चुस्ता रहा और मम्मी आँखे बंद करके बैठी रही।
मेरी जीभ ने मम्मी के होंठों को खोल दिया और अब मेरी जीभ मम्मी की जीभ से खेल रही थी मम्मी आँखे बंद करके शांत बैठी थीऔर मैं लगातार उनके होंठ चूस रहा था मम्मी के होंठों को चूसते हुए मेरे हाथ उनकी चूचियों पर आ गए और मैं सूट के ऊपर से ही मम्मी की चूचिया दबाने लगा।
मम्मी के होंठ भी बीच बीच में मेरे होंठों को चूस लेते थे मम्मी उतना खुल के मेरा साथ नहीं दे रही थी मगर इस बार वह मुझे रोक भी नहीं रही थी हम दोनों का किश 5-मिनट तक चला जब मैं उनसे अलग हुआ तो मम्मी के मुह पर एक शर्म थी और वह नीचे देख रही थी।
मैं मम्मी की कुर्ती पकड़ के निकालने लगा और इस बार मम्मी ने भी मुझे नहीं रोका मैंने मम्मी की कुर्ती निकाल के साइड में फेक दी और अब मम्मी पर्पल रंग की ब्रा में मेरे सामने बैठी थी।
मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उन्हें खड़ा कर दिया फिर मैंने झुककर मम्मी को गोदी में उठा लिया और मम्मी ने मेरी गर्दन में हाथ डालके मुझे पकड़ लिया मैं मम्मी को उठा के उनके बैडरूम में ले गया और वह जाके मैंने मम्मी को बेड पर लिटा दिया।
फिर मैंने भी अपनी टी शर्ट और पेण्ट निकाल दी और तुरंत मम्मी के ऊपर आ गया मैं मम्मी के होंठों को फिर से चूसने लगा और होंठों को चूसते हुए नीचे आने लगा मेरे दोनों हाथ मम्मी की चूचियों को मसल रहे थे और मेरी जीभ मम्मी की चूचियों की घाटी में घूम रही थी इस सुख के लिए मम्मी तरस रही थी। Maa ki Chudai Bete See
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जब उन्हें ये सुख मिल रहा था तो उन्होंने आनद के साथ अपनी आँखे बंद की हुई थी फिर मैंने मम्मी की एक चुचि ब्रा के ऊपर से बहार निकाल ली मम्मी के काले निप्पल एक दम खड़े हुए थे और अब मैं उन्हें अपनी जीभ से सेहला रहा था।
जैसे ही मेरी जीभ मम्मी के निप्पल पर लगती मम्मी अपने होंठों को दबा लेती और मैं बार बार अपनी जीभ मम्मी के निप्पल पर रगड़ने लगा मैंने मम्मी की दूसरी चुचि भी बहार निकाल ली और अब मैं बारी बारी से दोनों चुचि चूसने लगा।
चूचियों के चूसने और मसले जाने से मम्मी आनद की दुनिया में चली गयी थी मम्मी की दोनों चूचिया को चूस के मैं उनके पेट को चाटने लगा मेरे दोनों हाथ अभी भी मम्मी की चूचियों को मसल रहे थे और मेरी जीभ मम्मी की गहरी नाभि में घूम रही थी।
मम्मी की गहरी नाभि चूसने में बहुत मज़ा आ रहा थान और मैंने मम्मी की नाभि चूस चूस के पूरी गीली कर दी नाभि चूसने के बाद मैंने मम्मी की सलवार थोड़ी नीचे कर दी और अब मेरी जीभ मम्मी की चुत के थोड़े ऊपर के हिस्से को चाटने लगी।
मम्मी का शरीर हलके हलके गरम पड़ रहा था और उन्हें देखने से भी साफ़ पता चल रहा था की मम्मी भी अपने शरीर की गर्मी बहार निकलना चाहती है मम्मी का पेडू (पेट के नीचे का हिस्सा) चाट ते हुए मैंने मम्मी की सलवार का नाडा खोल दिया।
फिर मैं मम्मी की जांघो को चाटते हुए हलके हलके उनकी सलवार उतारने लगा मम्मी की सलवार नीचे होते ही मुझे मम्मी की काली पेंटी दिखने लगी।
