Bahan ko chudai sikhake choda:- मेरा नाम राज है और मैं 21 साल का हूँ। मैं ग्वालियर में फैमिली के साथ रहता हूँ जिसमें मेरे पापा और मम्मी हैं और एक छोटा भाई है। मेरी एक बड़ी बहन भी है।
पापा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं और मम्मी हाउसवाइफ हैं। छोटा भाई 12 साल का है और 8वीं क्लास में है। मेरी दीदी 25 साल की हैं जिनका नाम रिया है। दीदी की पीजी कंप्लीट हो गई है और इस साल मेरी ग्रेजुएशन भी हो गई थी।
Bahan ko chudai sikhake choda sex story
दीदी और मैंने डिसाइड किया था कि हम दिल्ली कोचिंग के लिए चलते हैं। फिर हमने पापा से बात की। पापा भी मान गए तो हमने नेक्स्ट वीक दिल्ली जाने की तैयारी की। हम पहले कहीं बाहर नहीं गए थे तो अजीब भी लग रहा था वो भी दिल्ली रहने में।
और फिर नेक्स्ट वीक मैं और रिया दीदी पापा के साथ दिल्ली गए। वहाँ पहले हमने एक रूम देखा रेंट पर। फिर हम कोचिंग की बात करने गए और पापा सब कुछ फाइनल करवाकर ग्वालियर के लिए निकल गए। अगले दिन से हम कोचिंग जाने लगे और फिर 15-20 दिन बाद हमारे रूम के पास के ही बॉयज से मेरी दोस्ती हो गई।
लेकिन वो उम्र में बड़े थे मुझसे पर मुझे अच्छा लगने लगा। क्योंकि अकेले बोर होता था मैं। फिर मैं उनके साथ घूमने भी जाने लगा। उनमें एक का नाम अमीर था और एक का राजू। उनकी उम्र 27 साल होगी और वो भी कोचिंग करते थे। पर उन्होंने पूरा घर रेंट पर ले रखा था।
उनके साथ मैंने स्मोकिंग भी शुरू कर दी थी और पढ़ाई से ध्यान हटने लगा था। फिर एक दिन राजू बोला—
मै: राज तेरी बहन बहुत सुंदर है। उसके बीएफ के तो मजे हैं।
मैं: नहीं उसका कोई बीएफ नहीं है।
मै: इतनी सुंदर लड़की का कोई बीएफ नहीं है। ये तो बहुत सही है यार। तू मेरी बात करवा दे।
मैं: राजू बहन है वो मेरी। और तू ऐसा सोचता है? मुझे अब रहना ही नहीं है तुम्हारे साथ।
राजू मुझे रोकता है और बहन की चुदाई की स्टोरी पढ़वाता है और फिर मेरे मन में भी दीदी के लिए गंदी सोच आने लगी। पर मैं वहाँ से निकल जाता हूँ और जब रात को दीदी को देखता हूँ तो उनका बदन आग लगा रहा था।
फिर अगले दिन राजू के फोन आया तो वो सॉरी बोलने लगा। तो मैं उनके पास चला गया।
फिर वो बोला—
मै: मैं तो तेरा दोस्त हूँ इसलिए कहा था। क्योंकि कोई और बॉय फायदा उठा सकता है दिल्ली में। और तू भी तो चोद सकता था मेरे साथ।
इससे फिर मेरे माइंड में रिया दीदी को चोदने का खयाल बैठ गया।
मैं: बट दीदी मानेंगी नहीं।
मै: तू हाँ कर बस।
मैं: ठीक है पर मैं भी चोदूँगा।
मै: हाँ यार बिल्कुल। आज हम तेरे रूम पर आएँगे और पटाना स्टार्ट करते हैं।
फिर शाम को राजू और अमीर आते हैं और मैं उन्हें दीदी से मिलवाता हूँ। दीदी भी हाई-हेलो करती हैं और फिर सब पढ़ाई की बातें करने लगते हैं। दीदी भी बातों में इंटरेस्ट लेती हैं। फिर राजू कहता है—
मै: तुम्हें कभी भी किसी बुक की जरूरत हो तो हमारे घर आ जाना। और वो बड़ा भी है तो वहाँ साथ में स्टडी कर लेंगे।
रिया: हाँ ये ठीक रहेगा। हम कल से आ जाएँगे।
और फिर हम डेली राजू के घर पढ़ाई करने लगे। 10-15 दिन में अच्छी दोस्ती भी कर ली राजू ने दीदी से। फिर संडे को प्लान बनाया राजू ने रिया दीदी को चोदने का। राजू ने हमें (इन्क्लूडिंग दीदी) कहा—
मै: कल मेरा बर्थडे है और पूरे संडे हम सेलिब्रेट करेंगे।
दीदी भी इसके लिए मान गईं। नेक्स्ट दिन संडे को हम राजू के घर गए और उसने सबको स्नैक्स खिलाए। फिर बातें करते-करते शाम हो गई और दीदी बोलीं—
रिया: अब हम घर जाते हैं।
तो राजू बोला—
मै: आज यहीं रुक जाओ। अभी केक कट करेंगे और गेम भी खेलेंगे।
बट दीदी मना करने लगीं।
मै: अच्छा तो तुम्हें डर है कि तुम हार जाओगी।
रिया: मैं आज तक नहीं हारी हूँ किसी गेम में।
मै: ये गेम खेला ही नहीं होगा तुमने आज तक।
रिया: अच्छा ऐसा कौन सा गेम है?
