माँ को कार मे चोदा

By | September 4, 2026

Maa ki car me chudai ki kahani:- हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम रवि है। आज जो मैं इंडियन मॉम-सन सेक्स स्टोरी लेकर आ रहा हूँ वो मेरी माँ और मेरे बीच हुए सेक्स की है। मेरे पापा को हार्ट प्रॉब्लम है जिस वजह से वो माँ के साथ सेक्स नहीं करते। मेरी माँ जो कि सेक्स की देवी है, उम्र 37 साल, हाइट 5.5 और माँ एकदम पॉर्नस्टार लगती है। माँ-पापा के बीच सेक्स हुए 1 साल हो चुका है।

Maa ki car me chudai ki kahani

लेकिन अब माँ में बहुत चेंज आने लगा है। मुझे ऐसा लगता है जैसे माँ मेरे तरफ अट्रैक्ट हो रही है। पहले तो मुझे लगा कि ये मेरे मन का वहम है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से माँ मुझे अपने बूब्स की झलक दे रही थी।

माँ अपनी बॉडी तो मुझे शो कर रही थी, लेकिन उनका नेचर नॉर्मल था। शायद माँ पहल नहीं करना चाहती थी। अब रोज माँ पापा के शॉप जाने के बाद अपना पल्लू कमर से बाँध लेती। एक दिन मैं अपनी रूम की विंडो से माँ को देख रहा था। माँ को ये नहीं मालूम था। माँ मेरे रूम में झाड़ू लगाने के लिए आ रही थी।

जब माँ मेरे रूम में एंटर करने लगी तो मुझे सेड्यूस करने के लिए माँ ने पहले अपना पल्लू उतार उसे वहीं साइड में रख दिया और अपने ब्लाउज के 2 बटन खोल दिए। माँ के 70% बूब्स ब्लाउज से बाहर आ गए।

फिर माँ रूम में झाड़ू लगाने लगी। अब मुझे 100 प्रतिशत विश्वास हो गया कि माँ को सेक्स की आग लगी हुई है जो वो मेरे से ही बुझवाना चाहती है। अब मैं भी माँ के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करने लगा। माँ से बातें करता, कभी-कभी डबल मीनिंग बातें भी करता। माँ भी बहुत खुश होती। अब मैं माँ को बिल्कुल नंगा देखना चाहता था, लेकिन माँ अभी इतना आगे नहीं बढ़ी थी।

एक दिन मैं सुबह माँ के आने से पहले उठके नहाने चला गया। नहाने के बाद जब माँ मेरे रूम में सफाई करने आई तब बाथरूम से नंगा ही रूम में आ गया। मेरा लंड पूरा 9 इंच लंबा-मोटा था। माँ ने जब मुझे देखा तो शर्माते हुए एक स्माइल दी। माँ अभी तक मेरे लंड को ही देख रही थी। माँ नीचे झुककर सफाई कर रही थी।

माँ के बूब्स निप्पल तक ब्लाउज से बाहर थे। मैं माँ के पास जाकर खड़ा हो गया। मैंने माँ से माफी माँगी कि मुझे नहीं मालूम था कि आप मेरे रूम में हो, इसलिए मैं नंगा ही बाहर आ गया। माँ हँसते हुए बोली—

माँ: कोई बात नहीं। चल अब कपड़े पहन ले, क्या नंगा ही मेरे सामने खड़ा रहेगा।

फिर मैं माँ के सामने ही कपड़े पहनने लगा। माँ बेशर्मों की तरह से मेरे लंड की तरफ देख रही थी तो मैंने माँ से पूछा—

रवि: क्या हुआ माँ, क्या देख रही हो?