मम्मी काली पेंटी में क़यामत धा रही थी फिर मैं मम्मी की जांघो को चाटने लगा मेरी जीभ मम्मी की चुत के पास और उनकी जांघो को चाट रही थी और मम्मी को इससे मज़ा आ रहा था मम्मी की जांघो को चाट चाट के मैंने गीला कर दिया।
फिर मैं मम्मी की पेंटी निकालने लगा मैंने दोनों हाथो से पेंटी की साइड्स को पकड़ा हुआ था जब मैं पेंटी निकाल रहा था तो मम्मी ने खुद अपनी गांड को उठा के मेरी पेंटी निकालने में मदद की जब मम्मी ने ऐसा किया तो मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लगा की अब मम्मी भी मेरा साथ दे रही है।
पेंटी के निकलते ही मम्मी की चुत मेरे सामने आ गयी और उनकी चुत का चमड़ा एक दूसरे से चिपका हुआ था ऐसा लग रहा था जैसे वह कोई गाँठ हो मम्मी के चुत से पानी निकल के उस चमड़े को गीला कर रहा था और जैसे ही मैंने मम्मी की टाँगे फैलाये मम्मी की चुत से निकला चमड़ा खुलने लगा और
अब मम्मी की चुत मेरे सामने एक कमल के फूल की तरह खुल चुकी थी। Maa ki Chudai Bete See
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मैंने भी बिना समय गवाए अपना मुँह मम्मी की चुत पर लगा दिया और उनकी चुत से निकलता अमृत पीने लगा इस बार मुझे मम्मी की टाँगे पकड़ने की जरुरत भी नहीं थी क्युकी वह खुद मेरे लिए अपनी टाँगे फैलाये लेटी हुई थी।
मैं मम्मी की गीली चुत चाट रहा था और अब मम्मी के मुँह से सससस ससीई सीई सीई करके आवाज निकल रही थी और वह कभी अपने होंठों को काटती तो कभी जोर से चादर को पकड़ लेती।
मम्मी अपनी चुत चटाई से कुछ जायदा हो गरम ही गयी थी और मैं उन्हें मज़े देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था मेरी जीभ मम्मी की चुत के अंदर घूम रही थी और मेरा हाथ उनकी चुत के दाने को सेहला रहा था और इस बार मम्मी भी बिना किसी की रोक टोक के आठ उम्म्म सीई कर रही थी।
मम्मी की चुत चाटते चाटते मैं उनकी गांड को भी चाटने लगा मेरी जीभ मम्मी की चुत और गांड दोनों पर घूम रही थी और इस बार जब मम्मी से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होंने अपना हाथ मेरे सर पर रख दिया और वह मेरे सर को अपनी चुत पर दबाने लगी और मैं भी पूरी शिद्दत से मम्मी की चुत और गांड को चाटने लगा।
मम्मी को इसमें जयादा ही मज़ा आ रहा था और कुछ ही देर बाद मम्मी मेरा सर कुछ जयादा ही अपनी चुत पर दबाने लगी और मैं अपनी जीभ उनकी चुत पर चलाये जा रहा था मम्मी नीचे से अपनी चुत ऊपर की तरफ करने लगी।
फिर मम्मी के मुँह से एक अह्ह्ह निकली और उनका हाथ मेरे सर पर ढीला पड़ गया मैं समझ गया मम्मी का पानी निकल चूका है मगर फिर भी मैंने अपनी जीभ चलानी बंद नहीं की और मैं कुछ देर और मम्मी की चुत चाटता रहा।
जब कुछ देर बाद मैं मम्मी की चुत चाट के उठा तो मम्मी मुझे ही देख रही थी मम्मी की आँखों में एक संतुष्टि दिख रही थी जो पानी निकलने के बाद हर औरत की आँखों में दिखती है। Maa ki Chudai Bete See
मैं मम्मी का पेट चूमता हुआ उनके ऊपर आने लगा और इस बार जब मैंने मम्मी के होंठों को चूमा तो उन्होंने भी मेरा पूरा साथ दिया और हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसते हुए चिपक गए मम्मी और मैं एक दूसरे के होंठों को चूसते ही जा रहे थे.