मै: अच्छा गेम है बट तुम हार जाओगी और रूल्स भी बहुत हैं इस गेम के।
रिया: ठीक है तो आज ये गेम भी खेलते हैं।
मै: ठीक है तो रूल्स बता देता हूँ।
रिया: रूल्स जो भी हो बस कोई चीटिंग नहीं करेगा।
मै: रूल्स तो सुन लो।
रिया: वो तुम बता देना गेम खेलते वक्त।
मै: ठीक है तो सब अपनी मम्मी कसम खाओ कि कोई भी गेम बीच में नहीं छोड़ेगा। एंड सब रूल्स फॉलो करेंगे।
फिर सबने कसम खाई और यहाँ दीदी फँस गईं। फिर हमने केक कट करके खाना खाया और उसके बाद हॉल में बैठ गए एक सर्कल में। तभी राजू एक बोतल ले आया और बोला—
मै: जिसकी तरफ बोतल रुकेगी उसको एक-एक करके अपने कपड़े उतारने होंगे। और जो सबसे पहले नंगा होगा वो हार जाएगा। फिर उसको वही करना होगा जो जीतने वाला कहेगा।
रिया: छी! ये गंदा गेम है। मैं एक गर्ल हूँ।
मै: तुमने कसम खाई है और शायद तुम्हें डर है कि हार जाओगी।
रिया: बस कसम की वजह से खेलना पड़ेगा। बट रूल चेंज कर लो कपड़े नहीं।
मै: कसम रूल मानने की भी खाई थी।
रिया: ठीक है।
राजू इस गेम में परफेक्ट था। उसको पता था कि कैसे घुमाने पर बोतल किस तरफ रुकेगी। और फिर उसने बोतल घुमाई। बोतल मेरी तरफ रुकी तो मैंने टी-शर्ट निकाल दी। हम तीनों ने अंदर बनियान भी नहीं पहनी थी।
प्लान के अकॉर्डिंग फिर बोतल अमीर की तरफ रुकी और फिर राजू की तरफ। अब हम तीनों ऊपर से नंगे थे और दीदी खुश हो रही थीं कि वो जीत रही थीं। फिर राजू ने बोतल घुमाई और मेरी तरफ रुकी। तो मैंने अपनी पैंट निकाल दी।
फिर बोतल अमीर की तरफ रुकी तो उसने भी पैंट निकाल दी। और अब हम दोनों बस अंडरवियर में थे। अब खेल हमारा शुरू हुआ और अब बोतल ऐसे घुमाई कि वो दीदी की तरफ रुकी। दीदी ने अपनी टॉप निकाल दी।
उसके बाद फिर से बोतल उनकी तरफ रुकी तो उन्होंने अपनी जींस भी निकाल दी। अब दीदी बस रेड ब्रा-पैंटी में थीं। राजू ने बोतल फिर दीदी की तरफ रोकी। इस बार दीदी को अपनी ब्रा उतारनी पड़ी और उनके बूब्स देखकर हमारे लंड तन गए। फिर राजू ने बोतल अपनी तरफ रोकी और उसने अपनी जींस निकाल दी।
अब बोतल घूमी और वो दीदी की तरफ रुकी और दीदी ने अपनी पैंटी निकाल दी। अब दीदी बिल्कुल नंगी थीं और हार भी चुकी थीं। सो अब हम तीन ही बचे थे। फिर पहले बोतल अमीर की तरफ रुकी और वो भी नंगा हो गया। दीदी उसका खड़ा लंड देखकर अजीब फील करने लगीं।
बट इतने में बोतल मेरी तरफ रुकी और मैं भी नंगा हो गया। इस तरह गेम खत्म हुआ। गेम का विनर राजू था और अब वो हम तीनों से जो कहेगा हमें करना पड़ना था। दीदी सबसे पहले हारी थीं तो जो हम तीनों कहेंगे वो दीदी को करना पड़ना था। फिर राजू बोला—
मै: रिया अब तुम्हें जो अमीर कहेगा वो करना पड़ेगा। और फिर राज कहेगा वो करना पड़ेगा। उसके बाद जो मैं कहूँगा वो करना पड़ेगा। फिर जो मैं अमीर और राज से कहूँगा वो इन्हें करना पड़ेगा।
रिया: बताओ अमीर क्या करना है मुझे?