तो माँ घबराते हुए—

माँ: कुछ नहीं, बस ऐसे ही।

अब माँ मेरे लंड का साइज देख चुकी थी।

मैंने माँ की आँखों में अलग सी चमक देखी थी। रात को खाना खाने के बाद जब माँ बर्तन साफ करने लगी तो मेरे दिमाग में एक आइडिया आया। मैं माँ के पीछे से माँ को गले लगाकर खड़ा हो गया।

माँ: आज माँ पर बहुत प्यार आ रहा है।

रवि: माँ मैं तो आपको बहुत प्यार करता हूँ। बस आज आपके साथ बातें करने का मन कर रहा है।

फिर मैं माँ से इधर-उधर की बातें करने लगा। बातें करते हुए मैंने मौका देख माँ की गाँड में अपना खड़ा लंड पजामे के अंदर से ही माँ की गाँड की दरार में घुसा दिया।

माँ ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया तो मैंने अपना पजामा थोड़ा नीचे किया और अपना लंड माँ की गाँड की दरार में दबाने लगा। माँ को मालूम चल चुका था कि मैंने लंड बाहर निकाल लिया है। माँ भी अब एंजॉय करने लगी। माँ अपनी गाँड को आगे-पीछे करने लगी। माँ की साँसें बहुत तेज चल रही थीं। माँ अपना कंट्रोल खो चुकी थी।

माँ का पल्लू नीचे गिर गया था। मैंने हिम्मत कर अपना एक हाथ माँ के बूब पर ले गया। अब माँ से रहा नहीं गया तो माँ बोली—

माँ: बेटा मुझे नहीं मालूम था कि तुम मुझसे इतना प्यार करते हो।

तभी पापा की आवाज आई तो हम दोनों को होश आया। माँ मेरे तरफ मुड़ी, अपना पल्लू ठीक किया। मेरा लंड अभी भी पजामे से बाहर था।

माँ सब देख अनजान बनते हुए बोली—

माँ: चल अब बाकी का प्यार सुबह कर लेना। जा अब जाकर सो जा।

मैं अपने रूम में चला आया। सुबह जब मैं उठा तो माँ नहा रही थी। माँ ने बाथरूम का दरवाजा पूरा खुला रखा था। हमारे बाथरूम के ठीक सामने छोटा सा गार्डन है। माँ जानती थी कि मैं सुबह वहाँ योगा करता हूँ। जब मैं वहाँ गया तो देखा माँ बाथरूम में नंगी नहा रही थी।

माँ का फेस मेरी तरफ था लेकिन माँ अनजान बनी हुई थी। माँ को पहली बार नंगा देख मेरी तो आँखें फटी रह गईं। मेरा लंड पजामे में टेंट बन चुका था। माँ मेरे सामने नहाती रही। फिर नहाने के बाद माँ टॉवल में ही बाहर आ गई। माँ मुझे देख अनजान बनते हुए बोली—

माँ: तुम कब उठे?

रवि: माँ बस अभी ही उठा हूँ।

तो माँ ने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी और अपने रूम में चली गई।

फिर अगले दिन पापा ने कहा कि रात को हम सब बुआ के घर जाएँगे। तो हम सब तैयार होकर जब कार में बैठने लगे तो देखा पापा ने कार में बहुत सारी साड़ियाँ रखी हुई थीं, क्योंकि हमारी लेडी गारमेंट की शॉप है तो पापा ने वो सारा माल बुआ की सिटी में सप्लाई करना था। जिस वजह से पापा ने सारी कार कपड़ों से भरी हुई थी। आगे की फ्रंट सीट पर भी कपड़े थे। सिर्फ पापा के ऑपोजिट साइड वाली पीछे की एक सीट खाली थी तो मैं वहाँ बैठ गया।

जब माँ आई तो पापा से पूछा कि वो किधर बैठेगी तो पापा बोले—

पापा: एक सिर्फ एक ही सीट खाली है। तुम माँ-बेटा खुद एडजस्ट कर लो।

तो फिर मैंने माँ से कहा—

रवि: मैं आपकी गोद में बैठ जाता हूँ।

तो माँ बोली—

माँ: तू तो बहुत बड़ा है। मेरी तो टाँगें टूट जाएँगी।

फिर मैं डबल मीनिंग में माँ को अपने खड़े लंड की तरफ इशारा करता हुआ बोला—

रवि: माँ आप मेरी गोद में बैठ जाइए। मेरा बहुत मजबूत है।

माँ मेरी बात समझ गई। माँ हँसते हुए बोली—

माँ: चल आज तेरी मजबूती का टेस्ट ले लेती हूँ।

ये बोल माँ मेरी गोद में बैठने लगी तो मैंने हाथ से अपना लंड को पूरा सीधा खड़ा किया। माँ ये देख थोड़ा शर्माई फिर अपनी गाँड को मेरे लंड के ऊपर एडजस्ट कर बैठ गई। मेरा लंड माँ की गाँड की दरार में घुस चुका था। पापा को ये सब कपड़ों की वजह से नजर नहीं आ रहा था। वो सिर्फ हम दोनों के फेस देख सकते थे।