हम दोनों की आँखे बंद थी और हमें टाइम का पता ही नहीं चला की हम दोनों कितने देर तक एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे।
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जब हमारी आँखे खुली तो मम्मी मुझे देखकर शर्माने लगी और उन्होंने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया।
फिर मैंने उनके गाल पर हाथ रखकर उनका मुह अपनी तरफ किया फिर से होंठों को चुम लिया।
मैं – आई लव यू मम्मी आई लव यू सो मच ,
मम्मी – आई लव यू टू बेटा,
मैं – मम्मी आप सच में बहुत खूबसूरत हो मैंने आज तक आप जैसे खूबसूरत औरत नहीं देखि मैं बहुत किस्मत वाला हु जो आप मेरी ज़िंदगी में आयी मम्मी अपनी तारीफ सुनके शर्माने लगी।
फिर मैं मम्मी के साइड में लेट गया और एक ही झटके में मैंने अपनी अंडरवियर निकाल के बेड के साइड में फेक दी अब मैं बिलकुल नंगा था और मेरा लंड एक दम टाइट खड़ा था।
मैं मम्मी के साइड में लेटे लेटे ही उनसे चिपक गया जिससे मेरा लंड उनको लगने लगा फिर मैंने अपना हाथ मम्मी की चुत पर रख दिया और मम्मी के बगल में लेटे लेटे ही मैं उनकी चुत को सहलाने लगा।
मम्मी की चुत फिर से गीली होनी लगी थी और मेरा लंड जो उनके पेट के साइड में लग रहा था मम्मी ने खुद उसे अपने हाथ में ले लिया वह मेरा लंड हलके हलके आगे पीछे करने लगी।
मगर मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसीलिए मैं बेड से नीचे उतर गया और मम्मी जो सीधी बेड पर लेटी हुई थी उनकी टाँगे पकड़ के उन्हें अपनी तरफ खींच लिया।
मम्मी की टाँगे मेरे हाथो में थी और मैं उनके पैरो की उंगलिया और तलवे को चाटने लगा और मम्मी फिर से गरम होने लगी थी।
मैंने बारी बारी से मम्मी के दोनों पैरो को चाटा जिसमें उन्हें भी मज़ा आया फिर मैंने मम्मी की दोनों जांघो को पकड़ के उन्हें अपने पास खींच लिया।
फिर मैंने अपना लंड उनकी चुत पर लगा दिया मम्मी की चुत पहले से ही गीली पड़ी थी और मेरा लंड भी प्रेकम से चिकना हो गया था मैंने अपने लंड का सूपड़ा बहार निकला और उसे मम्मी की चुत पर लगा दिया और बड़े ही प्यार से मेरा लंड मम्मी की चुत में समाता चला गया। Maa ki Chudai Bete See
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पुरे लंड के अंदर जाते ही मम्मी ने अपनी आँखे बंद कर ली और जैसे ही मैं धक्के लगाने लगा मम्मी तकिया को पकड़ के अपने होंठों को काटने लगी।
मेरा पूरा लंड बड़े ही आराम से अंदर जा रहा था और मम्मी के मुह के ऊपर वह कामुक भाव मुझे बहुत जयादा खुसी दे रहे थे मैं मम्मी की एक टांग पकड़ के धक्के लगा रहा था और साथ ही साथ उनकी पेअर की उँगलियों को भी चूस रहा था जिससे मम्मी को जयादा मज़ा आ रहा था और ऐसे करने से मम्मी के मुँह अह्ह्ह अह्ह्ह उम् निकल रही थी धक्के लगते हुए मैं मम्मी के ऊपर झुक गया और उनकी चूचियों को चूसते हुए धक्के लगाने लगा।
मम्मी मेरे बालो में हाथ फिरने लगी और मैं धक्के लगाए जा रहा था और तभी मम्मी ने अपनी टाँगे मेरी कमर में बांध ली और उन्होंने मुझे खुद से चिपका लिया इस बार मम्मी मेरा भरपूर साथ दे रही थी फिर मैं मम्मी की चूचियों को छोड़ के उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी और मैं एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे और मैं ऊपर से धक्के लगा रहा था और मम्मी नीचे से अपनी कमर उठा उठा के मेरा साथ दे रही थी।
