Mama bhanji ki chudai हैलो दोस्तों, मेरा नाम अनूप है मैं फिर आ गया एक नयी कहानी के साथ।अपनी अधूरी कहानी पूरी करने के लिए. मैंने कहा अपनी बहिन को चोद के मेरी बुरी नजर मेरी भांजी की ओर पड़ी .
वो 19 साल की हो गयी थी मैं ज्यादातर उनके घर रहता जब जीजू घर पर नहीं रहते थे .
मैंने दीदी को तो चोदा था लेकिन उसकी बेटी नेहा पर नजर थी.
एक दिन जब उनके घर पे था तब जीजू आ गए और कहा राज कल मुझे बहार जाना है
कल से यही रुक जाना. दीदी ने कहा की कल से क्यों आज से क्यों नहीं.
वैसे मैं हमेशा जीजू की गैर हाजिरी में वही रहता था. लेकिन
Mama bhanji ki chudai ki kahani
ओर दिन वह मुझे फ़ोन कर देते और मैं उनके जाने के दिन वही रुक जाता था.
पहली बार ऐसा हुआ की उनके जाने से एक दिन पहले मैं उनके घर पर था.

दीदी ने मुझसे कहा नेहा को अपने पास सुला लो क्युकी तुम्हारे जीजू मेरी चुत चोदेगे.
मेरी पहली कहानी में आपने पढ़ा होगा की मैं अपनी दीदी को चोद चूका था इसलिए उन्होंने मुझसे बेझिजक ऐसा कहा.
मैंने उनसे कहा मेरा क्या होगा. उन्होंने कहा कल से तुम चोदना मुझे .
मैंने कहा ठीक है. फिर रात को सब खाना खा के अपने अपने कमरे में सोने चले गए.
मैं बिस्तर पर था मेरी भांजी स्कर्ट पहन कर मेरे पास सो गयी. विंटर का मौसम था.
मैं पहले से बिस्तर में था तो मेरा बदन गरम हो चूका था.
वह जब सोने आयी तो उसके पैर काफी ठंडे थे उसने मेरे पैर पर अपना पैर रखा.
मैंने पूछा ठण्ड लग रही है उसने हा कहा और मुझसे चिपक गयी.
मैंने उसे जोर से पकड़ लिया.
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मैंने एक हाथ उसके पेंटी में डाला तो उसको गुदगुदी हुई और कहा मामा क्या कर रहे हो.
मैंने प्यार से उसके गाल पे पप्पी दी और कहा तुम्हे ठण्ड लग रही है न तुमको गर्म कर रहा हु.
उसने पूछा कैसे मैंने कहा तुम आखे बंद करो मैं तुम्हे 5 मिनट में गरम कर दूंगा.
उसने कहा ठीक है
और मैंने उसके पेंटी को हटाया और उसके चुत पे अपना जीभ रख के चाटने लगा
तो वह हसने लगी और कहा गुदगुदी हो रही है.
मैंने कहा ठीक है और उसके होठ पे अपना होठ रख के अपना एक ऊँगली उसकी चुत में घुसा दिए
और अंदर बहार करने लगा. उसे मजा आने लगा और वह शांत हो के मजा लेने लगी.
मैंने कहा जहा ऊँगली है वह चुत है क्या उसने कहा हा.
मैं फिर उसके चुत को चाटने लगा और वह मजे लेने लगी.
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मैंने पूछा गरम लग रहा है वह कुछ नहीं बोली
मेरा सर पकड़ के अपने जांघ पर दबाने लगी मानो जैसे कह रही हो चाटते रहो.
वह आवाजे निकल रही थी उम्.. आठ उफ्फ्फ मैं ये आवाज सुन के पागल हो रहा था
उसके चुत को जोर से चाट रहा था. खट्टा खट्टा लग रहा था लेकिन नरम नरम था मन कर रहा था काट के खा जाऊ.
मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिए और कहा खा लो.
उसने मुँह में लिया लेकिन निकाल दिया. मैंने कहा मुँह में डालो और चुसो.
वह लेना नहीं चाहती थी तो मैंने सोचा जबरदस्ती कर के फायदा नहीं है और
अपना लंड उसके चुत पर रख के धक्का लगाया. वह रोने लगी और कहा ऐसा मत करो.
मैंने लंड निकल गया क्युकी उसकी चुत बहुत छोटी थी.
मैंने कहा तुम इसे चुसो नहीं तो फिर मैं अंदर डालूंगा.
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वह मान गयी और चूसने लगी और मैं उसके चुत को चाटने लगा.
मैंने अपना सारा पानी उसके मुँह में छोड़ दिया . उसके बुर से पानी निकला लेकिन थोड़ा.
मैंने सोचा बच्ची है उम्र नहीं हुआ है. फिर मैंने उसके दोनों जांघ के बिच में अपना लंड रख के कहा सो जाओ.
रात भर लंड को 3 बार हिला के उसके जांघो पे अपना पानी छोरा.
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अगले दिन उसकी मम्मी को चोद रहा था तो वह अचानक उठ गयी और कहा मुझे यही सोना है मां के साथ…
फिर क्या हुआ… ये मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगा की कैसे फिर मैंने अपनी सगी बहन ओर अपनी बहन की बेटी को कैसे चोदा क्युकि नेहा की चुत बहुत छोटी थी….बहन ने फिर सात दिया बेटी की सील तोड़ने में………मिलते है इसके दुसरे भाग में……
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