Badi Maa ki chudai ki chahat:- दोस्तो, मैं विक्की आज अपने सब प्यारे दोस्तों के लिए फिर अपनी एक ब्रांड न्यू माँ-बेटा हॉट स्टोरी लेकर आया हूँ। मुझे पता है दोस्तो, मैं आज बहुत समय बाद आपके लिए अपनी ये नई कहानी लेकर आया हूँ। मुझे मेरे दोस्तों के काफी सारे ई-मेल्स आए कि मैं कहाँ हूँ, कब अपनी नई कहानी लेकर आऊँगा।
दोस्तो उसके लिए मुझे माफ करना। मैं अपनी लाइफ में कुछ ज्यादा ही बिजी हो गया था। पर दोस्तो अब आपका ये इंतजार खत्म करते हुए आज मैं फिर से अपनी जिंदगी का एक और सच आप सब से शेयर कर रहा हूँ। मुझे पूरी उम्मीद है आपको मेरी पहले वाली कहानियों की तरह मेरी ये वाली कहानी भी बहुत ही पसंद आएगी।
Badi Maa ki chudai ki chahat hindi sex story
तो चलिए मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ।
दोस्तो, ये बात तब की है जब मैं बीस साल का था और आज मेरी उम्र छब्बीस साल हो चुकी है। जब हम सब एक साथ रहते थे मतलब कि एक जॉइंट फैमिली में एक साथ रहते थे। उस टाइम मेरी फैमिली में बहुत सारे लोग रहते थे इसलिए उन सब को बताना बहुत मुश्किल हो जाएगा। पर मैं आप बता दूँ उस टाइम हमारे घर में मेरी बड़ी माँ और बड़े पापा भी रहते थे। जब से मैं दस साल की उम्र में आया था तब से मैं अपनी बड़ी माँ का दीवाना सा बन चुका था।
क्योंकि उसी टाइम मुझे स्कूल के दोस्तों ने थोड़ी-थोड़ी सेक्स की नॉलेज देनी शुरू कर दी थी। और उसके बाद मैंने अपनी बड़ी माँ को देखना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उनके प्रति मेरा लगाव बढ़ने लग गया।
दोस्तो मैं अपनी बड़ी माँ के बारे में पहले आपको थोड़ा-बहुत बता दूँ ताकि आप अपने दिमाग में थोड़ी-बहुत मेरी बड़ी माँ की तस्वीर बना लें और जिससे आपको ये कहानी पढ़ने में और भी मजा आएगा। जिस टाइम मैंने उनके साथ सेक्स किया था उस टाइम उनकी उम्र अट्ठाईस साल थी और वो दिखने में बाईस साल की लगती थीं। वो बहुत ही जवान टाइप की माँ थीं।
बड़ी माँ ज्यादातर साड़ी ही पहनती थीं और साथ में डीप नेक का ब्लाउज। उनका रंग गोरा और साइज ३४-३२-३८ होगा। जैसा कि आप साइज से पता चल रहा होगा कि उनकी गाँड कितनी बड़ी थी। मैं भी उनकी मोटी मटकती गाँड का दीवाना था। उनके चेहरे की बात करूँ तो उनके होठ इस उम्र में भी गुलाबी थे और उनकी मोटी-मोटी नशे से भरी हुई आँखों में कोई भी डूब सकता था।
खैर अब मैं वापस अपनी कहानी पर आता हूँ। धीरे से मैं अपनी बड़ी माँ को चुप-चुप कर उनके जिस्म को देखने लग गया और जब वो कपड़े चेंज करती थीं तब मैं उनके कमरे की विंडो में से उन्हें चुपकर देखता। ऐसे ही दो साल कब गुजर गए मुझे पता ही नहीं चला। पिछले दो सालों में मैंने बड़ी माँ के नाम की न जाने कितनी मुठें मारीं।
अब हाल ये था कि जब वो नहाने जातीं तो मैं चुपकर बाथरूम के बाहर से उन्हें नहाते हुए देखता और वहीं खड़ा होकर मुठ मारने लगता। अब मेरा ये रोज का काम था। एक दिन की बात है, रोज की तरह शाम को बड़ी माँ बाथरूम में नहाने जा रही थीं। मैं उनके ही इंतजार में बैठा था और जैसे ही वो बाथरूम में घुसीं तो मैं भी आ गया और बाथरूम के दरवाजे वाली जाली में से उन्हें देखने लग गया। उन्होंने मेरे सामने अपने सारे कपड़े एक-एक करके उतार दिए और कुछ ही पलों में मेरे सामने पूरी नंगी हो गईं।
फिर वो नहाने लग गईं। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उन्हें देखकर मुठ मारने लग गया। नहाते हुए बड़ी मम्मी और भी ज्यादा सेक्सी लगती थीं। अचानक ही उन्होंने मुझे देख लिया और मैं झट से वहाँ से चला गया। आज मेरी गाँड फट चुकी थी क्योंकि मुझे पता था कि अब बड़ी मम्मी मेरी मम्मी को बता देंगी और आगे जो मेरे साथ होना है वो मैं सोच भी नहीं सकता था।