कुछ देर मैं मम्मी को ऐसे ही चोदता रहा फिर मैंने मम्मी की दोनों बगलो के नीचे से हाथ डाला और उन्हें हवा में उठा लिया जब मैंने ऐसे किया तो मम्मी ने भी मेरी गर्दन में हाथ डाल लिए और मेरी कमर को अपने पैरो से पकड़ लिया मेरा लंड अभी भी मम्मी की चुत में ही था।
मैं मम्मी को गोदी लिए लिए ही चोदने लगा जैसे की हम पोर्न वीडियो में देखते है और सच में दोस्तों इस पोज़ में चुदाई का एक अलग ही मज़ा आ रहा था।
जिस जिसने भी इस पोज़ में कभी चुदाई की है वही जनता है की इस पोज़ में कितना मज़ा आता है इस पोज़ में कुछ देर धक्के लगाने के बाद मैं बेड पर बैठ गया और मम्मी मेरे लंड पर बैठी हुई थी।
मेरे दोनों हाथ मम्मी की गांड पर थे और मैं मम्मी की गांड को मसलते हुए उसे अपने लंड पर चला रहा था और मम्मी मेरे गर्दन में हाथ डाले हुए चुदाई का मज़ा ले रही थी मम्मी की दोनों चूचियों बिलकुल मेरे मुँह के पास थी और मैं बारी बारी से उन्हें चूस रहा था। Maa ki Chudai Bete See
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मगर वह मेरे मुँह में आ नहीं पा रही थी तब मम्मी ने खुद अपनी चुचि मेरे मुँह में लगा दी जैसे एक माँ अपने छोटे बच्चे के मुँह में चुचि लगाके उसे दूध पिलाती है
वैसे ही मम्मी ने भी किया और मैं मम्मी की चुकी को खींच खींच के चूसने लगा और जैसे ही मैं उनकी चुकी खींचता मम्मी के मुँह से आउच करके आवाज आती है मगर फिर भी मम्मी मुझे रोक नहीं रही थी और मैं जल्दी जल्दी मम्मी की गांड को अपने लंड पर चला रहा था।
फिर कुछ ही देर बाद मम्मी बोली।
मम्मी – आह्हः रुकना मत उम्म्म रुकना मत अह्ह्ह बेटा, मम्मी की कामुकता भरी आवाज ने मेरे अंदर और जयादा जोश भर दिया और मैं और भी जयादा तेज मम्मी की गांड को अपने लंड पर मारने लगा यहाँ तक की मम्मी खुद अपनी गांड को मेरे लंड पर मार रही थी और कुछ ही देर बाद मम्मी जल्दी जल्दी अपनी कमर चलाने लगी और मैं खुद का पानी कण्ट्रोल करने लगा।
कुछ ही देर बाद मम्मी का शरीर कांप गया और वह अपने सर मेरे कंधे पर रखकर तेज तेज साँसे लेने लगी।
मैं मम्मी को लेके ऐसे ही पीछे बेड पर लेट गया और मम्मी भी मेरे ऊपर लेटकर तेज तेज साँसे लेने लगी।
मम्मी का पानी निकल चूका था और उनकी गीली चुत मेरे लंड को और भी जयादा गीला कर रही थी।
मैंने मम्मी के गाल पर प्यार से हाथ फेरा और उनके होंठों को चूसने लगा मम्मी भी मेरा साथ दे रही थी और होंठों को चूसते हुए मैंने नीचे से फिर से धक्के लगाने लगा मम्मी की चुत पानी निकलने से बहुत जयादा चिकनी हो गयी थी।
जिसकी वजह से मेरा लंड बार बार चुत से बहार निकल रहा था जब ऐसा कई बार हुआ तो मैंने मम्मी को अपने ऊपर से उठा दिया मम्मी उठके बेड पर बैठ गयी और मैं उनके सामने खड़ा हो गया मेरा लंड मम्मी की चुत के पानी से गीला होकर चमक रहा था और मम्मी मेरे खुले सुपडे वाले लंड को देख रही थी फिर मैं भी बेड के ऊपर आ गया और मम्मी की कमर पकड़ के उन्हें पलटने लगा। Maa ki Chudai Bete See