अमीर: तुम्हें मेरा लंड चूसना है।
रिया: ये क्या बदतमीजी है?
मै: कसम खाई है सो तुम्हें करना होगा।
रिया: पर ये तो गलत है। तुम गेम में ऐसा नहीं करवाओ।
मै: तुम हारी हो तो करना तो होगा ही। और मम्मी इंपॉर्टेंट है तुम्हारे लिए या ये शर्म?
रिया: ठीक है।
और फिर दीदी अमीर का कड़क लंड अपने मुँह में लेकर चूसती हैं। वो 1 मिनट में हट जाती हैं।
अमीर: तब चूसो जब तक वेट न हो जाऊँ।
रिया: बस एक काम करवा सकते हो और तुमने बस चूसने को बोला था।
मै: हाँ रिया ठीक कह रही है। और ये तुझे पहले बोलना चाहिए था। और अब राज तू करवा।
मैं: चलो आप मेरा लंड वेट होने तक चूसो।
रिया: तू तो मेरा भाई है।
मै: यहाँ कोई भाई नहीं है।
और फिर दीदी मेरा लंड चूसती हैं और करीब 5 मिनट में मैं झड़ जाता हूँ।
रिया: चलो अब तुम बताओ क्या करवाओगे?
मै: मैं सबसे करवाऊँगा तो सबको एक साथ बताता हूँ। राज तुम रिया के बूब्स चूसोगे और अमीर तू रिया की गाँड में लंड डालकर चोदेगा। और रिया तुम जब भी मैं कहूँगा और जिससे कहूँगा उससे चुदवाओगी लाइफटाइम।
रिया: नहीं मैं ये नहीं करूँगी। ये फायदा मत उठाओ।
मै: कसम तोड़ दो और मार डालो अपनी मम्मी को।
रिया: तुम आज जितना चाहो सेक्स कर लो पर लाइफटाइम नहीं।
मै: मैंने बता दिया।
रिया: ठीक है।
और फिर मैं दीदी के बूब्स चूसने लगा और अमीर दीदी को कुतिया बनाकर उनकी गाँड चोदने लगा। फिर 8 मिनट के बाद उसने दीदी की गाँड में ही माल छोड़ दिया और फिर रिया दीदी कपड़े पहनने लगीं।
मै: नहाकर स्कर्ट-टॉप पहनकर आ जाओ अभी।
रिया: अभी क्यों?
मै: आज रात से चुदाई स्टार्ट।
और फिर दीदी नहाने चली जाती हैं।
मैं: यार ये तू क्या करना चाह रहा है?
मै: तेरी बहन से कमाई होगी।
मैं: यार ऐसा नहीं कर।
मै: बहनचोद चुप बैठ वरना निकल यहाँ से।
और मैं चुप हो गया। फिर उसने कुछ बॉयज को फोन किया जो थोड़ी देर बाद आ गए। वो 4 लोग थे जो 30 साल के होंगे और राजू उनसे कहता है—
मै: एकदम फ्रेश माल है और 5000 रुपये एक के लगेंगे।
फिर वो सब उसको 5000 रुपये दे देते हैं और सब बैठ जाते हैं। रात 11 बजे दीदी आती हैं और वो उन्हें देखकर डर जाती हैं।
मै: चल रानी इन सब से चुदाई करवानी है।
रिया: प्लीज ऐसा नहीं करो।
मै: चल सबकी सिगरेट्स जला।
दीदी सिगरेट्स जलाती हैं और उनमें से एक दीदी की स्कर्ट में हाथ डालकर उनकी पैंटी खींचकर निकाल देता है। तभी एक उनकी टॉप निकाल देता है और फिर दीदी की ब्रा भी उतार देता है। वो दीदी की स्कर्ट उठाकर उनकी चूत में अपना लंड डाल देता है और चोदने लगता है।
मै: तुम सब भी चोदो साली को।
और फिर उनमें से एक दीदी की गाँड में लंड डालकर चोदता है और एक चूत में ही थूक लगाकर अपना लंड डाल देता है और एक लंड चूसवाता है। फिर वो 2-2 राउंड दीदी को चोदते हैं और चले जाते हैं। दीदी ने चुदते हुए एक बार भी मना नहीं किया उल्टा उनके चेहरे पर मजा दिख रहा था।
मै: चल नहाकर आ।
और दीदी नहाकर फिर आती हैं।
मै: चल अब पूरी रात मुझसे चुदना है।
रिया: ऐसा नहीं करो अब तो छोड़ दो।
मै: देख तू अब मेरी रखैल है और अब से रोज तुझे चोदने वाले आएँगे।
आगे की कहानी अगले पार्ट में।