मैं बहुत डरा हुआ था। रात को जब हम सब एक साथ बैठकर डिनर कर रहे थे तब बड़ी माँ मुझे बार-बार शक भरी निगाहों से देख रही थीं। मैं उनसे जानकर नजरें नहीं मिला रहा था क्योंकि मैं अंदर से पूरी तरह से डरा हुआ था।
अगले ही दिन हमारे बहुत ही खास रिश्तेदार की डेथ हो गई और सारे घरवाले वहाँ दो दिन के लिए चले गए। मेरे एग्जाम होने वाले थे और बड़ी माँ की कुछ तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए हम दोनों घर पर रुक गए और बाकी सब चले गए। मैं बहुत ही डरा हुआ था कि अब न जाने क्या होगा मेरे साथ इसलिए मैं चुपचाप अपने रूम में बैठकर स्टडी कर रहा था।
करीब दस बजे बड़ी मम्मी ने मुझे आवाज लगाकर अपने कमरे में बुलाया। मैं अंदर गया तो देखा आज बड़ी मम्मी ने रेड कलर का बहुत ही सेक्सी गाउन डाला हुआ था और बहुत ही सेक्सी मेकअप किया हुआ था। उन्हें देखते ही मुझे कुछ-कुछ होने लग गया।
उन्होंने मुझे अपने पास बेड पर बिठाया और मेरी स्टडी के बारे में पूछने लग गईं और फिर कुछ देर उन्होंने मेरे साथ इधर-उधर की बातें करीं। इससे मुझे लगा सब ठीक है, मेरी थोड़ी टेंशन कम हो गई। पर तभी बड़ी मम्मी ने कहा—
बड़ी माँ: अच्छा अब सच-सच बताओ, कल तुम ही थे ना बाथरूम के बाहर?
मैं एकदम घबरा गया।
विक्की: नहीं तो और कौन सा बाथरूम? और बड़ी माँ मैं बाथरूम के अंदर जाता हूँ, बाथरूम के बाहर मेरा क्या काम।
बड़ी माँ थोड़े गुस्से में बोलीं—
बड़ी माँ: ज्यादा चालाक बनने की कोई जरूरत नहीं है, समझे।
विक्की: बड़ी माँ मैं सच ही बोल रहा हूँ और मैं तो समझ भी नहीं पा रहा हूँ कि आप किस बारे में बात कर रही हैं।
अब बड़ी माँ बहुत ही गुस्से में बोलीं—
बड़ी माँ: अच्छा मैं अभी बताती हूँ तुम्हारी माँ को फोन पर सब। शायद तभी तुम सच बोलोगे।
ये सुनते ही मैं डर गया और सीधा उनके पैरों में गिरकर बोला—
विक्की: हाँ बड़ी माँ, वो मैं ही था। प्लीज मुझे माफ कर दो। प्लीज आप मम्मी को कुछ मत बताओ। आपने मुझे जो भी सजा देनी है अभी दे दो पर प्लीज मम्मी को कुछ मत बताओ प्लीज।
तभी बड़ी माँ ने मुझे उठाया और अपने पास बिठाते हुए बोलीं—
बड़ी माँ: तुम मुझे पहले ही बता देते तो मैं कुछ नहीं कहती। तुम्हें अच्छे से पता है कि मुझे झूठ पसंद नहीं है।
विक्की: बड़ी माँ मुझे बहुत डर लग रहा था इसलिए मैं सच नहीं बोल पाया आपके सामने।
बड़ी माँ: चलो कोई बात नहीं। अच्छा अब ये बताओ ये सब कब से चल रहा है।
विक्की: ये सब तो दो साल से चल रहा है।
बड़ी माँ एकदम हैरान होते हुए बोलीं—
बड़ी माँ: क्या? दो साल से तुम मुझे रोज नंगी देखते हो?
विक्की: हाँ बड़ी माँ। मुझे आप बहुत ही पसंद हैं। मैं आपका दीवाना बन चुका हूँ। मैं दिन-रात आपके ही बारे में सोचता हूँ। मुझे तो अब ऐसा लगता है शायद मुझे आपसे प्यार हो गया है।
बड़ी माँ: अच्छा जी? क्योंकि तुम्हें कोई लड़की पसंद नहीं आती क्या और तुम्हारी अभी तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी?
विक्की: मुझे आपसे ही फुरसत नहीं मिलती तो मैं किसी और की तरफ देख भी कैसे सकता हूँ।
ऐसे ही मैं कुछ देर उनसे बातें करता रहा और मुझे लगा कि आज मेरे पास बहुत ही अच्छा मौका है। क्यों न इस मौके का पूरा फायदा उठाया जाए। इसलिए मैं बोला—
विक्की: बड़ी माँ अगर आप बुरा न मानें तो मैं आपको अभी यहाँ पूरी नंगी देखना चाहता हूँ।
ये सुनते ही उन्होंने मुझे एक थप्पड़ मार दिया।
बड़ी माँ: तुम्हें शर्म नहीं आती क्या अपनी बड़ी माँ से ऐसी बातें करते हुए?