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मगर मम्मी मेरे मन की बात खुद समझ गयी और वह पलट के घोड़ी बन गयी मम्मी की गांड थोड़ी नीचे थी इसीलिए मैं उसे ऊपर करने लगा और मम्मी ने खुद अपनी गांड उठा ली और अपने पेअर भी चोडे कर लिए ताकि मुझे चोदने में कोई परेशानी न हो पेअर चोडे होते ही मम्मी की चुत और गांड मेरे सामने खुल गयी।
फिर से मम्मी की चुदाई करने से पहले मैंने अपना मुँह उनकी गांड में लगा दिया मैं मम्मी की गांड के छेद पर अपनी जीभ फिरने लगा और अपने हाथ से उनकी चुत सहलाने लगा।
मम्मी के अंदर वाकई बहुत गर्मी थी और उनकी चुत फिर से गीली होने लगी थी मैं मम्मी की चुत सहलाता जा रहा था और अपनी जीभ मम्मी की गांड में डालने की कोशिश कर रहा था मेरी जीभ का थोड़ा सा हिस्सा ही मम्मी की गांड में जा रहा था और इससे मुझे और मम्मी दोनों को ही मज़ा आ रहा था।
मम्मी झुकी झुकी चादर को जोर से पकड़ी हुई थी फिर कुछ देर मम्मी की गांड और चुत चाटने के बाद मैंने अपना लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और इस बार भी पैट पैट पातर आवाज निकली जो हमेशा चुत में लंड पर निकलती है
फिर मैंने मम्मी की गांड पकड़ी और मैं धक्के लगाने लगा मेरा पूरा लंड जड़ तक अंदर जा रहा था और अब कमरे में 2 आवाजे गूंज रही थी।
मेरे धक्के लगाने से थप थप की आवाज हो रही थी और मम्मी आठ अह्ह्ह उम्म्म ममम कर रही थी धक्के लगते हुए मैंने जोर का थप्पड़ मम्मी की गांड मार दिया और मम्मी के मुँह से जोर से आह्हः की आवाज आयी।
अब मैं बीच बीच में मम्मी की गांड पर थप्पड़ मारने लगा और हर बार मम्मी आठ आह्हः करने लगती मम्मी की गोरी गांड पर मेरे हाथ का पंजा छप गया था जिससे उनकी गांड लाल हो गयी थी।
फिर धक्के लगते हुए मैंने अपनी बीच वाली ऊँगली पर थूक लगाया और उसे मम्मी की गांड में डाल दिया मम्मी की गांड मेरे चाटने से पहले ही गीली थी और बड़े ही आराम से मेरी ऊँगली मम्मी की गांड में चली गयी जैसे ही मम्मी की गांड में ऊँगली गयी उन्होंने पीछे मुड़ के देखा और मैंने उन्हें देखकर स्माइल किया Maa ki Chudai Bete See
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मगर इस बार मम्मी ने मेरी ऊँगली बहार नहीं निकाली फिर मैं धक्के लगते हुए ऊँगली अंदर बहार करने लगा मम्मी को भी मज़ा आ रहा था और वह बड़े ही आराम से झुके झुके चुदाई करवा रही थी ।
फिर कुछ देर चुदाई करने के बाद मैंने मम्मी को सीधा लिटा दिया और खुद उनके ऊपर आ गया मम्मी ने भी मेरा स्वागत अपनी टाँगे और बाहे फैला के किया और मैंने भी अपना लंड चुत में डाल दिया और धक्के लगाते हुए उनसे चिपक गया मम्मी और मैं एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे और मैं नीचे से धक्के लगाए जा रहा था और मम्मी ने फिर से मुझे अपनी टांगो से जकड लिया था।
मम्मी की चुत फिर पानी पानी हो गयी थी और मेरा लंड सत्ता सात अंदर बहार हो रहा था अब मेरे हर धक्के पर मम्मी की कामुक भरी आवाज निकल रही थी मम्मी की आवाज सुनके मैं और तेज धक्के लगाने लगा और तभी मेरा लंड बहार निकल गया और इससे पहले मैं अपना लंड दुबारा चुत में डालता मम्मी ने जल्दी से मेरा लंड पकड़ा और उसे जल्दी से चुत में डाल लिया और मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू कर दिए।
शायद मम्मी का पानी निकलने वाला था इसीलिए वह भी नीचे से कमर उठा उठा के मेरे साथ दे रही थी और उस पल में हम दोनों एक दूसरे में खो गए थे मैं धक्के लगता रहा और जल्दी ही मम्मी का पानी निकल गया और कुछ ही देर बाद मैंने भी अपना पानी मम्मी की चुत में भर दिया।