फिर पापा कार ड्राइव करने लगे। अब मैं माँ की गाँड को धीरे-धीरे झटके मारने लगा। माँ भी पूरी मस्त थी। माँ एंजॉय करते हुए बोली—

माँ: जरा मुझे पकड़कर बैठो बेटा। कहीं कार की ब्रेक से मैं गिर न जाऊँ।

ये बोलते हुए माँ ने मेरे दोनों हाथ अपने बूब्स पर रख दिए। मैं माँ के बूब्स को मसलने लगा।

माँ भी अब मेरा साथ दे रही थी। मैंने अपने दोनों हाथ माँ के ब्लाउज में डाल दिए। माँ ने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। तभी स्पीड ब्रेकर आया तो मैंने माँ के दोनों बूब्स ब्लाउज से बाहर निकाल लिए। माँ ने पीछे की तरफ फेस किया और मेरी तरफ देख स्माइल की। अब माँ के नंगे बूब्स मेरे हाथ में थे। माँ की आँखें बंद थीं। माँ धीरे-धीरे सिसकियाँ ले रही थी।

मैं माँ के बूब्स को दबाते हुए बोला—

रवि: माँ आपको मेरी गोद में बैठने में कोई तकलीफ तो नहीं हो रही?

तो माँ बोली—

माँ: बेटा नहीं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। तू तो अपने पापा से भी ज्यादा मेरा ख्याल रखते हो।

फिर मैंने माँ को थोड़ा ऊपर होने का इशारा किया तो माँ सब समझ गई। माँ ऊपर उठी तो मैंने अपनी पैंट और अंडरवियर को घुटनों तक किया। मेरा 9 इंच लंड अब पूरा नंगा माँ के सामने था।

माँ तो बस अब मेरी गुलाम बन चुकी थी। मैंने माँ के कान में कहा—

रवि: कैसा लगा अपने बेटे का साँप?

तो माँ शर्म से लाल हो गई। माँ बोली—

माँ: बेटे का साँप तो बाप से भी बड़ा है। अब बस इस साँप को अपनी माँ की चूत के अंदर डाल दे और अपनी रंडी माँ को अपनी बीवी बना ले।

फिर माँ ने अपनी साड़ी को कमर तक किया तो मैंने अपना लंड माँ की चूत में डाल दिया। रात के 10 बज चुके थे। अभी 3 घंटे का सफर बाकी था। क्योंकि रात थी तो पापा ने कार की लाइट ऑफ कर दी और बोले—

पापा: तुम दोनों सो जाओ।

अब पापा को हम दोनों में से कोई भी नहीं दिख रहा था।

फिर माँ ने मेरे कान में कहा—

माँ: बेटा मुझे तो बहुत मजा आ रहा है कि मैं तेरे पापा के पीछे तुझसे चुदवा रही हूँ।

तो मैं बोला—

रवि: माँ क्यों ना इस मजे को और भी ज्यादा एंजॉय करें। हम दोनों बिल्कुल नंगे होकर सेक्स करते हैं।

पहले तो माँ ने मना किया कि पापा को मालूम चल जाएगा। फिर मेरे फोर्स करने पर माँ मान गई।

फिर माँ और मैं बिल्कुल नंगे हो गए। माँ ने मेरे तरफ फेस किया हुआ था। मेरा लंड माँ की चूत के अंदर था। मैं माँ के दोनों बूब्स को चूसने लगा। अब माँ पूरी गरम हो चुकी थी। मैंने अपने लंड की रफ्तार तेज कर दी। माँ अब तक एक बार झड़ चुकी थी। फिर मैं माँ को लिप किस करने लगा।

10 मिनट माँ की चूत मारने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाल माँ के मुँह में दे दिया। माँ मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई पॉर्नस्टार हो। फिर मैंने माँ को पूरे एक घंटे तक चोदा। उसके बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहने। तब तक बुआ का घर आ गया।

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