विक्की: अभी तो आप पिछले तीस मिनट से ऐसी बातें कर रही हैं तब आपको शर्म नहीं आई क्या? मुझे नहीं पता। मुझे अभी आपको नंगी देखना है।
और मैं करीब पंद्रह मिनट तक ऐसे ही उनसे जिद करता रहा और आखिर वो मान गईं। पर उन्होंने मुझसे कहा कि दूर से देखना है। मैं मान गया और बड़ी माँ मेरे सामने पूरी नंगी हो गईं। मेरा लंड पजामे में पूरा खड़ा हो गया।
मैंने उन्हें छूने की इजाजत माँगी पर उन्होंने पहले दी नहीं। पर फिर मान गईं। मैं उनके पास गया और उनके बूब्स को धीरे-धीरे मसलने लग गया। मैं उनके बूब्स को चूसना चाहता था पर उन्होंने मुझे एक थप्पड़ मार दिया जिससे मुझे बहुत ही गुस्सा आया और इसलिए मैंने उन्हें पकड़ा और बेड पर गिरा दिया और फिर खुद उनके ऊपर गिरकर उनके होठों पर अपने होठ रख लिए और जोर-जोर से उनके होठों का रस पीने लग गया।
दोनों हाथों से उनके बूब्स को मसलता रहा। कुछ ही देर में बड़ी माँ शांत हो गईं और फिर खुद ही मुझे नीचे धक्का देते हुए मेरा मुँह अपनी टाँगों के बीच सेट कर लिया और फिर मेरा सिर पकड़कर मुझसे अपनी चूत चटवाने लग गईं। मैं भी अपनी जीभ बाहर निकालकर उनकी चूत चाटने लग गया। बड़ी माँ धीरे-धीरे पूरी मस्त होने शुरू हो गईं और मुझे भी अब मजा आने लग गया।
मैं अपनी जीभ उनकी चूत में डालकर उनकी चूत को चाट रहा था। कुछ ही देर में उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया और बड़ी माँ जबरदस्ती मुझसे अपनी चूत का सारा पानी चटवाया और अपनी चूत पूरी साफ करवाई। उसके बाद उन्होंने मेरे कपड़े उतारे और जब उन्होंने मेरा अंडरवियर नीचे किया और मेरा सात इंच का लंड एकदम बाहर निकला उनके मुँह पर लगा।
जिससे वो एकदम डर गईं।
बड़ी माँ: अरे भगवान! ये क्या है इतना बड़ा? इतने में तो दो लंड निकल जाएँ तुम्हारे बड़े पापा के। इसे मैं कैसे अंदर लूँगी? ये तो मेरे लिए बहुत बड़ा है।
मैंने अपने लंड को हिलाते हुए उनके मुँह के अंदर घुस दिया।
विक्की: जैसे अब ये आपके मुँह के अंदर जा रहा है वैसे ही चूत में भी घुस जाएगा।
और पहले मैंने दस मिनट तक अपना लंड पूरा उनके गले के अंदर डालकर अच्छे से चूसवाया और फिर उनकी टाँगों के बीच बैठकर अपना लंड उनकी चूत पर सेट करके थोड़ा सा जोर लगाया जिससे मेरा लंड करीब दो इंच अंदर घुस गया।
बड़ी मम्मी एकदम अकड़ गईं।
बड़ी माँ: बेटा धीरे से डालना प्लीज।
ये सुनते ही मैं उनके ऊपर आ गया और उनके होठों को अपने होठों में लेकर एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा पूरा लंड जड़ तक उनकी चूत में घुस गया। बड़ी माँ मेरे नीचे तड़पने लग गईं पर मैं बिल्कुल नहीं हिला और न ही अपने लंड को हिलने दिया।
कुछ ही देर में बड़ी माँ शांत हो गईं और उसके बाद मैंने उनकी जोर-जोर से चुदाई करना शुरू कर दिया। करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद अब बड़ी माँ भी मेरी चुदाई में साथ देने लग गईं। फिर मैंने उन्हें घोड़ी बनाया और पीछे से उन्हें चोदने लग गया। पीछे से चोदने में उन्हें ज्यादा दर्द हो रहा था जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उन्हें करीब बीस मिनट और ऐसे ही चोदा और फिर आखिर में अपने लंड का सारा पानी उनकी चूत में ही निकाल दिया।
उसके बाद हम दोनों एक साथ बाथरूम में गए और नहाए और अगले दो दिन तक दिन-रात हम दोनों ने घर के हर एक कोने में जाकर चुदाई करी।