हम दोनों एक दूसरे को जकड़े हुए थे और हम दोनों की ही साँसे फूल रही थी मैं 5 मिनट तक मम्मी के ऊपर ऐसे ही लेटा रहा।
फिर मैं उनके ऊपर से उठ गया मेरा लंड भी अब थोड़ा ढीला हो गया था और वह मेरे और मम्मी की चुत के पानी से गीला पड़ा था मैं मम्मी के बगल में आ गया और उनको पकड़ के लेट गया,
मम्मी भी मेरी पीठ सहलाने लगी और मैं उनकी चुचि को चूसने लगा कुछ देर हम दोनों एक दूसरे से ऐसे ही चिपके हुए लेटे रहे।
फिर मैंने मम्मी को देखा और वह भी मुझे ही देख रही थी। Maa ki Chudai Bete See
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मैं – आईलव यू मम्मी,
मम्मी – आई लव यू टु मेरे बच्चे,
मैं – मम्मी क्या अभी भी आप मुझसे और खुद से झूट बोलोगी? की हमारे बीच जो हुआ वह गलत है।
मम्मी – बेटा अब गलत और सही का कोई मतलब नहीं है हमें जो करना था वह हम दोनों कर चुके है।
मैं – मम्मी वह तो हम कर चुके है मगर क्या आपको ये अभी भी अच्छा नहीं लगा?
मम्मी – अच्छा तो लगा बेटा मगर मैंने कभी नहीं सोचा था की मेरी इस जरुरत को मेरा बेटा पूरा करेगा।
मैं – मम्मी जब पापा के न होने पर मैं आपकी बाकी जरुरत का ख्याल रखता हु तो अब इसका भी ख्याल रखूँगा, मम्मी मेरी बात सुनके शर्माने लगी और मैं उनकी चुचि को दबाने लगा।
मैं – वैसे मम्मी इतने दिनों से आपने मुझसे ठीक से बात तक नहीं की क्या आपको मेरी जरा सी याद भी नहीं आयी?
मम्मी – याद तो उसे किया जाता है जिसे भुला दिया हो और तेरी उस रात वाली हरकत के बाद से मैं आज तक ठीक से सो भी नहीं पायी हु।
मैं – क्यों मम्मी अब ऐसा भी क्या हो गया था? Maa ki Chudai Bete See
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मम्मी – मेरे दिमाग में बस वही रात वाला सीन चलता रहता था जैसे ही मैं अपनी आँखे बंद करती थी मुझे सिर्फ तू ही दिखाई देता था और मुझे बस वही सब याद आता था जो हमारे बीच हुआ था इन दोनों मेरे दिल और दिमाग में लड़ाई चल रही थी हर रोज मैं बस यही सोचती थी की जो तूने किया वह सही था या गलत दिमाग हमेशा गलत बोलता था और दिल यही कहता था की जो हुआ सही हुआ सच तो ये है की मैं जानकार तुझसे बात नहीं कर रही थी।
मुझे डर लग रहा था कही मैं कमजोर न पड़ जाऊ फिर से हमारे बीच वह सब न हो मगर आज जब तू घर छोड़ के जाने लगा तो मैं खुद को रोक नहीं पायी अब तू मुझे छोड़ के तो नहीं जायेगा।
मैं – मम्मी आपको छोड़ने की बात तो मैं सपने में नहीं सोच सकता इतने दिन मैं भी पागल हो गया था जब से आपने मुझसे बोलना बंद कर दिया था। Maa ki Chudai Bete See
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इतनी बात बोलते ही मैं मम्मी के होंठों को चूसने लगा और वह भी मेरे होंठों को चूसने लगी हम दोनों कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे।
फिर मैं बोलै।
मैं – मम्मी वैसे एक बात पुछु,
मम्मी – हा पूछ न ,
तो दोस्तो आज इस कहनी मे बस इतना ही अभिषेक ने अपनी मम्मी से क्या पूछा ये मैं आपको अगले भाग मे।
इस कहानी का पिछला भाग पढ़ने के लिए:—> माँ की सालगिरह पर माँ की चुदाई की 3
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